हालात

उत्तराखंड त्रासदी: ऋषभ पंत देंगे एक मैच की फीस, लोगों से की ये खास अपील

विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने एक ट्वीट में कहा कि उत्तराखंड में हुए हादसे से बहुत दुख हुआ। राहत, बचाव के लिए अपनी मैच फीस देना चाहूंगा और अधिक लोगों से मदद करने की अपील करूंगा।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया 

उत्तराखंड के चमोली में जोशीमठ के पास ग्लेशियर टूटने के चलते आई भीषण बाढ़ में जानमाल के नुकसान से आहत भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने राहत, बचाव के लिए एक मैच की फीस देने की घोषणा की है। वो भारत और इंग्लैंड के बीच चेन्नई में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में भारतीय टीम के सदस्य हैं। रविवार सुबह हुई दुखद घटना के बाद लगभग 150 लोगों के लापता होने और उनके मारे जाने की आशंका है। 10 से अधिक लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं। पंत ने लोगों से अपील की कि वे भी मदद करें।

पंत ने एक ट्वीट में कहा, उत्तराखंड में हुए हादसे से बहुत दुख हुआ। राहत, बचाव के लिए अपनी मैच फीस देना चाहूंगा और अधिक लोगों से मदद करने की अपील करूंगा। हरभजन सिंह ने ट्वीट किया, उत्तराखंड के लोग धीरज से काम लें। हर किसी की सलामती की प्रार्थना करता हूं।

बचाव अभियान अभी भी जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जान गंवाने वालों के परिजनों के लिए 2 लाख रुपये अनुग्रह राशि की घोषणा की है। आपदा में गंभीर रूप से घायल लोगों के लिए 50,000 रुपये का मुआवजा दिया है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी सभी मृतकों के परिवारों को 4 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है।

(आईएएनएस के इनपुट के साथ)

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए

  • बड़ी खबर LIVE: कौशांबी में पटाखे की फैक्ट्री में विस्फोट, 7 लोगों की मौत, महाराष्ट्र-दिल्ली में SIR की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी

  • ,
  • अखिलेश यादव का योगी सरकार पर हमला, कहा- भ्रष्टाचार में डूबी सरकार, AI में हमें बदनाम करने की कोशिश

  • ,
  • महाराष्ट्र-दिल्ली में SIR की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी, दिल्ली में 47 लाख तो महाराष्ट्र 2 करोड़ से ज्यादा नाम कटे

  • ,
  • BJP के गढ़ में कांग्रेस का मास्टर स्ट्रोक, भवानीमंडी में पूर्व पालिका अध्यक्ष रामलाल गुर्जर ने परिवार संग थामा हाथ

  • ,
  • सुप्रीम कोर्ट ने 'मोहम्मद दीपक' के खिलाफ दर्ज मामले में आगे की कार्रवाई पर लगाई रोक, उत्तराखंड सरकार से मांगा जवाब