
भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने सूर्यकुमार यादव की ‘संयमित नेतृत्व क्षमता’ की तारीफ करते हुए कहा कि टी20 प्रारूप में कप्तान के तौर पर वह सभी कसौटी पर खरे उतरते हैं और इससे उनका दबाव भरा काम थोड़ा आसान हो जाता है।
स्टार स्पोर्ट्स द्वारा साझा किए गए एक छोटे वीडियो में गंभीर ने कहा कि मौजूदा टी20 विश्व कप में सूर्यकुमार जैसे आक्रामक बल्लेबाज का कप्तान होना भारत के लिए सौभाग्य की बात है। इस वीडियो में यह नहीं पता चल रहा है कि गंभीर ने यह बयान कब दिया है।
गंभीर ने कहा, ‘‘सूर्यकुमार ने इस प्रारूप में मेरा काम बहुत आसान कर दिया है। वह लोगों के लिए एक बेहतरीन कप्तान हैं, यह सिर्फ इसलिए नहीं कि वह मैदान पर क्या करते हैं, या बल्लेबाज के रूप में कैसे हैं, या उनके शॉट्स इस प्रारूप में कैसे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ कोच के तौर पर कभी-कभी आपके दिमाग में कई बातें चल रही होती हैं, लेकिन जब आप जानते हैं कि सूर्यकुमार माहौल को शांत बनाए रखेंगे, जैसा किसी भी कोच का सपना होता है, तो बहुत कुछ आसान हो जाता है।’’
भारत ने सूर्यकुमार की शानदार बल्लेबाजी के बूते शनिवार को विश्व कप के अपने शुरुआती मैच में अमेरिका को हराया। भारतीय कप्तान ने एक छोर से विकेटों के पतझड़ के बीच 49 गेंदों में नाबाद 84 रन के साथ पारी को संभाला था।
भारतीय टीम बृहस्पतिवार को अब यहां नामीबिया के खिलाफ खेलेगी।
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टी20 विश्व कप 2026 में सोमवार को कोलकाता के ईडन गार्डन में इटली और स्कॉटलैंड के बीच मैच खेला गया। इटली पहली बार क्रिकेट विश्व कप का मैच खेलने उतरी थी जिसमें उसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा। यह मैच तीन रिकॉर्ड्स के लिए भी याद किया जाएगा।
पहले बल्लेबाजी करते हुए स्कॉटलैंड ने 4 विकेट पर 207 रन बनाए। टी20 विश्व कप में किसी भी एसोसिएट देश का एक पारी में यह सबसे बड़ा स्कोर है। पूर्व में यह रिकॉर्ड यूएसए के नाम था। टी20 विश्व कप 2024 में यूएसए ने कनाडा के खिलाफ दूसरी पारी में 3 विकेट पर 197 रन बनाकर जीत हासिल की थी।
इस मैच में स्कॉटलैंड ने 73 रन से जीत दर्ज की। टी20 विश्व कप में किसी एसोसिएट देश की रनों के अंतर के हिसाब से यह दूसरी सबसे बड़ी जीत है। पहले स्थान पर नेपाल है। नेपाल ने 2014 में हांगकांग को 80 रन से हराया था।
स्कॉटलैंड के माइकल लिस्क ने 4 ओवर में 17 रन देकर 4 विकेट लिए। एसोसिएट देश के किसी गेंदबाज का टी20 विश्व कप में यह तीसरा श्रेष्ठ प्रदर्शन है। पहले स्थान पर नीदरलैंड के अहसान मलिक हैं। अहसान मलिक ने 2014 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 19 रन देकर 5 विकेट लिए थे। दूसरे स्थान पर भी नीदरलैंड के ही पॉल वैन मीकेरेन हैं। 2016 में उन्होंने आयरलैंड के खिलाफ 11 रन देकर 4 विकेट लिए थे।
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भारतीय बल्लेबाज लोकेश राहुल के 24वें प्रथम श्रेणी शतक की बदौलत कर्नाटक ने सोमवार को यहां 42 बार के चैंपियन मुंबई को चार विकेट से हराकर रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
राहुल ने 182 गेंद में 14 चौकों और एक छक्के से 130 रन की पारी खेली जिससे कर्नाटक ने 325 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए छह विकेट पर 325 रन बनाकर जीत दर्ज की
