
राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने रविवार को आरोप लगाया कि सभी विकास सूचकांकों में बिहार देश के अन्य राज्यों से पीछे है, लेकिन सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन विपक्ष पर ठीकरा फोड़कर ‘21 साल की अपनी विफलताओं पर पर्दा डालने' की कोशिश कर रहा है।
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विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने चुनौती दी कि वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और दोनों उपमुख्यमंत्रियों को राज्य के पिछड़ेपन पर सार्वजनिक बहस के लिए चुनौती देते हैं, ‘बशर्ते उनमें (इस बात के लिए) नैतिक साहस और क्षमता हो।’
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तेजस्वी यादव ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘12 सालों की डबल इंजन सरकार समेत 21 वर्षों की एनडीए सरकार के बावजूद शिक्षा-रोजगार-आय, औद्योगिक विकास-उत्पादन एवं निवेश तथा स्वास्थ्य सेवा-सुविधा और पोषण से लेकर अधिकांश सामाजिक, मानवीय और आर्थिक संकेतकों में बिहार सबसे निचले पायदान पर है।’’
उन्होंने कहा कि ‘निष्प्रभावी और अक्षम’ सरकार अपनी ‘गलत नीतियों और खोखले वादों’ के कारण हुई विफलताओं को छुपाने के लिए विपक्ष को हर बात का दोषी ठहराती है। आरजेडी नेता ने कहा, ‘‘फिर भी, सत्ता में बैठे लोग तब अपमानित महसूस करते हैं जब बिहार को सबसे पिछड़ा और गरीब राज्य कहा जाता है।’’
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तेजस्वी यादव केरल में दिए गए अपने बयान से जुड़े विवाद का जिक्र कर रहे थे, जहां उन्होंने बिहार को ‘भारत के सबसे गरीब राज्यों में से एक’ बताया था। सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट में, आरजेडी नेता ने कई मापदंडों का हवाला देते हुए यह साबित किया कि ‘बिहार राष्ट्रीय औसत से पीछे है।’ ये मापदंड साक्षरता दर, प्रति व्यक्ति आय, अपराध दर, प्रवासन, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, बहुआयामी गरीबी, प्रदूषण, नकद जमा अनुपात आदि से संबंधित हैं।
बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार सरकार पर अनुकूल परिणाम प्राप्त करने के लिए निर्वाचन आयोग और प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग करने एवं अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए झूठे चुनावी वादे करने का आरोप लगाया।
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