राजनीति

लोकसभा चुनावः तेलंगाना की सभी 17 सीटों पर भी कल मतदान, ओवैसी, किशन रेड्डी समेत कई दिग्गजों की साख दांव पर

राज्य की सभी लोकसभा सीटों के लिए 525 उम्मीदवार मैदान में हैं, जहां सत्तारूढ़ कांग्रेस और पूर्व सीएम के चंद्रशेखर राव की पार्टी बीआरएस के बीच सीधा मुकाबला है। हालांकि बीजेपी इस लड़ाई को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश में लगी है।

तेलंगाना की सभी 17 सीटों पर भी कल मतदान, ओवैसी, किशन रेड्डी समेत कई दिग्गजों की साख दांव पर
तेलंगाना की सभी 17 सीटों पर भी कल मतदान, ओवैसी, किशन रेड्डी समेत कई दिग्गजों की साख दांव पर फोटोः सोशल मीडिया

लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में कल 13 मई को तेलंगाना की सभी 17 लोकसभा सीटों पर भी मतदान होगा। राज्‍य के 3.17 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर 525 उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य का फैसला करेंगे। हैदराबाद में सिकंदराबाद छावनी विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव के लिए भी मतदान होगा। 2019 के लोकसभा चुनाव में बीआरएस ने राज्य की नौ सीटें जीती थीं, जबकि बीजेपी को चार सीटें मिली थीं। कांग्रेस तीन सीटें जीत सकी, जबकि एआईएमआईएम ने एकमात्र सीट बरकरार रखी।

राज्य की सभी लोकसभा सीटों के लिए 525 उम्मीदवार मैदान में हैं, जहां सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी बीआरएस के बीच सीधा मुकाबला है। हालांकि बीजेपी लड़ाई को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश में लगी है। सिकंदराबाद निर्वाचन क्षेत्र में उम्मीदवारों की अधिकतम संख्या 45 है। मेडक में कुल 44 उम्मीदवार मैदान में हैं, इसके बाद चेवेल्ला में 43 और पेद्दापल्ले (एससी) और वारंगल (एससी) निर्वाचन क्षेत्रों में 42-42 उम्मीदवार हैं। आदिलाबाद (एसटी) निर्वाचन क्षेत्र में केवल 12 उम्मीदवार हैं।

दिग्गजों की बात करें तो केंद्रीय मंत्री और राज्य बीजेपी अध्यक्ष जी. किशन रेड्डी सिकंदराबाद से फिर से चुनाव लड़ रहे हैं। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और करीमनगर से मौजूदा सांसद बंदी संजय कुमार फिर से उसी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डी.के.अरुणा महबूबनगर से मैदान में हैं। वहीं एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन औवेसी हैदराबाद से लगातार पांचवीं बार चुनाव लड़ रहे हैं। उनके सामने बीजेपी ने माधवी लता को उतारा है। वहीं राज्य में पीछले साल प्रचंड बहुमत से सत्ता में आई कांग्रेस के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के लिए भी यह चुनाव प्रतिष्ठा बरकरार रखने का है।

चुनाव शांतिपूर्ण और सुचारु ढंग से संपन्न कराने के लिए चुनाव आयोग ने व्यापक इंतजाम किए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) विकास राज के अनुसार, राज्य में कुल 3,17,17,389 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के पात्र हैं। इनमें 1,58,71,493 पुरुष, 1,58,43,339 महिलाएं और 2,557 तृतीय लिंग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि 20,163 मतदाताओं ने घर से मतदान की सुविधा का लाभ उठाया है। चुनाव ड्यूटी पर तैनात 1.88 लाख से अधिक कर्मचारियों ने डाक मतपत्र से मतदान किया है। राज्यभर में कुल 35,809 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। लगभग एक लाख सुरक्षाकर्मियों सहित कुल 2.94 लाख कर्मी चुनाव ड्यूटी पर होंगे।

