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ब्रिक्स घोषणापत्र में हुआ 1955 के बांडुंग सम्मेलन का जिक्र, कांग्रेस ने नेहरू की दिलाई याद, कहा- साया साथ रहेगा

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इसको लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बीजेपी पर परोक्ष रूप से कटाक्ष किया और 1966 की हिंदी फिल्म "मेरा साया" के मशहूर गीत के शुरुआती अंतरे “तू जहां जहां चलेगा, मेरा साया साथ होगा” का उल्लेख किया।

ब्रिक्स घोषणापत्र में हुआ 1955 के बांडुंग सम्मेलन जिक्र, कांग्रेस ने नेहरू की दिलाई याद, कहा- साया साथ रहेगा
ब्रिक्स घोषणापत्र में हुआ 1955 के बांडुंग सम्मेलन जिक्र, कांग्रेस ने नेहरू की दिलाई याद, कहा- साया साथ रहेगा फोटोः IANS

ब्रिक्स में आज अपनाए गए ‘दिल्ली घोषणापत्र’ के 16वें पैराग्राफ में 1955 के इंडोनेशिया के बांडुंग में हुए एशियाई-अफ्रीकी सम्मेलन को याद किया गया है। कांग्रेस ने 1955 के बांडुंग सम्मेलन के दौरान जवाहरलाल नेहरू द्वारा लिखे गए नोट्स और टिप्पणियों का जिक्र करते हुए कहा कि उस ऐतिहासिक सम्मेलन की भावना आज भी प्रासंगिक है, इसलिए इसका उल्लेख ब्रिक्स के नयी दिल्ली घोषणापत्र में भी किया गया।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इसको लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बीजेपी पर परोक्ष रूप से कटाक्ष किया और 1966 की हिंदी फिल्म "मेरा साया" के मशहूर गीत के शुरुआती अंतरे “तू जहां जहां चलेगा, मेरा साया साथ होगा” का उल्लेख किया।

जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि ब्रिक्स द्वारा अंगीकार किए गए ‘नयी दिल्ली घोषणापत्र’ के 16वें पैराग्राफ में 1955 के इंडोनेशिया के बांडुंग में हुए एशियाई-अफ्रीकी सम्मेलन को याद किया गया है। उन्होंने घोषणापत्र के संबंधित अंश को साझा करते हुए कहा कि बांडुंग सम्मेलन ने समानता, स्वतंत्रता, हस्तक्षेप न करने और पारस्परिक लाभ सहित सामान्य सिद्धांतों की घोषणा की थी।

रमेश ने कहा कि घोषणापत्र में कहा गया है कि ‘बांडुंग भावना’ एक अधिक न्यायपूर्ण, समावेशी और प्रतिनिधित्वकारी बहुपक्षीय व्यवस्था की दिशा में प्रयासों के लिए एक संदर्भ के रूप में काम करती है। उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल 1955 की दोपहर बांडुंग सम्मेलन के दौरान नेहरू द्वारा लिखे गए कुछ नोट्स उनके पास हैं। उन्होंने इन नोट्स, डूडल और अन्य टिप्पणियों पर हाल में लिखे गए एक लेख का भी उल्लेख किया।

अप्रैल, 1955 में इंडोनेशिया के बांडुंग में आयोजित एशियाई-अफ्रीकी सम्मेलन को नए स्वतंत्र हुए एशियाई और अफ्रीकी देशों के बीच सहयोग और एक स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जाता है। आज ब्रिक्स में अपनाए गए नई दिल्ली घोषणापत्र में बांडुंग सम्मेलन का जिक्र एक बार फिर पूर्व पीएम नेहरू की दूरदर्शीता का उदाहरण है।

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