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FIFA: अमेरिका पहुंची ईरानी टीम, कल न्यूजीलैंड से मुकाबला, मैच से पहले कप्तान मेहदी बोले- सुखद अनुभव नहीं रहा 2026 WC

मैच से पहले की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कप्तान मेहदी तारेमी ने स्वीकार किया कि इस साल के विश्व कप का माहौल पिछले दो विश्व कपों के मुकाबले काफी अलग है।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया  

FIFA World Cup के लिए ईरान की टीम कल मैक्सिको के तिजुआना में प्रशिक्षण शिविर के बाद लॉस एंजिल्स पहुंची। यह स्थान अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित सोफी एरेना से 225 किलोमीटर दूर है, जहां 16 मई को ग्रुप जी के अपने पहले मैच में उनका मुकाबला न्यूजीलैंड से होगा।

ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद पश्चिम एशियाई टीम की तैयारियों की योजना पूरी तरह से बाधित हो गई, जिसके चलते पूरी टीम को अपना प्रशिक्षण शिविर अमेरिका से बाहर करना पड़ा। टीम को वीजा समस्याओं सहित कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा है।

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2026 विश्व कप एक सुखद अनुभव नहीं रहा- मेहदी तारेमी

मैच से पहले की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कप्तान मेहदी तारेमी ने स्वीकार किया कि इस साल के विश्व कप का माहौल पिछले दो विश्व कपों के मुकाबले काफी अलग है। ईरान के कप्तान मेहदी तारेमी ने कहा कि विश्व कप फुटबॉल के सह-मेजबान अमेरिका के साथ चल रहे उनके देश के युद्ध के कारण उन्हें अभी तक कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है और उनके लिए अभी तक का अनुभव सुखद नहीं रहा है।

तारेमी ने कहा, ‘‘विश्व कप के लिए यहां पहुंचते ही मुझे तनाव महसूस होने लगा था। किसी भी टूर्नामेंट में जब तनाव होता है, तो हमें वह सुखद अनुभव नहीं मिलता जिसके बारे में हम हमेशा शांति और खुशी से बात करते हैं।’’

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'तनाव के बीच फीफा का शांति संदेश कमजोर'

उन्होंने कहा, ‘‘मैं जानता हूं कि ऐसा सिर्फ हमारे साथ ही नहीं हुआ। मुझे पता है कि कई अन्य देशों को भी वीजा संबंधी समस्याओं और अभ्यास शिविरों में बदलाव का सामना करना पड़ा। हमारे विश्व कप के लिए रवाना होने से पहले देश के लोगों में जो भावना और उत्साह होता था और जिस तरह से वे विश्व कप का बेसब्री से इंतजार करते थे, मुझे लगता है कि इस बार शायद उनमें वह भावना नहीं थी।’’

तारेमी ने कहा, ‘‘इस तरह का तनाव उस खुशी को कम करता है जो विश्व कप जैसे टूर्नामेंट में भाग लेने से मिलती है। यह तनाव फीफा के इस संदेश को भी कमजोर करता है कि फुटबॉल शांति लाता है।’’

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कोच आमिर घलेनोई ने क्या कहा?

कोच आमिर घलेनोई ने स्वीकार किया कि फुटबॉल से संबंधित न होने वाले कारकों का टीम पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा। उन्होंने कहा कि इसका फुटबॉल की भावना पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। फुटबॉल को राष्ट्रों और संस्कृतियों के बीच एक सेतु होना चाहिए। मौजूदा परिस्थितियों ने हमारी एकाग्रता को प्रभावित किया है, लेकिन मैं हमेशा खिलाड़ियों को केवल रणनीति और खेल के बारे में सोचने के लिए प्रेरित करने की कोशिश करता हूं। कोच घलेनोई ने जोर देते हुए कहा, मैं मैक्सिकन जनता के समर्थन के लिए अपना आभार व्यक्त करना चाहता हूं। ईरानी लोग मुश्किलों को अवसरों में बदलने के आदी हैं। हम अपने लोगों को खुशी देने के अलावा और कुछ नहीं सोच रहे थे।

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फीफा में ईरान का शेड्यूल

योजना के अनुसार, ईरान को मैचों के लिए अमेरिका की छोटी यात्राओं की ही अनुमति है। वे मैच से एक दिन पहले स्टेडियम पहुंचेंगे और मैच के तुरंत बाद वापस लौट आएंगे। इंगलेवुड में न्यूजीलैंड के साथ मुकाबले के बाद, ईरान सोफी स्टेडियम में बेल्जियम का सामना करेगा, और फिर अंतिम ग्रुप चरण के मैच में मिस्र से भिड़ने के लिए सिएटल जाएगा।

ईरान अपना पहला मुकाबला 16 जून को सुबह 6.30 बजे (IST) न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलेगा। इसके बाद 22 जून को सुबह 12.30 बजे Belgium और 27 जून को Egypt से भिड़ेगा। टीम ग्रुप-जी में शामिल है। पहले दो मुकाबले Los Angeles में खेले जाएंगे, जहां बड़ी संख्या में ईरानी प्रवासी रहते हैं। अंतिम ग्रुप मैच Seattle में होगा।

PTI के इनपुट के साथ

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