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मोदी सरकार में पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना खत्म होने के कगार पर पहुंची: कांग्रेस

चौधरी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘जवानों को ये भरोसा रहता है कि सेवानिवृत्ति के बाद सरकार उनका और उनके परिवार का ध्यान रखेगी। लेकिन मोदी सरकार इस भरोसे के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश कर रही है।

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फोटो: Getty Images Leon Neal

कांग्रेस ने नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए शुक्रवार को दावा किया कि नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा पैसे का उचित आवंटन नहीं करने के कारण पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) खत्म होने के कगार पर पहुंच चुकी है।

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पार्टी के ‘पूर्व सैनिक विभाग’ के प्रमुख कर्नल (सेवानिवृत्त) रोहित चौधरी ने सरकार से आग्रह किया कि इस योजना के लिए हर साल 14 हजार करोड़ रुपये की राशि आवंटित की जाए।

चौधरी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘जवानों को ये भरोसा रहता है कि सेवानिवृत्ति के बाद सरकार उनका और उनके परिवार का ध्यान रखेगी। लेकिन मोदी सरकार इस भरोसे के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश कर रही है। 2003 में सरकार द्वारा पूर्व सैनिकों के लिए पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) शुरू किया गया था। कहा गया था कि ये एक कैशलेस और कैपलेस योजना होगी।’’

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उन्होंने दावा किया कि कैग की रिपोर्ट में बताया गया है कि इतने दिनों में पूर्व सैनिकों की तादाद बढ़ती जा रही है, लेकिन सरकार ने उसके हिसाब से न कोई व्यवस्था बनाई और न ही पैसे का आवंटन बढ़ाया है।

चौधरी का कहना है, ‘‘कैग की रिपोर्ट बताती है कि सेना में जवानों की कमी है, इसलिए जल्द से जल्द इसे पूरा किया जाए। इसके अलावा, ईसीएचएस पूरी तरह से तबाही की कगार पर खड़ी है। साल 2023-24 में 13,500 करोड़ रुपये की जरूरत थी, लेकिन बदले में सिर्फ 9,831 करोड़ रुपये मिले।’’

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उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिक कल्याण विभाग किसी भी हाल में ईसीएचएस चलाने के लिए सक्षम नहीं है तथा ऐसे में इसे इसे सीडीएस के तहत लाया जाए। पूर्व सैनिक कल्याण विभाग ने ईसीएचएस की प्रशासनिक ताकत छीन ली है, उसे वापस किया जाए, 14 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए जाएं और बकाया बिल मंजूर किए जाएं।’’

कांग्रेस नेता ने कहा कि अगर ये मांगें पूरी नहीं गईं, तो 30 जनवरी के बाद पूर्व सैनिक दिल्ली आएंगे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी से मुलाकात कर सरकार से बात करेंगे।

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