हालात

प्रदर्शन से पहले ही पुलिस ने अखिलेश समेत SP नेताओं को घरों में कैद किया, भड़के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया

समाजवादी पार्टी ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, कानून व्यवस्था, भर्तियों में धांधली, स्वास्थ्य सेवा में भ्रष्टचार, गरीबों के घर चल रहे बुलडोजर, किसानों की हालत पर सरकार से जवाब मांगने आज विधानसभा जा रहे थे। लेकिन पुलिस विधायकों को घरों से निकलने नहीं दे रही।

फोटोः IANS
फोटोः IANS 

उत्तर प्रदेश में विधानसभा सत्र से पहले 18 सितंबर तक हर रोज बीजेपी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने का ऐलान करते ही आज अखिलेश यादव समेत एसपी विधायकों-नेताओं के घर के बाहर यूपी पुलिस का पहरा लगा दिया गया। एसपी प्रदेश कार्यालय से लेकर एसपी प्रमुख अखिलेश यादव के आवास तक पुलिस का कड़ा पहरा लगाकर पार्टी नेताओं को घरों में कैद कर दिया गया।

इससे नाराज कार्यकर्ताओं ने जब सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने की कोशिश की तो उनकी पुलिस से नोकझोंक हो गई और झड़प भी हुई, जिसके बाद पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया है। इस घटनाक्रम से सपाइयों में आक्रोश है। एसपी ने कहा कि विधायकों को घर से निकलने नहीं दिया जा रहा है। पार्टी ने इसकी घोर निंदा की है। वहीं अखिलेश यादव ने भी योगी सरकार पर हमला बोला है।

समाजवादी पार्टी ने ट्वीट कर कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, ध्वस्त कानून व्यवस्था, भर्तियों में धांधली, स्वास्थ्य सेवाओं में भ्रष्टचार, गरीब के घरों पर चल रहे बुलडोजर, किसानों की दुर्दशा के मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगने आज विधानसभा जा रहे हैं। लेकिन पुलिस एसपी विधायकों को घरों से निकलने नहीं दे रही। घोर निंदनीय।

वहीं समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने कहा कि हम शांतिपूर्वक विधान भवन में जाकर धरना देना चाह रहे हैं। पुलिस ने हमको बताया कि आपको हाउस अरेस्ट किया गया है। रात 3:00 बजे से ही यहां पुलिस खड़ी की गई है। लोकल चौकी इंचार्ज ने बताया कि हाउस अरेस्ट हैं और कहीं नहीं जा सकते। इसी तरह कई अन्य विधायकों और एमएलसी के घरों के बाहर भी पुलिस का सख्त पहरा है।

समाजवादी पार्टी विधायक रविदास मल्होत्रा ने कहा कि एसपी ने विधानभवन में धरना करने की घोषणा की थी पर सरकार हमारी आवाज को दबाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल कर रही है। पुलिसकर्मी बीती रात से ही मेरे घर के बाहर तैनात हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें मीडिया से बात करने से भी रोका गया।

वहीं इस मामले पर लखनऊ पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि किसी भी एसपी नेता को अरेस्ट नहीं किया गया है। सिर्फ विधानसभा की तरफ जाने से रोका गया था। अब सभी एसपी नेताओं को ईको गार्डन की तरफ भेजा गया है। लखनऊ कमिश्नर ने कहा कि लखनऊ में धरना-प्रदर्शन के लिए ईको गार्डेन चिन्हित है। विधानसभा पर धरने से लोगों को दिक्कत होती। धरने से सुरक्षा भी प्रभावित होती। उन्होंने कहा कि पुलिस हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन कर रही है। ईको गार्डेन में धरना-प्रदर्शन करें कोई दिक्कत नहीं है।

दरअसल, समाजवादी पार्टी ने इस बार विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले ही पांच दिन का धरना प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। 14 सितंबर से 18 सितंबर तक विधान भवन में चरण सिंह की प्रतिमा के समक्ष पार्टी के विधानसभा और विधान परिषद सदस्य धरना देने वाले थे। इस आंदोलन में पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव भी एक दिन धरने पर बैठेंगे। लेकिन धरने से पहले ही पुलिस सक्रिय हो गई। नजरबंद की कार्रवाई शुरू हो गई। इस पर सपाइयों में आक्रोश है। एसपी ने कहा कि विधायकों को घर से निकलने नहीं दिया जा रहा है। पार्टी इसकी घोर निंदा करती है।

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