
बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने अवैध खनन मामले में पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव का बचाव करते हुए उनका समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि अखिलेश के खिलाफ राजनीतिक विद्वेष से सीबीआई का इस्तेमाल किया जा रहा है। बीजेपी राजनीतिक फायदे के लिए सीबीआई का गलत इस्तेमाल कर रही है।
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उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की घिनौनी राजनीति और बीजेपी का चुनावी षडयंत्र कोई नई बात नहीं है, बल्कि यह उनका पुराना हथकंडा है। इसे देश की जनता अच्छी तरह समझती है। उन्होंने आगे कहा कि इससे घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
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इससे पहले समाजवादी पार्टी और बीएसपी ने एक मंच से बीजेपी और मोदी सरकार पर हमला बोला है। साझा प्रेस कॉन्फ़्रेंस में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव और बीएसपी के सीनियर लीडर सतीश चंद्र ने कहा कि मोदी सरकार सीबीआई का गलत इस्तेमाल कर विपक्ष को डरा रही है। उन्होंने आगे कहा कि समाजवादी पार्टी और बीएसपी के गठबंधन की खबर से बीजेपी डरी हुई है। जिसके बाद मोदी सरकार ने तोते यानी (सीबीआई) से गठबंधन कर लिया है।
रामगोपाल ने आगे कहा, ‘अभी तो एसपी-बीएसपी गठबंधन हुआ भी नहीं है। इससे पहले ही बीजेपी हताश हो गई है। बड़े मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए सीबीआई का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि अगर बीजेपी और सीबीआई के बीच किसी भी प्रकार की संधि है तो बीजेपी को पूरे उत्तर प्रदेश में कहीं पैर रखने की भी जगह नहीं मिलेगी। पीएम मोदी को भी बनारस छोड़कर देश की किसी दूसरी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ना पड़ेगा।
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सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा, “ हाल ही में तीन राज्यों में मिली हार के बाद बीजेपी को पूरे देश में नकारने जा रहा है। इसका ये मतलब नहीं है कि बीजेपी सीबीआई से गठबंधन कर ले।”
वहीं लोकसभा में सीबीआई मुद्दे को उठाते हुए समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि सीबीआई जैसी संस्था का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बीएसपी प्रमुख और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष के बीच मुलाकात के बाद अखिलेश यादव पर एफआईआर की गई है। उन्होंने आगे कहा कि सीबीआई तोता बन गई है और बीजेपी ने इसके साथ गठबंधन कर लिया है।
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