
मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड पर बिहार में मचा सियासी घमासान को लेकर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देने वाले हैं। धरने से पहले तेजस्वी ने सीएम नीतीश कुमार के नाम खुला पत्र लिख उनपर निशाना साधा है।
तेजस्वी ने पत्र में लिखा है, “महीनों की रहस्यमयी चुप्पी देखकर मैं यह खुला पत्र लिखने को विवश हुआ हूं। यह विशुद्ध रूप से गैर-राजनीतिक पत्र है। बच्चियों के साथ हुई अमानवीय घटना से मैं सो नहीं पाया हूं। आप कैसे चुप रह सकते हैं। यह आपसे बेहतर कौन जानता होगा?”
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तेजस्वी यादव ने पत्र में आगे लिखा है, “मैं दुखी हूं क्योंकि जिनकी खिलौने से खेलने की उम्र थी वे खिलौना बन गईं। वो अनाथ मासूम लड़कियां किसी का वोटबैंक नहीं हैं इसलिए हमें क्या लेना-देना? उनसे हमारा कोई रिश्ता थोड़े ना था, वे लुटती रहीं, पिटती रहीं, शर्मशार होती रहीं, बेइज्जत होती रहीं, कराहती रहीं, चीखती रहीं, मरती रहीं और सरकार गहरी नींद में सोती रही।”
उन्होंने राज्य सरकार पर संरक्षण देने का भी आरोप लगाते हुए लिखा, “आपकी सरकार के संरक्षण उनका ऐसा शोषण हुआ जिसे सोचकर रूह कांप जाती है। क्या यही सुशासन है जहां, पुलिस ने आंखे मूंद ली थी। यह समाज और सरकार का सबसे घिनौना, सबसे गंदा चेहरा है।”
तेजस्वी ने कहा कि बालिका गृह ब्रजेश ठाकुर का नहीं, बल्कि सरकार का था, क्योंकि समाज कल्याण विभाग से संचालित हो रहा था। निजी संस्था की रिपोर्ट मिलने के 55 दिन बाद तक किसी ने सुध नहीं ली। उल्टे जिस दिन संस्था पर एफआइआर हुई, उसी दिन राज्य सरकार की ओर से उसे एक और टेंडर दे दिया गया।
हालांकि नेता प्रतिपक्ष ने सीबीआइ जांच पर संतोष जाहिर किया और कहा कि देर से ही सही, लेकिन बेटियों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
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