
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को केरल में आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर कर देश के साथ विश्वासघात किया है। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि इस समझौते से भारत के किसानों और छोटे व्यवसायों को नुकसान होगा।
राहुल गांधी ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने देश को निराश किया है। उन्होंने देश के साथ विश्वासघात किया है। मेरा मानना है कि प्रधानमंत्री ने अमेरिकी समझौते पर हस्ताक्षर कर देश के साथ विश्वासघात किया है।’’ उन्होंने दावा किया कि इस समझौते के परिणाम आम लोगों, जिनमें किसान और छोटे व्यवसायी शामिल हैं, को भुगतने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि मैं इस शब्द का इस्तेमाल हल्के में नहीं कर रहा हूं। मैं इस शब्द का इस्तेमाल इसलिए कर रहा हूं क्योंकि मेरा मानना है कि प्रधानमंत्री ने अमेरिका से डील पर साइन करके देश के साथ धोखा किया है।
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राहुल गांधी ने कहा, ‘‘इससे पहले किसी भी प्रधानमंत्री ने भारतीय कृषि को अमेरिकी कृषि के लिए नहीं खोला।’’ उन्होंने दावा किया कि अब बड़ी, मशीनीकृत अमेरिकी कंपनियां छोटे भारतीय किसानों के साथ प्रतिस्पर्धा करेंगी, जिससे देश के कृषि क्षेत्र में ‘तबाही’ मच जाएगी।उन्होंने कहा कि दूसरी चीज़ जिस पर प्रधानमंत्री ने साइन किया, वह है हमारी ऊर्जा सुरक्षा। सोचिए कि प्रधानमंत्री ने ट्रंप से वादा किया है कि भारत सिर्फ़ उसी से तेल खरीदेगा जिससे अमेरिका तेल खरीदना चाहेगा। तीसरी चीज़ जो प्रेसिडेंट ट्रंप ने प्रधानमंत्री से निकलवाई है, वह है इंडियन डेटा। आखिरी चीज़ जो उन्होंने की है, वह यह है कि उन्होंने प्रेसिडेंट ट्रंप से वादा किया है कि हम अमेरिका से अरबों डॉलर का इंपोर्ट खरीदेंगे। मुझे पूरा भरोसा है कि नरेंद्र मोदी नॉर्मल हालात में भारतीय किसान और भारतीय डेटा को नहीं बेचेंगे। प्रधानमंत्री ने यह डील सिर्फ़ इसलिए की है क्योंकि भारत के प्रधानमंत्री को कॉम्प्रोमाइज़ किया गया है।"
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राहुल गांधी ने कहा, "साढ़े तीन मिलियन एपस्टीन फाइलें हैं जो अभी भी सामने नहीं आई हैं। पीएम मोदी डरे हुए हैं कि अमेरिका उन फाइलों को जारी कर देगा। मोदी के करीबी अनिल अंबानी उन फाइलों में हैं। हरदीप पुरी का नाम उन फाइलों में है। हमें यकीन है कि उन फाइलों में और भी कई नाम हैं। दूसरी तरफ, अमेरिका में अडानी के खिलाफ क्रिमिनल केस चल रहा है। पीएम मोदी डरे हुए हैं कि बीजेपी और उनके फाइनेंस इंडिया के लोगों के सामने आ जाएंगे। इसीलिए वह घबरा गए और अमेरिका से डील साइन कर दी। अगर आप यूट्यूब पर जाकर सर्च करेंगे, तो आपको पता चलेगा कि प्रेसिडेंट ट्रंप इंडिया के प्राइम मिनिस्टर को खुलेआम धमकी दे रहे हैं। वह खुलेआम कहते हैं कि वह पीएम मोदी का करियर बर्बाद कर सकते हैं। पीएम मोदी को प्रेसिडेंट ट्रंप कंट्रोल करते हैं।"
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उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इशारों पर चलते हैं, ठीक उसी तरह, केरल के मुख्यमंत्री भी मोदी के इशारों पर चलते हैं। उन्होंने कहा कि यह बात सब जानते हैं। अगर आप सीपीएम के वर्कर्स से यह सवाल पूछेंगे, तो वे मानेंगे कि मैं जो कह रहा हूं वह सही है। मैं समझना चाहता हूँ कि जो सीबीआई और ईडी विपक्षी नेताओं के खिलाफ़ एक्शन लेती हैं, वे केरल के चीफ़ मिनिस्टर या केरल के पॉलिटिशियंस के खिलाफ़ एक्शन क्यों नहीं लेती हैं।
