
जयराम रमेश ने ‘अरुणाचल जनता पार्टी’ के गठन को लेकर अमित शाह पर तंज कसा
‘अरुणाचल जनता पार्टी’ नामक दल का गठन ‘स्वयंभू चाणक्य’ की एक चाल है
टीएमसी छोड़ने वाले सांसदों के लिए एनसीपीआई को पुनर्जीवित किया गया था
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘अरुणाचल जनता पार्टी’ नामक दल के गठन को लेकर मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह ‘स्वयंभू चाणक्य’ की एक चाल है। उन्होंने इस पार्टी के गठन से संबंधित एक सार्वजनिक नोटिस साझा करते हुए यह भी कहा कि इससे पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के दलबदल करने वाले सांसदों के लिए ‘नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी ऑफ इंडिया’ (एनसीपीआई) को एक ‘ठिकाने’ के रूप में पुनर्जीवित किया गया था।
जयराम रमेश ने जो नोटिस साझा किया उसके अनुसार, अरुणाचल जनता पार्टी का गठन 16 अक्टूबर 2026 को हुआ है। पार्टी का मुख्यालय अरुणाचल प्रदेश के पापुम पारे जिले के ईटानगर स्थित डोकुम कॉलोनी में बताया गया है।
नोटिस में कहा गया है कि पार्टी ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29ए के तहत निर्वाचन आयोग में पंजीकरण के लिए आवेदन करने का प्रस्ताव किया है। प्रस्तावित पंजीकरण पर किसी भी प्रकार की आपत्ति रखने वाले व्यक्ति को तीन दिसंबर 2026 तक निर्वाचन आयोग के नयी दिल्ली स्थित कार्यालय में लिखित आपत्ति दर्ज कराने को कहा गया है।
जयराम रमेश ने अपने पोस्ट में दावा किया कि देश में इस तरह के 734 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल हैं, जिनकी वर्ष 2024-25 में घोषित आय 1,100 करोड़ रुपये से अधिक थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस राशि का आधा हिस्सा अकेले गुजरात के 29 ऐसे राजनीतिक दलों के पास गया।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद उसके 27 लोकसभा सदस्यों में से 20 ने पार्टी छोड़ दिया था। कई दिनों तक बीजेपी में जाने की अटकलों और दलबदल कानून लागू होने की चर्चाओं के बाद इन सभी ने एनसीपीआई नाम की एक बिना किसी विधायक और सांसद वाली पार्टी का दामन थाम लिया था। इन सांसदों ने बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को समर्थन दिया था।
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