
मोदी सरकार में एक बार फिर हजारों किसान सड़कों पर है। गन्ने की फसल के बकाया भुगतान और कर्जमाफी समेत कई मांगों को लेकर यूपी के किसान दिल्ली की ओर बढ़ रहे हैं। इस बीच किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने जगह-जगह बैरिकेड्स लगा रखे हैं। गाजीपुर के पास दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर ईस्ट रेंज-दिल्ली के ज्वाइंट सीपी ने कहा, “हम यूपी पुलिस के साथ कोऑडिनेट कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान रास्ते में हैं।”
खबरों के मुताबिक, आंदोलन करने वाले किसानों में नोएडा, गाजियाबाद समेत सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बागपत, बिजनौर और हापुड़ से है। वहीं प्रदर्शनकारी किसान ने सरकार पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पहले कहा गया कि दिल्ली के किसान घाट पर जा सकते हैं, लेकिन सरकार मंशा सही नहीं लग रही है और वो हमारी प्रदर्शन को रोकने की पूरी कोशिश कर रही है। लेकिन हम ये कहना चाहते है कि हमनें बहुत सहन कर लिया और अब नहीं सहन करेंगे। हम अब दिल्ली जाकर मानेंगे।
वहीं पूरन सिंह भारतीय किसान संघ के नेता ने कहा, हमारे 11 प्रतिनिधियों को सरकार ने बुलाया है। अगर हमारी मांग पूरी हुई तो हम वापस लौट जायेंगे लेकिन मांग पूरी नहीं हुई तो हम दिल्ली रवाना होंगे। हम अपनी मांगें शांतिपूर्ण तरीके से रखने आए हैं। सरकार हमें रोकेगी तो हम विरोध नहीं करेंगे लेकिन जहां भी रोका जाएगा वहीं पर भूख हड़ताल करेंगे।
आइए जानते है किसानों की क्या मांग है। कर्ज की माफी, गन्ना बकाये का 14 दिनों में भुगतान, बिजली के रेट में कमी, बच्चों की पहली से आठवीं तक मुफ्त शिक्षा, स्वामीनाथन कमिटी की रिपोर्ट लागू करने और पश्चिम यूपी में अलग से हाई कोर्ट की बेंच के गठन समेत किसान 15 मांगों पर अड़े हुए हैं।
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Published: 21 Sep 2019, 1:34 PM IST