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राहुल गांधी ने कहा, "मुझ पर 36 केस हैं। ईडी ने मुझसे लगातार 55 घंटे पूछताछ की है। ईडी ने केरल के मुख्यमंत्री और उनके परिवार पर कोई एक्शन क्यों नहीं लिया? वजह यह है कि वे मिलकर काम कर रहे हैं। असल में, केरल में सीपीएम और बीजेपी नहीं हैं। सीजेपी है। सब जानते हैं कि वे पार्टनर हैं और यूडीएफ को हराने के लिए केरल में मिलकर काम कर रहे हैं।"
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राहुल गांधी ने कहा, "दूसरा सवाल जो मैं पूछना चाहता हूं, वह केरल के सबसे पवित्र स्थानों में से एक, सबरीमाला मंदिर के बारे में है। सबरीमाला मंदिर से सोना चोरी हो गया। सीपीएम के कई नेताओं को जेल में डाल दिया गया। और जांच को ऊपर तक पहुंचने से रोक दिया गया। चिंता न करें। हम उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे जिन्होंने सबरीमाला का अपमान किया है।"
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राहुल गांधी ने अपने भाषण के दौरान क्रिकेटर संजू सैमसन का भी जिक्र किया और कहा कि उन्हें यह जानकर अच्छा लगा कि स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज तिरुवनंतपुरम के हैं। उन्होंने कहा कि वह एक जाने-माने क्रिकेटर हैं, इसलिए हम उन्हें और केरल के लोगों को बधाई दे रहे हैं, लेकिन केरल से उनके जैसे लाखों लोग हैं जो केरल में और विदेश में रहते हैं और हर दिन हमारे देश को गर्व महसूस कराते हैं।"
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वह केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन के नेतृत्व में राज्यव्यापी 'पुथुयुग यात्रा' के समापन समारोह का उद्घाटन करने के बाद बोल रहे थे। केरल विधानसभा चुनावों की तैयारियों के तहत पार्टी द्वारा 30 दिन पहले शुरू की गई यह यात्रा राज्य के सभी जिलों से गुजरी। इस कार्यक्रम में एआईसीसी और राज्य इकाई के नेता भी मौजूद थे। इन नेताओं में सचिन पायलट और दीपा दासमुंशी शामिल हैं।
इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, सतीशन ने यात्रा को अपने राजनीतिक जीवन का सबसे अनमोल अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने इस यात्रा के दौरान राज्य सरकार के खिलाफ ‘आरोपपत्र’ पेश किया है। सतीशन ने कहा कि यूडीएफ सुशासन पर आधारित और आम लोगों की समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से एक ‘‘नव-केरल मॉडल’’ पेश करेगा।
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उन्होंने कहा, ‘‘केरल सरकार के सचिवालय को देश में सबसे कुशल बनाया जाएगा।’’ उन्होंने जनता के प्रति जवाबदेही और स्वास्थ्य, शिक्षा एवं रोजगार जैसे क्षेत्रों में सुधार का भी वादा किया। उन्होंने कहा कि गरीबों की समस्याओं के समाधान के लिए भी परियोजनाएं चलाई जाएंगी। सतीशन ने विश्वास व्यक्त किया कि यूडीएफ आगामी विधानसभा चुनावों में सत्ता में वापसी करेगा और उसे 100 से अधिक सीट मिलेंगी।
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