
तेलंगाना में हैदराबाद के निकट सिगाची इंडस्ट्रीज के दवा संयंत्र में हुए विस्फोट की जांच में जुटे जांचकर्ताओं को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि इस त्रासदी में मारे गए लोगों में तीन प्रमुख अधिकारी भी थे जो जांच के लिए महत्वपूर्ण जानकारी दे सकते थे। इस विस्फोट में अब तक 38 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
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फैक्टरी विभाग के एक अधिकारी के अनुसार फैक्टरी प्रबंधक, उप महाप्रबंधक (उत्पादन) और एक ऑपरेटर की मौत से जांच के लिए महत्वपूर्ण जानकारी हासिल करने में बाधा खड़ी हो सकती है। फैक्टरी विभाग के अधिकारियों द्वारा की जा रही जांच में लगभग दो सप्ताह का समय लग सकता है, बशर्ते जरूरी जानकारी उपलब्ध हो पाए। हालांकि, अधिकारी ने यह स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने में कोई देरी नहीं होगी।
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जांच में सुरक्षा प्रोटोकॉल में संभावित चूक, संचालन संबंधी खामियां और अन्य विफलताओं की गहन जांच की जाएगी जो दुर्घटना के कारण हो सकते हैं।उन्होंने बताया कि चूंकि बचाव अभियान मंगलवार को ही समाप्त हुआ, ऐसे में जांच के बारे में विस्तार से बताना अभी जल्दबाजी होगी।
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अधिकारी ने कहा कि हालांकि, सटीक कारण की अभी जांच की जा रही है, लेकिन माना जा रहा है कि विस्फोट इकाई के ‘ड्रायर’ में अत्यधिक दबाव बनने के कारण हुआ। उन्होंने कहा, ‘‘सामान्य कारण ‘ड्रायर’ में अत्यधिक दबाव का बनना है। अब यह जांचना होगा कि दबाव किन कारणों से बना। संभावित कारणों में कारणों में तय स्तर से ज्यादा तापमान होना हो सकता है, और भी कई वजहें हो सकती हैं।’’
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