
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण विधेयक को 2024 के लोकसभा चुनाव से लागू करने और अन्य पिछड़े वर्गों (ओबीसी) के लिए अलग से कोटा निर्धारित करने संबंधी संशोधनों को खारिज किए जाने से बीजेपी के असली इरादे बेनकाब हो गए।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने लिखा, "कांग्रेस पार्टी ने कल रात राज्यसभा में महिला आरक्षण विधेयक में संशोधन का सुझाव दिया। इन संशोधनों से ये सुनिश्चित होता:
1. 2024 के लोकसभा चुनाव से ही महिलाओं के लिए आरक्षण।
2. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए आरक्षण के अलावा ओबीसी महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान।
इनमें से किसी भी संशोधन के सुझाव को माना जा सकता था। लेकिन दोनों को ही ख़ारिज कर दिया गया।"
उन्होंने आगे कहा, बीजेपी के इस स्टैंड से उसकी असली नियत फिर से बेनकाब हुई है। परिसीमन और जनगणना महिला आरक्षण को टालने के लिए सिर्फ खोखले बहाने हैं। यह पूरा प्रयास वास्तव में महिला आरक्षण को लागू किए बिना ही इसे एक थके हुए और सुस्त पड़े प्रधानमंत्री के चुनावी लाभ के लिए इस्तेमाल करना था।"
गौरतलब है कि राज्यसभा में गुरुवार रात महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम विधेयक, 2023) को सर्वसम्मति से पारित किया। विधेयक के पक्ष में 214 वोट पड़े, जबकि इस विधेयक के खिलाफ किसी ने मतदान नहीं किया।
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