
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए पश्चिम बंगाल चुनाव की मतगणना की सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में 'मतगणना नहीं, मनगणना' हो रही है। उन्होंने 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव को लोकतंत्र बचाने की निर्णायक लड़ाई बताते हुए जीत का दावा किया।
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अखिलेश यादव ने लखनऊ में पार्टी मुख्यालय पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बीजेपी पर चुनावी धांधली के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “डेमोक्रेसी खत्म नहीं हुई है, हमें उसे जिंदा रखना है। 2027 में जनता और कार्यकर्ता मिलकर बड़ी जीत हासिल करेंगे।” उन्होंने मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसकी सीसीटीवी लाइव फुटेज सार्वजनिक की जानी चाहिए। कहीं ऐसा न हो कि 5 प्रतिशत का भंडाफोड़ 95 प्रतिशत न करने लगें।
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अखिलेश यादव ने दावा किया कि चुनावों में 'मल्टी लेयर इलेक्शन माफिया' सक्रिय हैं और कुंदरकी और रामपुर उपचुनाव में 'वोटों की डकैती' हुई। उन्होंने इसे बीजेपी का '10 नंबरी मॉडल' बताते हुए आरोप लगाया कि सत्ता में बने रहने के लिए चुनावी प्रक्रिया से छेड़छाड़ की जा रही है।
पश्चिम बंगाल के संदर्भ में उन्होंने कहा कि वहां 'वोट की शर्मनाक लूट' हुई और प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग किया गया। उन्होंने यह भी घोषणा की कि वह गुरुवार को पश्चिम बंगाल जाएंगे और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी से मुलाकात करेंगे। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि इंडिया गठबंधन बरकरार रहेगा।
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चुनावी रणनीति को लेकर अखिलेश यादव ने बताया कि समाजवादी पार्टी ने चुनावी कंसल्टेंसी कंपनी आई पैक के साथ करार समाप्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि कुछ महीनों तक उन्होंने हमारे साथ काम किया, लेकिन अब फंड की कमी के कारण हम साथ काम नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने चुनावी सर्वे एजेंसियों और कंपनियों पर भी निशाना साधते हुए कहा, “कुछ लोगों ने सलाह दी कि सी-वोटर, एवीएम और 360 जैसी कंपनियों से जुड़िए, लेकिन ये सब बीजेपी के लिए काम करती हैं।”
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उन्होंने यह भी आरोप लगाया, “कुछ अंडरकवर अधिकारी एक विचारधारा के तहत काम कर रहे हैं, जिनका खुलासा किया जाएगा।” अखिलेश यादव ने कहा कि 2027 का चुनाव लोकतंत्र और संविधान बचाने की लड़ाई होगा। पीडीए का वोट सबसे ज्यादा है और बीजेपी के पास उसका कोई जवाब नहीं है।
चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, “मैं कई ऋषि-मुनियों और ज्योतिषियों से मिला हूं। जो पंडित जी कहेंगे, वही करेंगे। 2012 में सरकार बनी थी, 2027 में फिर बनाएंगे।” इस दौरान उन्होंने महिलाओं के लिए पार्टी आधारित आरक्षण की वकालत करते हुए कहा कि पहले जातीय जनगणना होनी चाहिए और उसके आधार पर आबादी के अनुपात में आरक्षण लागू किया जाए।
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