
कांग्रेस ने संसद में महिला आरक्षण से संबंधित विधेयकों को पेश किए जाने से एक दिन पहले बुधवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी परिसीमन के मुद्दे पर जानबूझकर देश को धोखा दे रहे हैं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि जिन विधेयकों की प्रतियां सांसदों को दी गई हैं वो प्रधानमंत्री के पहले के आश्वासनों के विपरीत हैं।
रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, "प्रधानमंत्री एक ऐसे तथाकथित नेता हैं जिनकी एकमात्र विशेषता गुमराह करने की उनकी बेजोड़ क्षमता है। वह आदतन झूठे हैं जो गलती से भी सच नहीं बोल सकते।"
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उन्होंने आरोप लगाया कि वह परिसीमन के सवाल पर देश के साथ जानबूझकर धोखा करने में लगे हैं। रमेश ने कहा, "उनकी सरकार ने संसद के विशेष सत्र के लिए जो विधेयक सांसदों के बीच वितरित किए हैं, वे उनके द्वारा दिए जा रहे सभी तथाकथित आश्वासनों के विपरीत हैं। दक्षिणी राज्य लोकसभा में अपनी राजनीतिक ताकत खो देंगे और इसी तरह उत्तर पश्चिम भारत के छोटे राज्य और पूर्व के राज्य भी राजनीतिक ताकत खो देंगे।"
उन्होंने सवाल किया कि सभी राज्यों के लिए लोकसभा में समानुपातिक संख्या में बढ़ोतरी का क्या हुआ, जिसका वादा प्रधानमंत्री और उनके कुछ सहयोगियों ने किया था?
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कांग्रेस नेता ने दावा किया, "प्रधानमंत्री के आश्वासन पर भरोसा नहीं किया जा सकता। वह अपने सत्ता-लोलुप प्रयासों से ऊपर उठकर एक राजनेता बनने में असमर्थ हैं, यहां तक कि परिसीमन जैसे संवेदनशील मुद्दे पर भी।"
लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को मूर्त रूप देने के लिए बृहस्पतिवार को एक विधेयक संसद में पेश किया जाएगा, जिसमें संसद के निचले सदन में सदस्यों की मौजूदा संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान है।
इसके साथ ही, सरकार परिसीमन आयोग के गठन के लिए भी एक विधेयक तथा इन्हीं से संबंधित केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन विधेयक), 2026 लाने की तैयारी में है।
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