
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने न्यू चंडीगढ़ में तीसरे वनडे के दौरान धीमी ओवर गति के लिए भारत और वेस्टइंडीज पर सोमवार को जुर्माना लगाया।
भारत पर जहां मैच फीस का 20 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया, वहीं वेस्टइंडीज पर 10 प्रतिशत जुर्माना लगा जिसमें दोनों टीम को निर्धारित ओवर गति से क्रमशः चार और दो ओवर कम पाया गया। मैच रेफरी प्रकाश भट्ट ने शनिवार को मैच के बाद यह जुर्माना लगाया।
आईसीसी ने एक बयान में कहा, ‘‘दोनों कप्तानों ने अपराध स्वीकार कर लिए और प्रस्तावित जुर्माने को स्वीकार कर लिया है जिससे औपचारिक सुनवाई की कोई जरूरत नहीं थी।’’
ये आरोप मैदानी अंपायर जयरामन मदनगोपाल और सैम नोगाज्स्की, तीसरे अंपायर शरफुद्दौला इब्ने शाहिद और चौथे अंपायर वीरेंद्र शर्मा ने लगाए थे।
भारत के हेड कोच गौतम गंभीर ने युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी के साथ हुई अपनी बातचीत के बारे में बताया है। गंभीर ने कहा कि उन्होंने 15 वर्षीय खिलाड़ी को समझाया कि अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद, कभी-कभी खिलाड़ी को अपने मौके का इंतजार करना पड़ता है।
गंभीर ने 'जियोस्टार' पर कहा, "यह मेरे लिए भी एक नया अनुभव था। हां, वह अच्छी फॉर्म में थे, लेकिन मैंने उन्हें समझाया कि कभी-कभी, उन खिलाड़ियों की वजह से जिन्होंने लंबे समय से अच्छा प्रदर्शन किया है, उन्हें अपने मौके का इंतजार करना पड़ सकता है। एक और बात, सोशल मीडिया या बाहर की बातें प्लेइंग इलेवन तय नहीं करतीं।"
भारतीय मुख्य कोच ने आगे कहा, "यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि ड्रेसिंग रूम का समीकरण कैसा है, कौन सा खिलाड़ी कोच और कप्तान को मैच जिताने की क्षमता रखता है, तथा टीम की सबसे मजबूत 'प्लेइंग इलेवन' क्या है। इसके साथ ही यह भी देखना होता है कि किसने लंबे समय तक लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है। अगर आज हम वैभव को मौका देते हैं, तो मेरे और टीम से बाहर होने वाले खिलाड़ी- चाहे वह अभिषेक हों या संजू सैमसन के बीच बातचीत काफी मुश्किल होगी।"
उन्होंने आगे कहा, "यही वजह है कि हम अचानक उस टीम संयोजन (कॉम्बिनेशन) को नजरअंदाज नहीं कर सकते, जिसने पिछले डेढ़-दो साल में शानदार प्रदर्शन किया है। लगातार तीन-चार मैचों में असफल होने पर हम अनुभवी खिलाड़ियों को ड्रॉप करके किसी ऐसे युवा को टीम में शामिल नहीं कर सकते, जो भले ही बेहद प्रतिभाशाली और बेहतरीन फॉर्म में हो। खिलाड़ियों को कभी-कभी अपने मौके का इंतजार करना ही पड़ता है, क्योंकि हमारा मुख्य उद्देश्य ड्रेसिंग रूम में सुरक्षा और निरंतरता का माहौल बनाए रखना है।"
भारतीय बल्लेबाज केएल राहुल का कहना है कि वह गेंद पुरानी पड़ जाने के बाद उसके सामने अच्छा प्रदर्शन करने के लिए अपने खेल में सुधार करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि बीच की ओवरों में अधिक से अधिक रन बना सकें।
वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे में 87 गेंदों पर 129 रन बनाने वाले राहुल ने जिओस्टार से कहा, ‘‘आखिरी 10 ओवरों में 80-90 रन बनाना आसान नहीं है। जब गेंद पुरानी और नरम हो जाती है और रिवर्स स्विंग करने लगती है और अगर लांग ऑन और डीप मिडविकेट की बाउंड्री बड़ी हो तो वहां खड़े क्षेत्ररक्षकों को देखते हुए लंबे शॉट खेलना आसान नहीं होता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे तेज गेंदबाजों का सामना करना पसंद है। मैं उनकी गति का फायदा उठा सकता हूं। मैं इसी पर काम कर रहा हूं। पुरानी गेंदों से खेलने की कोशिश कर रहा हूं और उन पर छक्के लगाने में सक्षम बनना चाहता हूं।’’
राहुल ने कहा, ‘‘मैं लगातार अपने खेल में सुधार करने की कोशिश करता हूं। मैं अपनी भूमिका समझता हूं। मैं यह जानता हूं कि नंबर पांच और नंबर छह के बल्लेबाज को लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के लिए क्या करना होता है।’’
बेंगलुरु के इस 34 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि 350 का स्कोर भी अब सुरक्षित नहीं है और ऐसे में मध्य क्रम के बल्लेबाजों को पहले से कहीं अधिक तेजी से रन बनाने की जरूरत है।
अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार 30 अक्टूबर से एक नवंबर तक होने वाली हांगकांग सिक्स सीरीज में आईपीएल सितारों से सजी भारतीय टीम की कप्तानी करेंगे।
भारतीय टीम के अन्य सदस्य क्रुणाल पांड्या, शशांक सिंह, राहुल तेवतिया, नितीश राणा, राहुल त्रिपाठी और टी नटराजन हैं। शशांक को छोड़कर बाकी सभी खिलाड़ी भारत के लिए खेल चुके हैं।
इस टूर्नामेंट के मैचों में केवल छह खिलाड़ी भाग लेते हैं। भुवनेश्वर के पास अंतरराष्ट्रीय और आईपीएल का वर्षों का अनुभव है और वह नई गेंद से प्रभाव डालने की क्षमता रखते हैं, जबकि क्रुणाल पंड्या अदद ऑलराउंडर हैं।
नितीश राणा और राहुल त्रिपाठी शीर्ष क्रम के आक्रामक बल्लेबाज हैं, जबकि शशांक सिंह और राहुल तेवतिया अच्छे फिनिशर हैं। नटराजन की तेज गेंदबाजी भी अंतर पैदा कर सकती है।
भारत मंगलवार को यहां दो बार के विश्व चैंपियन उरुग्वे के खिलाफ होने वाले मैत्री फुटबॉल मैच में ब्राजील से 0-4 की करारी हार के सकारात्मक पक्षों पर ध्यान केंद्रित करके अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करेगा।
भारतीय टीम का बेंगलुरु में विश्व रैंकिंग में 44वें स्थान पर काबिज पनामा को 1-1 से ड्रॉ पर रोकने का उत्साह जल्द ही फीका पड़ गया, क्योंकि ब्राजील ने शनिवार को यहां साल्ट लेक स्टेडियम में उसे फुटबॉल का कड़ा सबक सिखाया।
लेकिन भारत के मुख्य कोच खालिद जमील को विशेषकर पहले 25 मिनट में टीम के बेहतर तालमेल, रक्षात्मक और जवाबी हमले करने की तत्परता के रूप में कुछ सकारात्मक पहलू नजर आए।
यहां तक कि ब्राजील के कोच कार्लो एंसेलोटी ने भी भारतीय टीम के इन पहलुओं पर बात की थी। भारत अब विश्व रैंकिंग में 20वें स्थान पर मौजूद उरुग्वे के खिलाफ इन सीख का इस्तेमाल करना चाहेगा।
पीटीआई और आईएएनएस के इनपुट के साथ
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