बेंगलुरु में अगले हफ्ते होने वाले सेमीफाइनल में कर्नाटक की भिड़ंत अब उत्तराखंड से होगी।
भारत की टेस्ट और एकदिवसीय टीम के अहम सदस्य राहुल को रविचंद्रन स्मरण (नाबाद 83, 123 गेंद, 11 चौके) के रूप में उम्दा जोड़ीदार मिला। दोनों ने मैच के चौथे दिन चौथे विकेट के लिए 147 रन की साझेदारी करके कर्नाटक की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राहुल की पारी की बदौलत आठ बार का चैंपियन कर्नाटक लंच तक तीन विकेट पर 265 रन बनाकर बेहद मजबूत स्थिति में था।
राहुल हालांकि लंच के तुंरत बाद तुषार देशपांडे का शिकार बने।
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तेज गेंदबाज आकिब नबी के करियर के सर्वश्रेष्ठ 12 विकेट से जम्मू कश्मीर ने रणजी ट्रॉफी क्वार्टर फाइनल मैच के चौथे दिन सोमवार को यहां मध्य प्रदेश को 56 रन से हराकर अपने 67 साल के इतिहास में पहली बार सेमीफाइनल में जगह पक्की की।
पहली पारी में सात विकेट चटकाने वाले 29 साल के नबी ने दूसरी पारी में पांच विकेट झटके जिससे जीत के लिए 291 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही 2021-22 की चैंपियन मध्य प्रदेश की टीम 234 रन पर आउट हो गयी।
जम्मू कश्मीर के सामने सेमीफाइनल में बंगाल और आंध्र के बीच खेले जा रहे क्वार्टर फाइनल से आगे बढ़ने वाली टीम की चुनौती होगी।
दूसरे सेमीफाइनल में उत्तराखंड की टक्कर कर्नाटक से हागी।
आकिब ने बीते दिन 23 रन देकर तीन विकेट लिये थे जिससे मध्य प्रदेश का स्कोर दूसरी पारी में पांच विकेट पर 84 रन था। आकिब ने मैच के चौथे दिन रामवीर गुर्जर (11) और फिर मध्य प्रदेश की आखिरी उम्मीद सारांश जैन (81 गेंद में 64 रन) को आउट कर मैच में दूसरी बार पांच विकेट झटकने का कारनामा पूरा किया।
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ओलंपिक की दोहरी कांस्य पदक विजेता मनु भाकर सोमवार को यहां स्वर्ण पदक जीतने के बेहद करीब पहुंचकर रोमांचक शूट ऑफ में पिछड़ गईं जिससे उन्हें एशियाई चैंपियनशिप की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में रजत पदक से संतोष करना पड़ा जबकि उनकी साथी भारतीय निशानेबाज ईशा सिंह को कांस्य पदक मिला।
महाद्वीपीय प्रतियोगिता के मौजूदा सत्र के सबसे करीब मुकाबले में से एक में स्वर्ण पदक विजेता एनगुयेन थुय ट्रेंग और मनु दोनों ने फाइनल में समान 35 का स्कोर किया। इसके बाद मुकाबला शूट ऑफ में खिंचा जिसमें वियतनाम की खिलाड़ी ने बाजी मार ली।
फाइनल में पूर्व एशियाई एयर पिस्टल चैंपियन ट्रेंग, मनु, ईशा और ओलंपियन रिदम सांगवान सभी स्वर्ण के लिए एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दे रहे थे।
ईशा ने पहली सीरीज में परफेक्ट पांच अंक से शुरुआत की जबकि मनु और ट्रेंग ने चार-चार अंक के निशाने लगाए। हर सीरीज के बाद पदक की दौड़ में स्थिति बदल रही थी लेकिन छठी सीरीज में परफेक्ट पांच के साथ वियतनाम की खिलाड़ी ने दो अंक की बढ़त बना ली।
मनु और ईशा ने ट्रेंग की खराब सातवीं सीरीज का फायदा उठाया जिसमें वह सिर्फ एक निशाना लगा पाईं जिससे अंतर कम हो गया।
पीटीआई और आईएएनएस के इनपुट के साथ
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