
मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ है कि अब जिले के महू कस्बे में दूषित पेयजल पीने से कई लोगों के बीमार होने से हड़कंप मच गया है। घटना के बाद जागे प्रशासन ने क्षेत्र में दो अस्थायी अस्पताल स्थापित किए हैं और 12 सर्वेक्षण टीम तैनात की हैं। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
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इंदौर प्रशासन के अनुसार, शुक्रवार को महू के पट्टी बाजार क्षेत्र में जलजनित बीमारी से पीड़ित कम से कम 12 संदिग्ध मरीज सामने आए हैं। हालांकि, स्थानीय लोगों का दावा है कि इलाके में दूषित पेयजल पीने से करीब 24 लोग बीमार हुए हैं। प्रशासन ने एक बयान में कहा कि जिलाधिकारी शिवम वर्मा के निर्देश पर शुक्रवार को पट्टी बाजार क्षेत्र में सर्वेक्षण के लिए 12 टीम भेजी गईं, जिन्होंने अब तक 80 से अधिक घरों का सर्वेक्षण किया है।
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बयान में कहा गया है कि प्रभावित क्षेत्र की आबादी लगभग 2,500 है। क्षेत्र में दो अस्थायी अस्पताल बनाए गए हैं। बयान के अनुसार, अब तक 12 संदिग्ध मरीजों की पहचान की गई है, जिनका इलाज जारी है। इनमें से आठ मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि दो मरीजों को स्वस्थ होने के बाद छुट्टी दे दी गई।
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मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. माधव प्रसाद हसानी ने बताया कि पट्टी बाजार क्षेत्र से रक्त और पानी के नमूने जांच के लिए एकत्र किए जा रहे हैं। प्रशासन ने स्थानीय बाल रोग विशेषज्ञों सहित दो अन्य शिशु रोग विशेषज्ञों को भी प्रभावित क्षेत्र में तैनात किया है।इसके अलावा, प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में ओआरएस, ग्लूकोज, जिंक और क्लोरीन की गोलियों का वितरण भी शुरू कर दिया है।
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स्थानीय लोगों ने भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप में अब तक 25 लोगों की मौत का दावा किया है, जबकि राज्य सरकार ने उच्च न्यायालय में 15 जनवरी को पेश स्थिति रिपोर्ट में इस प्रकोप के दौरान पांच माह के बालक समेत सात लोगों की मौत का जिक्र किया था।
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