
निशु आजाद केस के आरोप स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर शनिवार को एक दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया। भारद्वाज ने दावा किया था कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान उसने एक छात्र प्रदर्शनकारी के पिता का सिर फोड़ दिया था। भारद्वाज ने यह भी कहा था कि उसके सिर पर एनडीए के कई बड़े नेताओं का हाथ है।
दिल्ली पुलिस ने भारद्वाज को पटियाला हाउस कोर्ट के जज के घर पर पेश किया। इसके बाद कोर्ट ने स्वतंत्र भारद्वाज को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। एक दिन पहले, दिल्ली पुलिस ने भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में हिरासत में लिया था। शुक्रवार को नई दिल्ली में पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने भरोसा दिलाया था कि वे आरोपी को पॉक्सो एक्ट, एससी/एसटी एक्ट और हत्या की कोशिश की धाराओं के तहत 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार करेंगे।
सीजेपी के इस विरोध प्रदर्शन में सांसद चंद्रशेखर, पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव और इंडियन यूथ कांग्रेस भी शामिल हुए।
एक वायरल वीडियो में भारद्वाज के यह दावा करने के बाद विवाद खड़ा हो गया कि उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान एक नाबालिग प्रदर्शनकारी निशु आजाद के पिता के साथ मारपीट की थी और डींग मारी थी कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया क्योंकि उनके राजनीतिक संबंध हैं।
भारद्वाज ने दावा किया गया था कि 20 जुलाई के विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने नाबालिग कार्यकर्ता के पिता का ‘‘सिर फोड़ दिया था’’।
वीडियो में भारद्वाज को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “...क्या आपको पता है कि इस अपराध में कौन सी धारा लगती है? धारा 307 । उसे 60 टांके लगे थे।’’
दिल्ली पुलिस ने इससे पहले कहा था कि पीड़ित को लगी चोटें ‘‘सामान्य’’ प्रकृति की थीं।
पीटीआई और आईएएनएस के इनपुट के साथ
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