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मणिपुर: सेना की गाड़ियां फूंकी, बैरक को बनाया निशाना, असम राइफल्स के शिविर में भीड़ ने की तोड़-फोड़

अधिकारियों ने बताया कि यह हिंसा जिला मुख्यालय में स्थित अर्द्धसैनिक बल के शिविर में मंगलवार सुबह साढ़े नौ बजे हुई जब भीड़ ने बैरक पर हमला किया।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया 

मणिपुर के सेनापति जिले के एक इलाके में सुरक्षा बलों द्वारा तलाशी अभियान चलाए जाने के कुछ घंटों बाद भीड़ ने पथराव किया, असम राइफल्स के शिविर में तोड़-फोड़ की और सुरक्षाकर्मियों की तीन गाड़ियों में आग लगा दी। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि यह हिंसा जिला मुख्यालय में स्थित अर्द्धसैनिक बल के शिविर में मंगलवार सुबह साढ़े नौ बजे हुई जब भीड़ ने बैरक पर हमला किया।

रक्षा जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) ने एक बयान में कहा कि ओकलांग में ‘नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड-इसाक मुइवा’ (एनएससीएन-आईएम) के निर्धारित शिविर से लगभग दो किलोमीटर पश्चिम में मकुइलॉन्गडी इलाके में हथियारबंद काडरों की मौजूदगी की विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिलने के बाद असम राइफल्स ने इलाके में गश्त और तलाशी अभियान शुरू किया था।

अधिकारी ने कहा, ‘‘खुफिया रिपोर्ट और सोशल मीडिया पोस्ट से पता चला कि हथियारबंद काडर निर्धारित शिविरों के बाहर घूम रहे थे; वे हथियार लिए हुए थे और वर्दी पहने हुए थे जो साफ तौर पर संघर्षविराम के तय नियमों का उल्लंघन था। उन्होंने यह भी बताया कि इन उल्लंघनों की जानकारी संघर्षविराम निगरानी समूह (सीएफएमजी) को औपचारिक रूप से दे दी गई थी। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान असम राइफल्स की टुकड़ियां मकुइलॉन्गडी और ओकलांग गांवों की ओर बढ़ीं लेकिन उन्हें वहां के निवासियों ने उन्हें रोक दिया। इन निवासियों में महिलाएं भी शामिल थीं।

अधिकारी ने बताया कि तनाव बढ़ने के बीच रात करीब नौ बजे खबर मिली कि सेनापति शहर में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई है और वे लोग असम राइफल्स के शिविर की ओर मार्च करने की तैयारी कर रहे हैं। बयान में कहा गया है कि टुकड़ियों के हटने के बावजूद रात करीब साढ़े नौ बजे एक बड़ी भीड़ शिविर तक पहुंच गई और पत्थरबाजी की जिससे संपत्ति को नुकसान पहुंचा और आगजनी की कोशिश भी की गई। यह शिविर जिले के नगा तापहोऊ में स्थित है।

अधिकारी ने बताया कि भीड़ ने असम राइफल्स की गाड़ियों में तोड़-फोड़ की और उन्हें नुकसान पहुंचाया। उन्होंने कहा, ‘‘एक हल्के वाहन में आग लगा दी गई, जबकि दो ट्रकों को पलटकर क्षति पहुंचाई गई और हिंसा के दौरान एक आम नागरिक की कार भी जला दी गई। बयान में कहा गया है कि हिंसक भीड़ को तितर-बितर करने और स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए मणिपुर पुलिस के साथ मिलकर हल्का बल प्रयोग किया गया। बयान में कहा गया है कि स्थिति को नियंत्रित करने में सुरक्षाकर्मियों की मदद के लिए सेनापति पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) को तुरंत तैनात किया गया।

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