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अमेरिका-ईरान के बीच जिनेवा में बातचीत आज, गालिबाफ और जे डी वेंस टीमों के साथ स्विटजरलैंड पहुंचे

अमेरिका और ईरान के बीच आज जिनेवा में ‘तकनीकी बातचीत’ होगी। यह बातचीत शुक्रवार को होनी थी, लेकिन कुछ वजह से इसे टाल दिया गया था। दोनों देशों की टीम स्विटजरलैंड पहुंच रही हैं। इस बीच अमेरिका के जबरदस्त दबाव के बाद इजरायल ने लेबनान पर हमले रोक दिए हैं।

जिनेवा पहुंचे ईरान के मुख्य वार्ताकार एम बी गालिबाफ ने अपने एक्स अकाउंट पर यह तस्वीर शेयर की है
जिनेवा पहुंचे ईरान के मुख्य वार्ताकार एम बी गालिबाफ ने अपने एक्स अकाउंट पर यह तस्वीर शेयर की है 

 अमेरिका और ईरान के बीच आज (21 जून, 2026) को जिनेवा में शुरु होने वाली तकनीकी बातचीत में ईरान का परमाणु कार्यक्रम और लेबनान पर इज़रायली हमले मुख्य मुद्दे रहने की संभावना है। बातचीत ईरान और अमेरिका के बीच हुए 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर दोनों देशों के राष्ट्रपतियों के हस्ताक्षर किए जाने के बाद पहला पड़ाव है। इस एमओयू में ईरान के खिलाफ इस साल 28 फरवरी को शुरु किए गए युद्ध को खत्म करने का ऐलान किया गया है।

इस वार्ता में हिस्सा लेने के लिए ईरान के मुख्य वार्ताकार और संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर घालीबाफ़ की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल स्विट्जरलैंड पहुंचा है। जिस विमान से ईरानी टीम आई है, उस पर ‘मिनाब 168’ लिखा हुआ था। यह संख्या 168 स्कूली बच्चों और शिक्षकों की याद दिलाता है, जो अचानक शुरू हुई और बिना किसी घोषणा के लड़ी गई जंग के पहले ही दिन अमेरिका के हमले में मारे गए थे। ज्यूरिख पहुंचने के बाद अपनी पहली टिप्पणी में घालीबाफ़ ने कहा कि वे खुद को जंग के पीड़ितों के प्रति जवाबदेह मानते हैं। उन्होंने कहा, "मैं मानता हूँ कि मिनाब के मासूम बच्चे और ईरान के सभी प्यारे शहीद हर पल मेरे हर काम और व्यवहार पर नज़र रखे हुए हैं।" अमेरिका अभी भी इस घटना में अपनी भूमिका को आंक ही रहा है।

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ईरानी टीम में विदेश मंत्री अब्बास अरागची, सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के डिप्टी हेड बाकरी-कानी, सेंट्रल बैंक के गवर्नर अब्दुल नासिर हिम्मती, डिप्टी विदेश मंत्री ग़रीबाबादी और डिप्टी तेल मंत्री हामिद बुर्द शामिल हैं। ये सभी अलग-अलग क्षेत्रों के एक्सपर्ट माने जाते हैं और बातचीत में कड़ा रुख अपनाने के लिए जाने जाते हैं।

दूसरी तरफ अमेरिकी टीम की अगुवाई उप राष्ट्रपति जे डी वेंस करेंगे और इसमें राष्ट्रपति ट्रंप के मिडिल ईस्ट मामलों के दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप  के दामाद जेरेड कुशनर के भी शामिल होने की संभावना है। स्विट्जरलैंड के लिए एंड्रयूज एयर फोर्स बेस से रवाना होने से पहले, वेंस ने कहा कि स्विट्जरलैंड में ईरान के साथ बातचीत के दौरान वे परमाणु मुद्दे और लेबनान में युद्धविराम पर बात आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगे।

इस बातचीत में मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ और पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर भी हिस्सा लेंगे।

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इस बीच इज़राइल के चैनल 12 ने इज़राइली सूत्रों के हवाले से बताया कि लेबनान में युद्धविराम लागू करने का फैसला "भारी" अमेरिकी दबाव के बाद लिया गया था। वहीं चैनल 13 ने एक राजनयिक सूत्र का हवाला देते हुए कहा कि वाशिंगटन ने एक संदेश भेजकर इज़राइल से स्विट्जरलैंड वार्ता को आगे बढ़ाने लिए लेबनान में तनाव न बढ़ाने का आग्रह किया। इसके अलावा एक अमेरिकी अधिकारी ने अल जजीरा को बताया कि इजरायली सेना ने अमेरिकी सेंट्रल कमांड को पुष्टि की है कि उसने अपनी यूनिट्स को लेबनान में युद्धविराम का पालन करने का आदेश दिया है। इजरायली सैन्य सूत्रों के अनुसार, लेबनान में इजरायली कब्जे वाली सेना को फायरिंग बंद करने का निर्देश दिया गया है, लेकिन दक्षिणी लेबनान में अली अल-ताहेर क्षेत्र से पीछे नहीं हटेंगे।

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इजराइल, अमेरिका और ईरान में कट्टरपंथियों के 'मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग' (समझौता ज्ञापन) में घोषित किए गए समझौते का विरोध करने की वजह से बातचीत के मुश्किल और पेचीदा होने की संभावना भी है। इजराइल और अमेरिका में कट्टरपंथियों को शांत करने के लिए ईरान पर बड़ी रियायतें देने का दबाव डाला जाएगा, लेकिन उम्मीद है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को फिर से खोलने से पहले ईरान भी बदले में ठोस गारंटी की मांग करेगा। आधिकारिक तौर पर ईरान ने दावा किया है कि होर्मुज़ स्ट्रेट सभी कमर्शियल जहाजों के लिए खुला है, सिवाय उन जहाजों के जो दुश्मनों और उनके सहयोगियों से जुड़े हैं।

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