
दिल्ली और एनसीआर एक बार फिर गंभीर वायु प्रदूषण और घने कोहरे की दोहरी मार झेल रहे हैं। रविवार सुबह राजधानी की शुरुआत ऐसे हालात में हुई, जब स्मॉग और कोहरे की मोटी परत ने कई इलाकों में दृश्यता लगभग शून्य कर दी। हालात इतने बिगड़े कि सड़क, रेल और हवाई यातायात, तीनों पर सीधा असर देखने को मिला।
Published: undefined
बारापुला फ्लाईओवर, निजामुद्दीन, आईटीओ, मोती बाग और डीएनडी फ्लाईवे जैसे इलाकों से सामने आए दृश्यों में साफ दिखा कि दिल्ली पूरी तरह जहरीली धुंध की गिरफ्त में है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, मोती बाग में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 466 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ यानी बेहद गंभीर श्रेणी में आता है।
आईटीओ इलाके में AQI 443 रिकॉर्ड हुआ, यह भी ‘गंभीर’ कैटेगरी में है। बिगड़ते हालात को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत कड़े प्रतिबंध दोबारा लागू कर दिए गए हैं।
Published: undefined
दिल्ली ही नहीं, बल्कि पूरा उत्तर भारत रविवार सुबह घने कोहरे की चपेट में रहा। कम विजिबिलिटी के कारण परिवहन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। खासतौर पर हवाई सेवाओं पर इसका सीधा असर पड़ा, जिसके चलते एयरलाइंस और एयरपोर्ट अथॉरिटीज को ट्रैवल एडवाइजरी जारी करनी पड़ी।
Published: undefined
घने कोहरे के कारण फ्लाइट शेड्यूल बिगड़ने की आशंका जताई गई है। एअर इंडिया ने बताया कि कम विजिबिलिटी का असर पूरे नेटवर्क में उड़ानों पर पड़ सकता है। एयरलाइन के अनुसार, देरी, डायवर्जन या कैंसिलेशन की स्थिति में ग्राउंड स्टाफ यात्रियों की सहायता करेगा।
एअर इंडिया ने अपनी FogCare पहल के तहत यह भी कहा है कि जिन यात्रियों की फ्लाइट कोहरे से प्रभावित हो सकती है, उन्हें पहले से अलर्ट किया जाएगा। यात्री बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के फ्लाइट री-शेड्यूल कर सकते हैं या चाहें तो पूरी राशि के साथ टिकट कैंसिल भी कर सकते हैं।
एयरलाइन ने यात्रियों से अपील की है कि एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले फ्लाइट स्टेटस जरूर जांचें और अतिरिक्त समय लेकर यात्रा शुरू करें। कंपनी का कहना है कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
Published: undefined
दिल्ली एयरपोर्ट अथॉरिटी ने भी यात्रियों को सलाह दी है कि चेक-इन और सुरक्षा जांच के लिए अतिरिक्त समय रखें। रिपब्लिक डे की तैयारियों के चलते पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है, ऐसे में देरी की संभावना बढ़ जाती है।
Published: undefined
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, शनिवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.2 डिग्री कम है। वहीं, अधिकतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस रहा। शाम 6 बजे आर्द्रता 72 प्रतिशत रिकॉर्ड की गई।
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 20 जनवरी तक तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है। इस दौरान हल्की सर्दी की बारिश के भी आसार हैं। हालांकि, 23 से 26 जनवरी के बीच एक और ठंड का दौर आने की संभावना जताई गई है।
Published: undefined
इससे पहले शनिवार शाम को दिल्ली की हवा अचानक और ज्यादा खराब हो गई थी। सुबह AQI 354 (‘Very Poor’) दर्ज किया गया था, जो शाम 6 बजे बढ़कर 416 (‘Severe’) हो गया। रात 8 बजे यह आंकड़ा 428 तक पहुंच गया। इसके बाद प्रशासन ने GRAP के तहत स्टेज-IV के सख्त उपाय लागू कर दिए।
अधिकारियों के अनुसार, प्रदूषण बढ़ने के पीछे पश्चिमी विक्षोभ, कमजोर हवाएं और प्रदूषकों का सही तरीके से फैल न पाना प्रमुख कारण हैं।
Published: undefined
फिलहाल हालात गंभीर बने हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम में हल्का बदलाव कुछ राहत ला सकता है, लेकिन जब तक हवाओं की रफ्तार नहीं बढ़ती और प्रदूषक बिखरते नहीं, तब तक स्थिति में बड़ा सुधार मुश्किल है। ऐसे में प्रशासन की पाबंदियों के साथ-साथ लोगों को भी सतर्कता बरतने और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाहों का पालन करने की जरूरत है।
Published: undefined