
बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद और कांग्रेस नेता पप्पू यादव ने 'द केरला स्टोरी-2' फिल्म को लेकर विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि फिल्मों का राजनीतिकरण और नफरतीकरण हो रहा है।
सांसद पप्पू यादव ने कहा, "पहले द केरला स्टोरी, और अब द केरला स्टोरी 2। क्या सभी स्वतंत्र संस्थाओं पर BJP की मार्केटिंग का कब्जा है। क्या भाजपा तय करेगी कि भारत का दर्शन और दर्पण क्या होगा। क्या भाजपा तय करेगी कि कौन सी फिल्म बनाई जाए?"
उन्होंने कहा, "केरल बहुत अच्छा राज्य है। वहां सभी लोग सर्वसमाज में रहते हैं। इसलिए केरल में कोई भी अनैतिक और नफरती कार्य नहीं हो सकता है। भाजपा की दाल गलने वाली नहीं है। क्योंकि उसका कहीं पर निगाहें और कहीं पर निशाना है।"
पप्पू यादव ने कहा कि भाजपा को पहले अपने नेताओं को लेकर फिल्में बनानी चाहिए, क्योंकि उन्होंने हिंदू-मुस्लिम से ऊपर उठकर अपने बच्चों की शादियां मुस्लिम परिवारों में की हैं।
इसी बीच, पप्पू यादव ने फ्रीबीज (मुफ्त सुविधाओं की घोषणा) पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद कहा कि यह भाजपा सरकार की गहरी साजिश है।
पूर्णिया सांसद ने कहा, "कोर्ट बेवजह कुछ नहीं बोलता या गलत कमेंट नहीं करता, इसलिए मैं इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं कहूंगा। हालांकि, मुझे लगता है कि इसके पीछे कोई गहरी साजिश है। जब भारत सरकार के फाइनेंस पर दबाव है और हालात बिगड़ रहे हैं, तो ऐसा लगता है कि सरकार इन वेलफेयर बेनिफिट्स को खत्म करने का कोई नया तरीका ढूंढ रही है।"
पप्पू यादव ने आरोप लगाए कि इसमें अटॉर्नी जनरल की भूमिका अधिक है। उन्होंने कहा, "भाजपा को वोट मिले और तीन बार उनकी सरकार बनी। 10 हजार रुपए और 83 करोड़ लोगों को 5 किलो अनाज पर भाजपा ने सब नाच नचा है। अब गरीबों की जीविका पर सरकार की गिद्ध दृष्टि है और इस मामले में सरकार कहीं न कहीं साजिश का हिस्सा है।"
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