
आज भारतीय सिनेमा के महान गायक मुकेश की 103वीं जयंती है। दर्द भरे नगमों के बेताज बादशाह मुकेश को गुजरे हुए भी भले 50 साल हो गए हों, लेकिन आज भी उनकी आवाज संगीत प्रेमियों के दिलों में गूंजती है। बेहद सुरीली और दर्द भरी आवाज के मालिक मुकेश ने हिंदी सिनेमा को कई अमर गीत दिए हैं।
फिल्म इंडस्ट्री में अलग पहचान बनाने वाले गायक मुकेश कुमार का जन्म 22 जुलाई 1923 को दिल्ली में हुआ था। हिंदी सिनेमा में खास पहचान बनाने वाले मुकेश का पूरा नाम मुकेश चंद माथुर था। उनके पिता का नाम जोरावर चंद माथुर था और वे पेशे से इंजीनियर थे। 10 भाई-बहनों में मुकेश अपनी माता-पिता की 6वीं संतान थे। उनको बचपन से ही गायन में लगाव था। अपने सहपाठियों को मुकेश गाना सुनाया करते थे।
10वीं के बाद पढ़ाई छोड़कर मुकेश नौकरी करने लगे थे। मुकेश को फिल्मों में काम करने का शौक था। मुकेश अपने रिश्तेदार और अभिनेता मोतीलाल की बहन की शादी में गाना गा रहे थे। उनकी आवाज मोतीलाल को काफी पसंद आई। उनकी प्रतिभा को मोतीलाल ने न सिर्फ पहचाना, बल्कि उन्हें इस मुकाम पर पहुंचाने में साथ भी दिया था। मोतीलाल मुकेश को अपने साथ बंबई शहर लेकर आ गए और मुकेश को सिंगिंग की ट्रेनिंग कराई। हिंदी सिनेमा में शुरुआती दौर में मुकेश को संघर्षों का सामना करना पड़ा।
उन्होंने अपने करियर के पहले गाने 'दिल ही बुझा हुआ हो तो' से ही लोगों में खास पहचान बनाई। मुकेश ने 1941 में फिल्म 'निर्दोष' से एक अभिनेता और गायक के रूप में अपना करियर शुरू किया था। इसके बाद मुकेश ने 'माशूका', 'आह', 'अनुराग', और 'दुल्हन' जैसी फिल्मों में अभिनेता के तौर पर भी काम किया।
पार्श्व गायक के रूप में उनकी पहली बड़ी सफलता 1945 में आई फिल्म 'पहली नजर' का गीत 'दिल जलता है तो जलने दे' था। उन्होंने 'दोस्त-दोस्त न रहा', 'जीना यहां मरना यहां', 'कहता है जोकर', 'दुनिया बनाने वाले क्या तेरे मन में समाई', 'आवारा हूं' और 'मेरा जूता है जापानी' जैसे गाने गाए हैं जो आज भी लोकप्रिय और अमर हैं। वे देश ही नहीं बल्कि विदेशों में ही काफी मशहूर रहे।
मुकेश को हिंदी सिनेमा में 'राज कपूर की आवाज' और 'दर्द भरे नगमों के बेताज बादशाह' के रूप में याद किया जाता है। मुकेश ने अपने 40 वर्ष के लंबे करियर में 200 से ज्यादा गाने गाए। अमेरिका में एक स्टेज शो के दौरान हार्टअटैक से उनका 27 अगस्त 1976 को निधन हो गया था। 'इक दिन बिक जाएगा माटी के मोल, जग में रह जाएंगे प्यारे तेरे बोल' गीत गा रहे थे, तभी उनको दिल का दौरा पड़ा था।
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