देश के विभिन्न हिस्सों में मानसूनी बारिश का कहर जारी है। उत्तराखंड में शुक्रवार तड़के कई जिलों में भारी बारिश और बादल फटने से आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण पांच लोगों की मौत हो गई और 11 लोग लापता हैं। जबकि हिमाचल प्रदेश के मनाली शहर का एक हिस्सा बारिश में बह गया। वहीं भूस्खलन के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग लगातार चौथे दिन बंद रहा।
पंजाब के पटियाला में जिला प्रशासन ने घग्गर नदी के जलग्रहण क्षेत्र में भारी बारिश के बाद नदी के पास के कई निचले गांवों के लिए अलर्ट जारी किया है। फिरोजपुर जिले में भी बाढ़ का कहर जारी है और यहां करीब 16,000 एकड़ फसलें जलमग्न हो गई हैं और 62 गांव गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। महाराष्ट्र में भारी बारिश के कारण लातूर और नांदेड़ जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया, जिसके कारण स्कूल बंद करने पड़े और सेना को बचाव अभियान के लिए बुलाना पड़ा। हरियाणा के अंबाला छावनी क्षेत्र में भारी बारिश के कारण टांगरी नदी खतरे के निशान के पास पहुंच गई, जिसके कारण अधिकारियों ने चेतावनी जारी कर दी है।
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उत्तराखंड में बादल फटने से हुए भूस्खलन में कई घर बह गए और कई लोग मलबे के नीचे दब गए। चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी और बागेश्वर जिलों में इस प्राकृतिक आपदा का सबसे अधिक प्रभाव पड़ा, जो 23 अगस्त को धराली आपदा के तुरंत बाद आई। उत्तरकाशी जिले में 5 अगस्त को खीर गंगा नदी में आई विनाशकारी बाढ़ ने धराली के लगभग आधे हिस्से को तहस-नहस कर दिया- जो गंगोत्री जाने के रास्ते में एक प्रमुख पड़ाव है।
उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, बागेश्वर जिले के कपकोट के पौसारी गांव में तड़के तीन बजे अतिवृष्टि के कारण पहाड़ी से मलबा आने से पांच-छह मकान क्षतिग्रस्त हो गए जिसके कारण दो महिलाओं की मौत हो गयी और तीन अन्य व्यक्ति लापता हो गए। इस हादसे में मृतक महिलाओं की पहचान बसंती देवी जोशी तथा बचुली देवी के रूप में हुई है। लापता व्यक्तियों में बसंती देवी के पति रमेश चंद्र जोशी, गिरीश और पूरण जोशी शामिल हैं। घटना में बसंती देवी का पुत्र पवन घायल हुआ है। एक अन्य घटना में चमोली जिले की थराली तहसील के देवाल क्षेत्र के मोपाटा गांव में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन की चपेट में आने से एक दंपति की मौत हो गयी जबकि एक अन्य दंपति घायल हो गया।
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जम्मू कश्मीर के कटरा क्षेत्र में शुक्रवार को भारी बारिश होने के चलते त्रिकुटा की पहाडियों में स्थित वैष्णो देवी मंदिर की यात्रा लगातार चौथे दिन स्थगित रही। मंगलवार को भूस्खलन के बाद यह यात्रा अस्थायी तौर पर रोक दी गई थी। अर्धकुंवारी के पास भूस्खलन की इस घटना में 34 लोगों की मौत हो गई तथा 20 अन्य घायल हो गए। एक अधिकारी ने कहा, ‘‘खराब मौसम की स्थिति अब भी बनी हुई है, इसलिए तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यात्रा को स्थगित रखने का निर्णय लिया गया है।’’
कटरा और त्रिकुटा पहाड़ियों पर शुक्रवार सुबह से भारी बारिश हो रही है। अंतिम खबर मिलने तक बारिश रुकी नहीं थी। उधमपुर-रामबन क्षेत्र में भूस्खलन के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग लगातार चौथे दिन भी बंद रहा। करीब 270 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर 2,000 से अधिक वाहन फंसे हुए हैं। यह राजमार्ग कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाली एकमात्र बारहमासी सड़क है।
