
देश में निजी विमान सेवा सेक्टर के कारोबार में आए उछाल के बीच निजी एयरलाइंस की ओर से लापरवाही की घटनाएं भी बढ़ती जा रही हैं। अब ताजा मामला इंडिगो एयरलाइंस का आया है, जिसने दिल्ली से पटना का टिकट लेने वाले एक यात्री को 1400 किलोमीटर दूर उदयपुर पहुंचा दिया। इस मामले के सामने आने के बाद अब नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने जांच के आदेश दिए हैं।
यह घटना 30 जनवरी को हुई थी जब यात्री अफसर हुसैन को दिल्ली हवाईअड्डे से पटना जाने के लिए इंडिगो की एक फ्लाइट पकड़नी थी। हालांकि, वह गलती से उदयपुर जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट में सवार हो गए और उन्हें वहां पहुंचने के बाद ही इस बात का एहसास हुआ। अब इस मामले के सामने आने पर इंडिगो एयरलाइन ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर कहा कि हम 6ई319 दिल्ली-उदयपुर उड़ान में एक यात्री के साथ हुई घटना से अवगत हैं। हम इस मामले पर अधिकारियों के साथ लगे हुए हैं। यात्रियों को हुई असुविधा के लिए हमें खेद है।
वहीं इस विचित्र घटना पर उड्डयन नियामक, नागरिक उड्डयन महानिदेशक ने इंडिगो एयरलाइन से एक रिपोर्ट मांगी है, जिसमें एक हवाई यात्री राजस्थान के उदयपुर पहुंच गया, जबकि उसे पटना पहुंचना था। सूत्रों ने कहा कि यह जांच का विषय है कि जब वह गलत विमान में सवार हो रहे थे तो उनके परिचय पत्रों की ठीक से जांच क्यों नहीं की गई। डीजीसीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, हम इस पर गौर कर रहे हैं और उचित कार्रवाई करेंगे।
हाल ही में, डीजीसीए ने नियमों के उल्लंघन के लिए गो एयर पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया था क्योंकि 9 जनवरी को बेंगलुरू हवाई अड्डे पर यात्री कोच में गो एयर की बेंगलुरु-दिल्ली उड़ान में 55 यात्री सवार थे। डीजीसीए ने नोट किया था कि उचित संचार, समन्वय, सुलह और पुष्टि की कमी जैसी कई गलतियों के परिणामस्वरूप अत्यधिक परिहार्य स्थिति उत्पन्न हुई और इसलिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।
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