
उत्तर प्रदेश में हाई अलर्ट के बीच अलविदा जुमे की नमाज हुई। लखनऊ, वाराणसी, बरेली, अलीगढ़, संभल और मेरठ में सख्त पहरे के बीच नमाज अदा हुई। चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात रही। ड्रोन से भी निगरानी की गई। वहीं काशी में ज्ञानावापी मस्जिद के बाहर एनएसजी कमांडो तैनात किए गए।
राजधानी लखनऊ में नमाज के बाद अमेरिका-इजरायल के खिलाफ शिया समुदाय के लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। कई महिलाएं बच्चों को गोद में लेकर पहुंचीं। उनके हाथों में अयातुल्लाह अली खामेनेई के पोस्टर थे। इमामबाड़ा के बाहर इजरायल और अमेरिका के झंडे सड़क पर चिपकाए गए थे, जिन्हें नमाजी पैरों से रौंदते नजर आए।
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लखनऊ में शिया धर्मगुरु मौलाना सैयद कल्बे जवाद नकवी ने कहा- ईरान इस समय पूरी तरह असहाय है। अमेरिका उस पर बम गिराकर आम लोगों पर हमला कर रहा है। भारत इस मुद्दे की निंदा नहीं कर रहा है। भारत का रवैया ईरान के प्रति ठीक नहीं है, जबकि ईरान भारत के प्रति नरमी दिखाता रहा है। उसने भारत को अपने तेल जहाज लाने की अनुमति भी दी है। अमेरिका को ईरान पर हमला करने से रोका जाना चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो पूरी दुनिया को अमेरिका और इजरायल का बहिष्कार करना चाहिए।
वाराणसी में भी ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामनेई की मौत के बाद से शिया समुदाय में आक्रोश है। अलविदा जुमा की नमाज में बताया गया कि 40 साल पहले ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह ने फ़िलिस्तीन की आजादी के लिए अलविदा जुमा का दिन चुना था। इसलिए इसे यौमे कुदस कहते हैं। इस दौरान लोगों ने नमाज के बाद आयतुल्लाह अली खामनेई के पोस्टर लहराए। दारानगर मस्जिद में एक साथ करीब 1000 लोगों ने नमाज पढ़ी। इस दौरान पुलिस वर्दी और सादे कपड़ों में मस्जिद के बाहर मुस्तैद रही और आने-जाने वालों लोगों पर नजर रखे रही।
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अयोध्या में शिया समुदाय ने इमामबाड़ा जवाहर अली खां में अलविदा जुमा की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से अदा की। इस मौके पर समुदाय के लोगों ने इजरायल विरोधी नारे लगाए और देश में अमन-चैन के साथ-साथ दुनिया से युद्धों के खात्मे के लिए दुआएं कीं। शिया मौलाना कमर मेहदी ने ईरान और भारत के ऐतिहासिक संबंधों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ईरान हमेशा से भारत का दोस्त रहा है और हाल ही में तेल पर से पाबंदी हटाने का फैसला इस दोस्ती को एक बार फिर साबित करता है।
मेरठ में कोतवाली की जामा मस्जिद में अलविदा जुमा की नमाज शांतिपूर्ण संपन्न हुई। यहां नमाजियों की एक बड़ी संख्या नमाज पढ़ने के लिए पहुंचती है। इस बार भी नमाजियों की संख्या अच्छी खासी रही। अलविदा की नमाज के बाद दुआ पढ़ी गई। सभी ने देश में अमन और चैन की दुआ मांगी। इस दौरान मौजूद रहे नायब शहर काजी जैनुल राशिदीन ने कहा कि मेरठ एकता और भाईचारे में हमेशा मिसाल बना है। यहां सभी एक साथ मिलकर त्यौहार मनाते हैं। ईरान की अमेरिका, इजरायल के साथ चल रही लड़ाई को लेकर उन्होंने कहा कि इसे जल्द से जल्द रोकना चाहिए। मेरठ की 450 मस्जिदों में आज अलविदा जुमा की नमाज पढ़ी गई। हर तरफ वर्दी और सादे कपड़ों में पुलिस फोर्स तैनात थी। प्रशासन लोगों से लगातार शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील करता दिखा।
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अलविदा जुमा के मौके पर वाराणसी की ज्ञानावापी मस्जिद में पुलिस फोर्स, एनएसजी कमांडों के साथ अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की गई थी। ज्ञानवापी मस्जिद में पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, एडिशनल सीपी शिवहरी मीणा और डीसीपी गौरव बंसवाल के साथ मौजूद रहे। पुलिस कमिश्नर ने अलविदा की नमाज के दौरान सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। सीपी ने रोजेदारों और दुकानदारों से बातचीत की। उन्होंने अलविदा की दो नमाज की आशंका पर सवाल भी किया तो रोजदारों ने भी जवाब दिया।
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वाराणसी में दोपहर 1.30 बजे तक 500 मस्जिदों में अलविदा की नमाज पढ़ी गई। नदेसर मस्जिद में तीन हजार से ज्यादा लोगों ने नमाज पढ़ी। मस्जिद के बाहर तैनात पुलिस फोर्स लाउडस्पीकर से लगातार अलाउंसमेंट करती रही। नमाज पढ़कर निकल रहे लोगों को बिना मतलब मस्जिद परिसर में रुकने नहीं दिया गया। जामा मस्जिद में दोपहर 1.45 बजे नमाज पढ़ी गई।
अलविदा की नमाज को लेकर बरेली में भी हाई अलर्ट रहा। शहर के सबसे संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के ऐसे पुख्ता इंतजाम किए गए कि परिंदा भी पर न मार सके। चप्पे-चप्पे पर पुलिस, पीएसी और पैरामिलिट्री फोर्स को तैनात किया गया है। एसपी सिटी मानुष पारीक ने कहा कि अलविदा की नमाज सड़कों पर नहीं होने दी जाएगी। इसके साथ ही कोई भी गैर परम्परा नहीं पड़ने दी जाएगी।
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