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मौसम अपडेट: दिल्ली में झमाझम बारिश, 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, उत्तराखंड से असम-केरल तक बिगड़े हालात

IMD ने 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। दिल्ली में बारिश जारी है। यूपी-उत्तराखंड में हाई अलर्ट, जबकि असम, केरल, गुजरात और जम्मू-कश्मीर में बारिश से जनजीवन प्रभावित है।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया 

देश के कई हिस्सों में मॉनसून पूरी तरह सक्रिय है और इसका असर अब जनजीवन पर साफ दिखाई देने लगा है। दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में लगातार बारिश हो रही है, जबकि भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों के लिए 17 राज्यों में मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कुछ राज्यों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार जैसे राज्यों में लोगों को भारी बारिश, जलभराव, पेड़ गिरने और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

दिल्ली-एनसीआर में बारिश जारी, कई राज्यों के लिए अलर्ट

दिल्ली-एनसीआर में पिछले तीन दिनों से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। गुरुवार सुबह भी राजधानी, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद, फरीदाबाद और आसपास के इलाकों में बारिश दर्ज की गई। इससे पहले बुधवार को करीब दो घंटे तक तेज बारिश हुई थी। मौसम विभाग के मुताबिक 5 से 8 अगस्त के बीच हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। इस दौरान आसमान में बादल छाए रहेंगे और बीच-बीच में फुहारें पड़ेंगी। हालांकि दिल्ली के लिए फिलहाल कोई विशेष मौसम अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

आईएमडी के अनुसार उत्तराखंड तथा कोंकण-गोवा में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल और माहे में मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, अंडमान-निकोबार, ओडिशा, झारखंड, असम, मेघालय, महाराष्ट्र, कर्नाटक और लक्षद्वीप में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है।

यूपी-बिहार और उत्तराखंड में बढ़ी चिंता

उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश के बीच पांच जिलों के लिए अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में बुधवार को भारी बारिश दर्ज की गई, जबकि 6 अगस्त को भी कई स्थानों पर तेज बारिश की संभावना जताई गई है। पश्चिमी यूपी के 20 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। बिहार में भी 6 से 8 अगस्त के बीच भारी बारिश का पूर्वानुमान है। पटना समेत राज्य के अधिकांश हिस्सों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आ रही नम पूर्वी हवाओं और ऊपरी वायुमंडल में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से लगातार बादल बन रहे हैं।

उत्तराखंड में लगातार बारिश को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबंधन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू करने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। जिलाधिकारियों को संवेदनशील इलाकों की निगरानी, नदियों-नालों के जलस्तर पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन के अनुसार देहरादून, चमोली और बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि बाकी जिलों में येलो अलर्ट रहेगा। भारी बारिश और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों और पर्यटकों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की गई है। चमोली और बागेश्वर में 12वीं तक के सभी स्कूल बंद रखने का फैसला भी लिया गया है।

जम्मू-कश्मीर, गुजरात, केरल और असम में मॉनसून का कहर

जम्मू-कश्मीर में तेज बारिश के बाद उरी के बोनियार इलाके के लाचीपुरा में स्थानीय नालों में अचानक पानी बढ़ने से फ्लैश फ्लड जैसी स्थिति बन गई और बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों में पहुंच गया। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। वहीं कुलगाम के नंदीमार्ग इलाके में क्लाउडबर्स्ट के बाद नामलान नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे कई जल स्रोत उफान पर आ गए और तेज बहाव गांवों तक पहुंच गया।

गुजरात के नवसारी जिले में इस मॉनसून सीजन में अब तक करीब 2200 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 115 प्रतिशत अधिक है। अत्यधिक बारिश से किसानों की धान और गन्ने की फसल लगभग पूरी तरह बर्बाद हो गई है। पोहा उद्योग पर भी संकट गहरा गया है। जिले की करीब 50 पोहा मिलों में रोजाना 500 टन उत्पादन होता है, लेकिन धान की फसल खराब होने से कच्चे माल की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। करीब दो हजार मजदूरों के रोजगार पर भी असर पड़ सकता है और पोहे की कीमतों में बढ़ोतरी शुरू हो गई है। डायमंड उद्योग को भी करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। कई फैक्ट्रियों में पांच से सात फीट तक पानी भरने से लेजर और माइक्रो मशीन समेत महंगी मशीनरी खराब हो गई है, जिससे हजारों कारीगरों के सामने रोजगार का संकट पैदा हो गया है।

केरल में बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से जुड़ी घटनाओं में अब तक 26 लोगों की मौत हो चुकी है। 11 लोग घायल हैं और चार लोग अब भी लापता हैं। राज्यभर में 462 राहत शिविरों में 27,048 विस्थापित लोगों को ठहराया गया है। सबसे ज्यादा राहत शिविर पथानामथिट्टा, कोट्टायम और अलप्पुझा जिलों में संचालित किए जा रहे हैं। राज्य सरकार के अनुसार 1,882 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है और 23,537 किसानों को नुकसान पहुंचा है। शुरुआती आकलन में कृषि क्षेत्र को 67.44 करोड़ रुपये का नुकसान बताया गया है। सरकार ने मृतकों के परिजनों को राज्य आपदा मोचन कोष, मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष के माध्यम से कुल 8 लाख रुपये की सहायता देने का फैसला किया है।

पूर्वोत्तर में भी हालात सामान्य नहीं हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार को बाढ़ प्रभावित असम का दौरा कर कहा कि तबाही का दायरा इतना बड़ा है कि हालात सामान्य होने में समय लगेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ असम-नागालैंड सीमा पर स्थित नेपालीखुटी क्षेत्र का दौरा किया, जो 19 जुलाई की बाढ़ के बाद सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में शामिल है। प्रभावित परिवारों से मुलाकात के बाद नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार पुनर्वास, वित्तीय सहायता, मुआवजा और संपत्ति के नुकसान की भरपाई सहित हर संभव मदद उपलब्ध कराएगी। लगातार बारिश के बीच असम में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 89 हो गई है, जबकि पांच जिलों में अब भी 1.22 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। रातभर हुई बारिश के बाद कई इलाकों में एक बार फिर जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

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