दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश ने एक ओर जहां उमस से राहत दी है वहीं जल भराव जैसी स्थिति से लोगों को गुजरना पड़ रहा है। यमुना नदी का जलस्तर एक बार फिर से तेजी से बढ़ने लगा है। लगातार हो रही बारिश और हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी की वजह से नदी का पानी तटवर्ती क्षेत्रों में फैलने लगा है। हालात ऐसे हैं कि खेतों और फार्म हाउसों में पानी भर गया है और लोगों को मजबूरी में अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करना पड़ रहा है।
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कई परिवार अब सड़कों पर टेंट और अस्थाई झुग्गियां बनाकर रहने को मजबूर हैं। यह दूसरी बार है जब इस महीने यमुना का जलस्तर बढ़ा है। इससे पहले भी भारी बारिश और बैराज से छोड़े गए पानी के चलते नदी का पानी खतरे के निशान से ऊपर चला गया था।
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स्थानीय प्रशासन की ओर से अलर्ट जारी किया गया है और तटवर्ती गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले एक हफ्ते तक रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। मौसम विभाग की वेबसाइट पर जारी बुलेटिन में 29 अगस्त से 3 सितंबर तक लगातार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारों का अनुमान जताया गया है।
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29 और 30 अगस्त को गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान था, वहीं 31 अगस्त और 1 सितंबर को मध्यम बारिश के आसार हैं। इसके बाद 2 और 3 सितंबर तक गरज-चमक के साथ बारिश की आशंका जताई गई है। लगातार बारिश और पानी छोड़े जाने के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति गंभीर होती जा रही है। किसानों की फसलें डूबने लगी हैं और पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ रहा है।
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सबसे ज्यादा परेशानी उन परिवारों को हो रही है जिनके घर नदी किनारे बने हैं। रात-दिन हो रही बारिश और बढ़ते जलस्तर से लोगों में डर का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से राहत शिविर लगाए गए हैं, लेकिन बढ़ते पानी और लगातार बारिश की वजह से दिक्कतें खत्म होने के बजाय और बढ़ती जा रही हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो हालात और भी बिगड़ सकते हैं।
आईएएनएस के इनपुट के साथ
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