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जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट को लेकर डरी मोदी सरकार, नई दिल्ली में आज रात 10 बजे से 24 घंटे के लिए इंटरनेट बंद

आदेश के तहत मोबाइल इंटरनेट की सभी तकनीकों पर रोक लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया, जियो और एमटीएनएल सहित संबंधित दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को आदेश का पालन सुनिश्चित करने को कहा है।

जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट को लेकर डरी मोदी सरकार, नई दिल्ली में आज रात 10 बजे से 24 घंटे के लिए इंटरनेट बंद
जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट को लेकर डरी मोदी सरकार, नई दिल्ली में आज रात 10 बजे से 24 घंटे के लिए इंटरनेट बंद फोटोः IANS

केंद्र ने नई दिल्ली क्षेत्र में इंटरनेट सेवा पर रोक लगाई

जंतर-मंतर के पास 4 किलोमीटर के दायरे में नेट बंद

आज रात 10 बजे से कल रात 10 बजे तक इंटरनेट बंद

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले मोदी सरकार का आदेश

राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को वोट चोरी और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सीजेपी के प्रदर्शन से पहले मोदी सरकार ने नई दिल्ली क्षेत्र में इंटरनेट सेवा पर रोक लगा दी है। इसके तहत नई दिल्ली में जंतर-मंतर के आसपास 4 किलोमीटर के दायरे में आज रात 10 बजे से 10 अक्टूबर रात 10 बजे तक इंटरनेट सेवाएं निलंबित रहेंगी।

4 किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट बंद

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नई दिल्ली क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद करने की मंजूरी दी है। जनपथ-कर्तव्य पथ क्रॉसिंग के आसपास 4 किलोमीटर के दायरे में आज रात से 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद रहेंगी। यह फैसला सभी मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर लागू होगा। हालांकि दिल्ली के बाकी हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं अप्रभावित रहेंगी।

गृह मंत्रालय ने अस्थायी निलंबन को मंजूरी दी

गृह मंत्रालय ने इस अस्थायी निलंबन को मंजूरी दी है। आदेश के तहत मोबाइल इंटरनेट की सभी तकनीकों पर रोक लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया, जियो और एमटीएनएल सहित संबंधित दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को आदेश का पालन सुनिश्चित करने को कहा है। यह आदेश दूरसंचार अधिनियम, 2023 और दूरसंचार सेवा निलंबन नियम, 2024 के तहत जारी किया गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने मेट्रो-ट्रेन बंद नहीं करने का दिया निर्देश

इससे पहले आज ही सुप्रीम कोर्ट ने 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली में मेट्रो सेवाओं को बंद करने और कई ट्रेनों को रद्द करने पर केंद्र की खींचाई की थी। शीर्ष कोर्ट ने केंद्र सरकार को मेट्रो सेवाओं और रेल सेवाओं को पूरी तरह बंद नहीं करने का निर्देश देते हुए कहा कि आप सबकुछ ठप नहीं कर सकते। शीर्ष अदालत ने केंद्र से कहा कि सेवाओं का नियंत्रित संचालन जारी रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि आम जनता को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना भी शामिल हैं, ने शुक्रवार को यह आदेश दिया। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को आश्वासन दिया कि अधिकारी प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए लगाए गए प्रतिबंधों पर पुनर्विचार करेंगे।

मेट्रो-ट्रेन नियंत्रित तरीके से संचालित करने का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसके समक्ष मुख्य सवाल यह है कि प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए कुछ मेट्रो स्टेशनों से ट्रेनों और अन्य रेल सेवाओं को पूरी तरह रोकना उचित और आनुपातिक प्रतिबंध है या नहीं। पीठ ने स्पष्ट किया कि आवाजाही पर पूर्ण रोक लगाने और सेवाओं को नियंत्रित तरीके से संचालित करने में अंतर है। अधिकारियों को एहतियाती कदम उठाते समय आनुपातिकता के सिद्धांत को ध्यान में रखना चाहिए। सॉलिसिटर जनरल के आश्वासन के आधार पर अदालत ने कहा कि मेट्रो ट्रेनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक नहीं होगी। अदालत ने अधिकारियों को नियंत्रित संचालन से संबंधित फैसले का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का भी निर्देश दिया, ताकि यात्रियों को समय रहते जानकारी मिल सके।

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