
नॉर्थ अमेरिकन पंजाबी एसोसिएशन (एनएपीए) ने शनिवार के विरोध प्रदर्शन के दौरान नयी दिल्ली स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा बंगला साहिब में सिख श्रद्धालुओं के खिलाफ ‘‘पुलिस कार्रवाई’’ की खबरों पर रविवार को चिंता जताई और घटना की स्वतंत्र एवं समयबद्ध जांच की मांग की। एसोसिएशन ने उस वीडियो को लेकर भी स्पष्टीकरण मांगा, जिसमें कथित तौर पर दिल्ली पुलिस के कर्मियों को प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के लिए गुरुद्वारा बंगला साहिब में जूते पहनकर प्रवेश करते हुए दिखाया गया है। ये प्रदर्शनकारी गुरुद्वारे में शरण लिए हुए थे।
एनएपीए के कार्यकारी निदेशक सतनाम सिंह चहल ने कहा कि सिख धार्मिक परंपराओं के अनादर, जबरन पगड़ियां उतारने और महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोपों से भारत और विदेशों में रहने वाले सिख समुदाय में चिंता पैदा हुई है। उन्होंने कहा कि पगड़ी सिखों की पहचान, सम्मान और आस्था का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है। पुलिस कार्रवाई के दौरान इसे जबरन उतारे जाने का कोई भी आरोप गंभीरता से जांचा जाना चाहिए।
चहल ने महिला प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार किए जाने और पुलिसकर्मियों द्वारा उनकी मदद की गुहार को नजरअंदाज करने के आरोपों की भी जांच करने की मांग की। एनएपीए ने दिल्ली पुलिस के उस स्पष्टीकरण का भी उल्लेख किया, जिसमें कहा गया है कि वीडियो में दिख रहे पुलिसकर्मी उस सामान्य मार्ग से गुजर रहे थे जिसका इस्तेमाल श्रद्धालु गुरुद्वारे में प्रवेश करने से पहले जूते उतारने के निर्धारित स्थान तक जाने के लिए करते हैं।
एनएपीए ने तथ्यों का पता लगाने के लिए पूरी, बिना संपादित वीडियो फुटेज और सभी संबंधित साक्ष्यों की जांच करने की मांग की। उसने कहा कि गैरकानूनी तरीके से बल प्रयोग करने के दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए