
मोदी सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसकी बानगी शुक्रवार को पंजाब के बठिंडा में पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम में देखने को मिली। खबर के अनुसार वाजपेयी की जयंती पर बीजेपी द्वारा शहर में आयोजित एक कार्यक्रम में अचानक से कई किसान घुस गए और उन्होंने वहां रखी कुर्सिंया तोड़ डालीं। इस दौरान नाराज किसानों ने मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए।
शहर में वाजपेयी की जयंती पर बीजेपी के कार्यक्रम के लिए पुलिस ने पहले से बैरिकेड लगा रखे थे। लेकिन इसी बीच भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां और अन्य किसान संगठनों के बैनर तले कई किसान वहां पहुंच गए और केंद्र के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। किसान यूनियन के नेता हरजिंदर सिंह और सुखविंदर सिंह ने कहा कि वे कृषि कानूनों को वापस करवाकर ही रहेंगे।
पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन किसान उन्हें तोड़कर अंदर घुस गए और कुर्सियां तोड़ दीं। इसके बाद मामला बढ़ता देख पुलिस ने बीच-बचाव की कोशिश की तो बीजेपी कार्यकर्ता पुलिस से उलझ गए। इसके बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्कामुक्की भी हुई। हालांकि बीजेपी नेता सुनील सिंगला ने आरोप लगाया कि पुलिस ने किसानों को रोकने की बजाय बीजेपी की महिला कार्यकर्ताओं पर ही लाठियां चला दीं, जिससे पांच महिला कार्यकर्ता घायल हो गईं।
इस घटना के बारे में आईजी जसकरन सिंह ने कहा कि किसानों और बीजेपी के बीच मामला निपट चुका है। दोनों पक्षों ने अपना धरना खत्म कर दिया है। इस मामले में किसी भी पक्ष ने शिकायत दर्ज नहीं करवाई है। इस घटना की जानकारी डीजीपी दिनकर गुप्ता और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा को दे दी गई है।
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