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अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ प्रभावित पंजाब में 2,500 से अधिक लोगों को बचाया गया और उन्हें 13 राहत शिविरों में रखा गया। अधिकारियों के मुताबिक बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित पठानकोट, गुरदासपुर, फाजिल्का, कपूरथला, तरनतारन, फिरोजपुर, होशियारपुर और अमृतसर जिले हैं। उन्होंने बताया कि भारी बारिश के कारण शुक्रवार को पटियाला में भी बाढ़ की चेतावनी जारी की गई जहां पर 2023 में भीषण बाढ़ आई थी।
हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के कारण सतलुज, ब्यास और रावी नदियों तथा नालों में जलस्तर बढ़ने के बाद पंजाब के कई इलाकों में भी बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई और फंसे लोगों को राहत पहुंचाने के लिए शुक्रवार को विभिन्न एजेंसियों ने समन्वय के साथ अभियान शुरू किया। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को राज्य के बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी के लिए राज्य के तीन शीर्ष अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय समिति गठित की।
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हिमाचल प्रदेश के मनाली शहर में गत कई दिनों से बड़ी संख्या में पर्यटक वाहन फंसे हुए हैं।अधिकारियों के मुताबिक मनाली-कुल्लू राष्ट्रीय राजमार्ग पर सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र भूतनाथ मंदिर से वोल्वो बस स्टैंड, आलू ग्राउंड, बिंदु ढांक, 18 मील पुल, 17 मील, पतलीकूहल पुलिस स्टेशन के पास, डोहलू नाला और रायसन हैं।
स्पीति के एक स्कूल में स्वयंसेवक रोक्सन्ना ने बताया, ‘‘मुझे स्पीति वापस जाना है लेकिन सड़क बंद है और मैं पिछले एक सप्ताह से मनाली में फंसी हुई हूं।’’ एक अन्य पर्यटक हरमिंदर सिंह ने कहा, ‘‘हम एक महीने की छुट्टी पर आए थे और पिछले 10 दिनों से चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार भूस्खलन और यातायात जाम के कारण फंसे हुए हैं। अब मेरी पत्नी, बेटी और दो कुत्तों के साथ स्थिति और भी मुश्किल हो गई है।’’
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महाराष्ट्र में अधिकारियों ने बताया कि लातूर जिले के 60 राजस्व मंडलों में से 29 में गुरुवार रात तक अत्यधिक वर्षा दर्ज की गई और नदियों तथा नालों का जलस्तर बढ़ने के बाद राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि लगभग 50 सड़कें और पुल बंद कर दिए गए हैं, क्योंकि इनके ऊपर से पानी बहने लगा है। अधिकारियों के मुताबिक राज्य राजमार्ग-238 के निलंगा-उदगीर-धनेगांव मार्ग को जलभराव के कारण बंद कर दिया गया है। वहीं, मंजरा नदी पर बने पुल के डूब जाने से निलंगा-उदगीर मार्ग भी बंद है। निलंगा तालुका के शेलगी गांव में गुरुवार आधी रात को आकाशीय बिजली गिरने से पांच मवेशियों की मौत हो गई।
वहीं राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को भारी बारिश के कारण कई जगाह भारी जलभराव हो गया जिससे प्रमुख मार्गों पर यातायात जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। वहीं बारिश के कारण एक दीवार ढह गई, जिससे तीन बच्चे घायल हो गए। पूर्वी दिल्ली के मंडावली में स्कूल से घर लौट रहे तीन बच्चे उस समय बाल-बाल बच गए जब एक खाली पड़े मकान की दीवार उनके ऊपर गिर गई। अधिकारियों ने बताया कि घायलों की पहचान पंकज (8), ध्रुव (10) और आदी (8) के रूप में हुई है।
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