
उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद 6 वरिष्ठ नागरिकों की आंखों की रोशनी चली जाने के बाद शहर के एक नर्सिंग होम के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। सभी 6 का हाल ही में आराध्या नर्सिंग होम में आयोजित नेत्र जांच शिविर में ऑपरेशन किया गया था।
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जिन लोगों का ऑपरेशन किया गया उनमें से छह ने रोशनी, सिरदर्द और आंखों में दर्द की शिकायत की। उन्होंने दावा किया कि वे देख नहीं सकते और उनकी आंखों में अत्यधिक दर्द हो रहा था।
हंगामे के बाद सीएमओ आलोक रंजन ने पत्रकारों को बताया कि घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद कोई कार्रवाई की जाएगी।
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खबरों के मुताबिक, कानपुर के बिल्लौर जनपद में एक निजी अस्पताल ने फ्री मोतियाबिंद ऑपरेशन कैंप लगाया था। इस कैंप में करीब 20-22 लोगों के मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया, जिसके बाद इनमें से 6 मरीजों के आंखों की रोशनी चली गई। जिससे बुजुर्ग और उनके परिजन काफी परेशान हैं। 20 दिन बीत जाने के बाद भी उनकी आंखों की रोशनी आने की बजाय जा चुकी है। बुजुर्ग अब एक असहनीय दर्द से गुजर रहे हैं। मरीजों के परिजनों ने इस मामले में सीएमओ से आरोपी डॉक्टर और प्रबंधन पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
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