
दिल्ली में नेशनल मनरेगा वर्कर्स कन्वेंशन में दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में राहुल गांधी ने देशभर से लाई गई मिट्टी से पौधारोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने मनरेगा को गरीबों को अधिकार देने वाली योजना बताते हुए कहा कि इसका मूल उद्देश्य यह था कि देश के हर जरूरतमंद व्यक्ति को सम्मान के साथ काम मिले। उन्होंने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था के माध्यम से इसे लागू करने की सोच थी, ताकि मजदूरों और आम लोगों की आवाज सीधे व्यवस्था तक पहुंचे।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार मनरेगा को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि यह योजना हर गरीब को रोजगार का अधिकार देती है, लेकिन अब सरकार इस अधिकार को खत्म करना चाहती है। उनका कहना था कि पहले जो पैसा सीधे मजदूरों तक पहुंचता था, अब उसे ठेकेदारों और बड़े व्यवसायियों को देने की तैयारी है।
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राहुल गांधी ने सरकार पर आरोप लगाया कि जैसे किसानों के साथ किया गया, वैसा ही अब मजदूरों के साथ किया जा रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि मौजूदा सरकार की सोच यह है कि देश की संपत्ति कुछ चुनिंदा लोगों के हाथों में सिमट जाए और गरीब वर्ग अंबानी-अडानी जैसे उद्योगपतियों पर निर्भर हो जाए।
संविधान पर हमले का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी ने नोटबंदी, गलत जीएसटी और नए कानूनों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य लोकतंत्र को कमजोर करना, ‘वन मैन वन वोट’ की भावना को खत्म करना और देश को आजादी से पहले जैसी स्थिति में ले जाना है।
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राहुल गांधी ने कहा कि इस सोच को रोकने का एकमात्र तरीका एकजुटता है। उन्होंने गरीबों और मजदूरों से एक साथ खड़े होने की अपील करते हुए कहा कि मनरेगा आंदोलन इसके लिए बड़ा अवसर है और अगर प्रधानमंत्री मोदी को पीछे हटाना है तो सभी को एकजुट होना होगा।
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