मतदान सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक होगा। 106 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान का समय पहले सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित किया गया था। राजनीतिक दलों द्वारा अनुरोध किए गए जाने के बाद और गर्मी की लहर की स्थिति पर विचार करते हुए चुनाव आयोग ने 1 मई को इसे एक घंटे तक बढ़ाने की घोषणा की थी। हालांकि, पांच लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों के अंतर्गत 13 वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) प्रभावित क्षेत्रों में मतदान शाम 4 बजे समाप्त होगा।

नवंबर 2023 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान तेलंगाना में 71.34 प्रतिशत मतदान हुआ था।2018 के विधानसभा चुनाव में 73.73 फीसदी मतदाताओं ने वोट डाले थे। हालांकि, 2019 के लोकसभा चुनाव में मतदान घटकर 62.11 प्रतिशत रह गया। मतदान के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के तहत केंद्रीय बलों की 160 कंपनियां तैनात की गई हैं। सीईओ ने कहा कि तेलंगाना से 72,000 कर्मी, पड़ोसी राज्यों से 20,000 कर्मी और अन्य वर्दीधारी सेवाओं के 4,000 कर्मी तैनात किए जाएंगे।

इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) का विवरण साझा करते हुए उन्होंने कहा कि 1,05,019 मतपत्र इकाइयों (बस) की व्यवस्था की गई है। कुल 44,569 नियंत्रण इकाइयां (सीयू) और 48,134 वीवीपीएटी भी तैनात की गई हैं। ईवीएम की खराबी की शिकायतों पर ध्यान देने के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में तीन ईसीआईएल इंजीनियरों को नियुक्त किया गया है।

सीईओ ने कहा कि राज्यभर में 1.96 लाख मतदान कर्मी ड्यूटी पर रहेंगे। इसमें 3,522 सेक्टर ऑफिसर और रूट ऑफिसर होंगे। आयोग ने 12,909 माइक्रो-ऑब्जर्वर भी नियुक्त किए हैं। कुल मतदान केंद्रों की संख्या 35,809 है और 453 सहायक मतदान केंद्र हैं। तीन सबसे छोटे मतदान केंद्रों पर क्रमशः 10, 12 और 14 मतदाता हैं। ग्यारह मतदान केंद्रों पर प्रत्येक में 25 से कम मतदाता हैं, जबकि 22 मतदान केंद्रों पर प्रत्येक में 50 से कम मतदाता हैं। 54 मतदान केंद्र ऐसे हैं, जिनमें प्रत्येक पर 100 से कम मतदाता हैं।

शनिवार को शाम छह बजे प्रचार थमने के बाद चुनाव आयोग ने 48 घंटों के लिए चुनाव से संबंधित थोक एसएमएस के प्रसारण पर प्रतिबंध लगा दिया था। जब से आदर्श आचार संहिता लागू हुई है, अधिकारियों ने इसके उल्लंघन के लिए 8,600 मामले दर्ज किए हैं। प्रवर्तन एजेंसियों ने 320.84 करोड़ रुपये की नकदी और अन्य मुफ्त चीजें जब्त की हैं।

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए

  • बड़ी खबर LIVE: 15 अगस्त से पहले दिल्ली में हाई अलर्ट, 19 आतंकियों के पोस्टर जारी, हंगामे के बीच संसद 2 बजे तक स्थगित

  • ,
  • 'रांची में 'विधानसभा घेराव' मार्च के दौरान छात्रों पर नहीं हुआ बल प्रयोग', JMM ने बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप

  • ,
  • मौसम अपडेट: MP-UP समेत बिहार, राजस्थान और ओडिशा में बिगड़ेगा मौसम, भारी बारिश और आंधी का अलर्ट

  • ,
  • मानसून सत्र: चौथे हफ्ते के दूसरे दिन भी संसद में भारी हंगामा, शाह के बयान पर अड़ा विपक्ष, सदन 2 बजे तक के लिए स्थगित

  • ,
  • 'झारखंड के छात्र आंदोलन में बंगाल से युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं को भेज रही BJP', केसी वेणुगोपाल ने शेयर किया वीडियो