
उत्तर भारत इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। 20 मई 2026 को देश के कई हिस्से आग की भट्टी में तब्दील हो गए, जहां तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक देश के लगभग 50 प्रतिशत हिस्से में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, विदर्भ और ओडिशा समेत कई राज्यों में गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है।
Published: undefined
सबसे ज्यादा तापमान उत्तर प्रदेश के बांदा में रिकॉर्ड किया गया, जहां पारा 48.0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा खजुराहो में 47.4°C, वर्धा में 47.1°C, रोहतक में 46.9°C और नागपुर और नौगांव में 46.6°C तापमान दर्ज किया गया। श्रीगंगानगर 46.5°C, अमरावती 46.4°C, चंद्रपुर और हमीरपुर 46.2°C, जबकि झारसुगुड़ा और दमोह में 46.0°C तापमान रिकॉर्ड किया गया।
Published: undefined
IMD के आंकड़ों के अनुसार झांसी में 45.9°C, अंबाला में 45.8°C, मंडला में 45.6°C और हिसार में 45.4°C तापमान दर्ज किया गया। वहीं सतना, संबलपुर, पिलानी और आगरा में पारा 45.3°C तक पहुंच गया। अकोला, यवतमाल और उरई में 45.2°C, जबकि पटियाला, रेंटाचिंतला, खम्मम और हीराकुंड में 45.0°C तापमान रिकॉर्ड किया गया। लगातार बढ़ते तापमान ने उत्तर भारत से लेकर मध्य और पूर्वी भारत तक हालात बेहद गंभीर कर दिए हैं।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक मई के अंत तक राहत मिलने की संभावना फिलहाल कम दिखाई दे रही है। उत्तर-पश्चिम भारत, पश्चिमी भारत, मध्य भारत, पूर्वी भारत और उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत के बड़े हिस्सों में तापमान 40 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है। इसके साथ ही आने वाले दिनों में लू की स्थिति भी जारी रहने की आशंका जताई गई है।
Published: undefined
भीषण गर्मी का सबसे ज्यादा असर खेतों में काम करने वाले किसानों, मजदूरों और सड़क पर काम करने वाले लोगों पर पड़ रहा है। दोपहर के समय गर्म हवाओं के कारण काम करना मुश्किल हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को दोपहर में बाहर निकलने से बचने, ज्यादा से ज्यादा पानी पीने, ORS का सेवन करने और हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनने की सलाह दी है।
Published: undefined
गर्मी की गंभीर स्थिति को देखते हुए कई राज्यों में प्रशासन अलर्ट मोड पर है। स्कूलों के समय में बदलाव किए जा रहे हैं, जबकि पशुओं के लिए छाया और पानी की व्यवस्था पर भी जोर दिया जा रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि अगर अगले कुछ दिनों में प्री-मॉनसून बारिश या ठंडी हवाएं नहीं चलीं, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
Published: undefined
Google न्यूज़, व्हाट्सएप, नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia
Published: undefined