
सुप्रीम कोर्ट ने मेघालय में खदान मजदूरों को बचाने में हो रही देरी पर राज्य सरकार को फटकार लगाई है। कोर्ट ने हालात पर चिंता जताते राज्य सरकार से पूछा कि 15 खनिकों को बचाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं, अब तक उनको क्यों नहीं निकाला जा सका है? सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि ये बहुत ही गंभीर मामला है और खदान में फंसे 15 खनिकों की जिंदगी और मौत का सवाल है।
Published: 03 Jan 2019, 3:30 PM IST
जस्टिस एके सीकरी और अब्दुल नजीर की बेंच ने मेघालय सरकार से पूछा है कि आखिर क्यों अब तक इन मजदूरों को नहीं बचाया जा सका है? इस पर सरकारी वकील ने कहा कि मजदूरों की जिंदगी बचाने के लिए पूरी कोशिश की जा रही है। जवाब दाखिल करते हुए मेघालय सरकार ने कहा, “राज्य फंसे हुए मजदूरों को बचाने के लिए कदम उठा रहा है। एनडीआरएफ के 72, नौसेना के 14 और कोल इंडिया के 14 जवान 14 दिसंबर से तैनात किए गए हैं। इसमें केंद्र सरकार भी उसकी मदद कर रही है।”
Published: 03 Jan 2019, 3:30 PM IST
कोर्ट ने कहा कि बचाव कार्य से हम संतुष्ट नहीं हैं। कोर्ट ने 15 खनिकों को निकालने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग करने वाले याचिकाकर्ता आदित्य एन प्रसाद से केंद्र के विधि अधिकारी को बुलाने के लिये कहा ताकि इस मामले में उचित आदेश दिया जा सके।
Published: 03 Jan 2019, 3:30 PM IST
बता दें कि मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले में कोयले के खदान में 15 मजदूर 13 दिसंबर से फंसे हुए हैं। अवैध कोयला खदान में पास की लितेन नदी से पानी भरने के चलते खनिक खदान फंसे गए थे। फिलहाल बचावकर्मी खनिकों तक पहुंचने के लिए पंप के जरिए पानी को बाहर निकाल रहे हैं।
Published: 03 Jan 2019, 3:30 PM IST
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Published: 03 Jan 2019, 3:30 PM IST