
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को कहा कि पश्विम एशिया युद्ध और देश भर में रसोई गैस के संकट को लेकर संसद में चर्चा कराई जानी चाहिए और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सदन में इस पर जवाब दें। उन्होंने यह भी कहा कि देश को सच जानने का अधिकार है।
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खड़गे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘मोदी सरकार के नकली सूत्र आधारित आश्वासन उसकी पूर्ण अक्षमता को उजागर करते हैं। पश्चिम एशिया में आसन्न युद्ध के बारे में पूर्वानुमान था। फिर भी सरकार ने भारत की ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित करने के लिए कुछ नहीं किया। अब संकट गहराता जा रहा है और आम लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।’’
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उन्होंने दावा किया कि ईंधन की कमी से कृषि और उर्वरक आपूर्ति प्रभावित होने से सबसे पहले किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है, रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडर का सीमित वितरण, गैस भरवाने के लिए लंबी कतारें, वाणिज्यिक सिलेंडर की भारी कमी और घरेलू सिलेंडर के लिए 25 दिन तक की प्रतीक्षा की स्थिति पैदा हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि रेस्तरां और छोटे भोजनालय बंद हो रहे हैं और जमाखोरी और कालाबाजारी फैल रही है।
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कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘नोटबंदी के समय हमें बताया गया कि 50 दिनों में नकदी की कमी खत्म हो जाएगी... कोविड महामारी के समय हमें बताया गया कि यह कोई गंभीर आपात स्थिति नहीं है, जबकि देश ने गंगा में शव और विनाशकारी कुप्रबंधन देखा। पश्चिम एशिया युद्ध के समय हमें बताया गया कि भारत के पास 74 दिनों का तेल और ऊर्जा भंडार है। स्थिति गंभीर बनी हुई है।’’ उन्होंने कहा कि देश को सच जानने का हक है। खड़गे ने कहा, ‘‘हम इस संकट पर संसद में पूरी चर्चा की मांग करते हैं और प्रधानमंत्री को देश को जवाब देना चाहिए।’’
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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि देश में रसोई गैस की किल्लत मोदी सरकार की नीतियों का नतीजा है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर जनता कितना बर्दाश्त करेगी?
अखिल भातीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मोदी सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 60 रुपये और कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत 115 रुपये बढ़ा दी। देश के पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी जवाबदेही से भाग रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश को दांव पर लगा दिया और ऐसे में उन्हें देशहित में इस्तीफा देना चाहिए।
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