
बिहार में गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि के बीच पटना के गांधी घाट पर नदी का पानी उच्चतम बाढ़ स्तर (एचएफएल) को पार कर गया है। जल संसाधन विभाग ने इसके मद्देनजर गंगा के डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में विशेष सतर्कता और लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। जल संसाधन विभाग की ओर से रविवार को जारी चेतावनी संवाद में कहा गया कि गांधी घाट पर बढ़े जलस्तर का दबाव अब डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों की ओर बढ़ेगा।
इसका प्रभाव अगले एक से तीन दिनों के दौरान हाथीदह और उसके बाद के डाउनस्ट्रीम गेज स्टेशनों पर देखने को मिल सकता है। विभाग ने आशंका जताई है कि हाथीदह में भी पानी का स्तर पुराने उच्चतम बाढ़ स्तर को पार कर सकता है। विभाग ने बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार जिलों में गंगा के किनारे बसे क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत बताई है। संबंधित जिलों के अधिकारियों और क्षेत्रीय पदाधिकारियों को जलस्तर में होने वाले बदलाव पर लगातार नजर रखने को कहा गया है।
जल संसाधन विभाग ने अधिकारियों को गंगा नदी के जलस्तर, तटबंधों, संवेदनशील स्थलों और निचले इलाकों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। साथ ही, किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए एहतियाती कदम पहले से उठाने को कहा गया है, ताकि बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर जन-धन की सुरक्षा के लिए तत्काल कार्रवाई की जा सके। विभाग ने सभी संबंधित अभियंताओं और क्षेत्रीय अधिकारियों को बाढ़ नियंत्रण से जुड़े सभी संसाधनों और मशीनरी को तैयार स्थिति में रखने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में स्थिति के अनुरूप आवश्यक कदम उठाने तथा किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। विभाग ने गंगा किनारे रहने वाले लोगों से भी सतर्क और सुरक्षित रहने की अपील की है। लोगों को अनावश्यक रूप से नदी के नजदीक नहीं जाने की सलाह दी गई है। स्थानीय प्रशासन को नावों के परिचालन पर विशेष निगरानी रखने, ओवरलोडिंग रोकने और लोगों को समय-समय पर जलस्तर एवं संभावित खतरे की जानकारी उपलब्ध कराने का परामर्श दिया गया है।
जल संसाधन विभाग ने कहा है कि डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने की स्थिति को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखना बेहद जरूरी है। अधिकारियों को लगातार स्थिति की समीक्षा कर आवश्यकतानुसार सुरक्षात्मक उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं।