
बंगाल की खाड़ी में चक्रवात ‘अर्नब’ के मजबूत होने से पूर्वी तट के राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा बढ़ गया है।
चक्रवात 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यानम के तट से टकरा सकता है।
ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों में चक्रवात के असर से भारी बारिश की आशंका है।
दिल्ली, यूपी, बिहार समेत कई राज्यों में मौसम बदलने के आसार हैं।
गुलाबी सर्दी के बीच देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल रहा है। सुबह और शाम हल्की ठंड महसूस होने लगी है, वहीं बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात ‘अर्नब’ ने मौसम को लेकर चिंता बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, यह तूफान आंध्र प्रदेश और यानम के तट की ओर बढ़ रहा है। इसके असर से पूर्वी तटीय इलाकों में तेज हवाओं और भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा है।
चक्रवात के तट से टकराने की संभावित तारीख 28 अक्टूबर बताई गई है। इसके प्रभाव से ओडिशा और आसपास के क्षेत्रों में बारिश तेज हो सकती है। मौसम के इस बदलाव का असर तटीय इलाकों से आगे मध्य भारत और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों तक पहुंचने का अनुमान है।
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आंध्र प्रदेश और यानम के तटीय क्षेत्रों में 27 और 28 अक्टूबर को अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। ओडिशा में भी भारी से अत्यधिक भारी बारिश की आशंका है। इसके अलावा तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर तेज होने का अनुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी आने वाले दिनों में बारिश की संभावना जताई गई है।
चक्रवात के प्रभाव वाले इलाकों में तेज हवाएं चल सकती हैं। आधिकारिक पूर्वानुमान में आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों के लिए तूफानी हवाओं की चेतावनी दी गई है। समुद्र में खराब परिस्थितियों को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह भी दी गई है।
आपके दिए इनपुट में दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में 27 अक्टूबर को भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी का उल्लेख है। हालांकि, उपलब्ध IMD पूर्वानुमान में इन राज्यों के लिए उसी दिन व्यापक भारी बारिश के अलर्ट की पुष्टि नहीं होती। चक्रवात के आगे बढ़ने के साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में बाद के दिनों में बारिश बढ़ने की संभावना जताई गई है।
दिल्ली में सुबह और शाम के समय हल्की ठंड का अहसास हो सकता है। वहीं, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और राजस्थान के लिए जिलेवार मौसम की जानकारी लेते समय संबंधित दिन का आधिकारिक पूर्वानुमान देखना जरूरी है, क्योंकि अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम की स्थिति एक जैसी नहीं होती।
पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश होने पर भूस्खलन और रास्ते बाधित होने का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि, उपलब्ध आधिकारिक स्रोतों से 27 अक्टूबर को सभी पहाड़ी इलाकों के लिए एक समान लैंडस्लाइड अलर्ट की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताजा सलाह पर नजर रखना जरूरी है।
चक्रवात ‘अर्नब’ के तट से टकराने की संभावित तारीख नजदीक आने के साथ आंध्र प्रदेश और ओडिशा में तैयारियां तेज की गई हैं। प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को प्रशासन की हिदायतों का पालन करना चाहिए और मौसम से जुड़ी अपुष्ट सूचनाओं के बजाय आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करना चाहिए।