राजनीति

लोकतंत्र के पन्ने: जानिए नवादा लोकसभा सीट का इतिहास, क्या होगा इस बार

नवादा लोकसभा सीट 1957 चुनाव से अस्तित्व में आया। पहले लोकसभा चुनाव में नवादा गया के अन्तर्गत आता था। 1957 और 1962 के लोकसभा चुनाव में यहां से कांग्रेस उम्मीदवार जीत हासिल की थी। जबकि 1967 में निर्दलीय प्रत्याशी सूर्य प्रकाश पूरी यहां के सांसद बने।

फोटो: सोशल मीडिया
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लोकसभा चुनाव 2019 का बिगुल बज चुका है। इस बार चुनाव सात चरणों में होंगे और बिहार में इन सभी चरणों में मतदान कराए जाएंगे। पहले चरण का चुनाव 11 अप्रैल को होगा। इस चरण में बिहार के 4 लोकसभा सीटों पर मतदान कराए जाएंगे। जिसमें से नवादा भी एक है। नवादा लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद बीजेपी के फायर ब्रांड नेता गिरीराज सिंह हैं। लेकिन यह सीट एलजेपी के खाते में चले जाने से यहां से उनका टिकट कट गया है।

नवादा लोकसभा सीट का इतिहास

नवादा लोकसभा सीट 1957 चुनाव से अस्तित्व में आया। पहले लोकसभा चुनाव में नवादा गया के अन्तर्गत आता था। 1957 और 1962 के लोकसभा चुनाव में यहां से कांग्रेस उम्मीदवार जीत हासिल की थी। जबकि 1967 में निर्दलीय प्रत्याशी सूर्य प्रकाश पूरी यहां के सांसद बने। 1971 के चुनाव में कांग्रेस की वापसी हुई और सुखदेव प्रसाद वर्मा कांग्रेस की टिकट पर चुनाव जीतकर संसद पहुंचे। पर अगले चुनाव में कांग्रेस की हार हुई। 1977 में भारतीय लोक दल के नथुनी राम यहां से सांसद बने। अगले दो चुनाव में फिर यहां कांग्रेस का ही प्रभुत्व रहा। 1980 और 1984 के चुनाव में कांग्रेस के कुंवर राम सांसद सांसद बनकर लोकसभा पहुंचे। वहीं 1989 और 1991 में नवादा सीट पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) का कब्जा रहा। जबकि 1996 के चुनाव में बीजेपी पहली बार यहां से जीत दर्ज करने में कामयाब रही। कमलेश्वर पासवान यहां से बीजेपी के पहले सांसद बने। लेकिन अगले ही चुनाव में बीजेपी को नवादा से हार का सामना करना पड़ा। राष्ट्रीय जनता दल की मालती देवी यहां की सांसद बनी। एक साल बाद ही लोकसभा के लिए दोबारा चुनाव कराया गया। इस चुनाव में बीजेपी की वापसी हुई। पार्टी के उम्मीदवार डॉ. संजय पासवान चुनाव जीतकर सासद पहुंचे।

साल 2004 के चुनाव में एक बार फिर से यहां आरजेडी का जादू चला और वीरचन्द्र पासवान यहां से जीतकर लोकसभा पहुंचे। लेकिन 2009 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी की वापसी हुई और डॉ. भोला सिंह नवादा के सांसद चुने गए। 2014 लोकसभा चुनाव में भी नवादा से बीजेपी को ही जीत मिली। अपने विवादित बयानों के लिए चर्चा में रहने वाले गिरिराज सिंह चुनाव जीतकर संसद पहुंचने में कामयाब रहे। गिरिराज सिंह को मोदी मंत्रिलंडल में जगह भी मिली। गिरिराज सिंह को केंद्रीय सूक्ष्म लघू एवं मध्यम उद्यम राज्यमंत्री बनाया गया।

नवादा लोकसभा सीट का परिचय

पिछले लोकसभा चुनाव में यहां के कुल मतदाताओं की संख्या 16 लाख 75 हजार 789 थी, जिसमें से मात्र 8 लाख 84 हजार 441 लोगों ने अपने मतों का प्रयोग किया था। इनमें वोट देने वाले पुरुषों की संख्या 4 लाख 78 हजार 217 थी और महिलाओं की संख्या 4 लाख 6 हजार 224 थी। साल 2011 की जनगणना के मुताबिक यहां की जनसंख्या 25 लाख 14 हजार 399 हैं, जिसमें से 89 प्रतिशत जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों में और 10 प्रतिशत जनसंख्या शहरी क्षेत्रों में निवास करती है। नवादा में भूमिहार की संख्या सबसे ज्यादा है। यादव और मुस्लिम मतदातों की संख्या भी अच्छी खासी है। तो वहीं दूसरी जातियां के वोट यहां निर्णायक साबित होते रहे हैं।

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