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खेल: पहले T20 में भारत के सामने सैमसन और सूर्यवंशी में चयन की दुविधा और एशिया कप फाइनल में भारत की नजरें आठवें खिताब पर

सूर्यवंशी को इंग्लैंड में सैमसन की जगह अंतिम एकादश में जगह दी गई थी लेकिन आखिरी मैच में सैमसन को उतारा गया। भारतीय टीम की नजरें श्रीलंका के खिलाफ रविवार को महिला टी20 एशिया कप फाइनल में श्रीलंका को हराकर आठवीं बार खिताब जीतने पर लगी होंगी।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया 

अफगानिस्तान के खिलाफ पहले टी20 में भारत के सामने सैमसन और सूर्यवंशी में चयन की दुविधा

अफगानिस्तान के खिलाफ रविवार को यहां तीन मैचों की टी20 श्रृंखला के पहले मैच में भारत के सामने दुविधा होगी कि ‘वंडर ब्वॉय’ वैभव सूर्यवंशी को उतारा जाये या संजू सैमसन के अनुभव पर भरोसा किया जाये।

सूर्यवंशी को इंग्लैंड में सैमसन की जगह अंतिम एकादश में जगह दी गई थी लेकिन श्रृंखला के आखिरी मैच में 15 वर्ष के सूर्यवंशी की जगह सैमसन को उतारा गया।

टी20 प्रारूप में सैमसन और अभिषेक शर्मा की जोड़ी कामयाब रही है । उम्मीद है कि कोच गौतम गंभीर और कप्तान श्रेयस अय्यर जापान में होने वाले एशियाई खेलों की अंतिम एकादश तय करने से पहले सैमसन और सूर्यवंशी दोनों को बराबर मौके देंगे ।

'100 फर्स्ट-क्लास मैच खेलना एक बड़ी उपलब्धि': मोहम्मद शमी

भारतीय क्रिकेट टीम से बाहर चल रहे अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी घरेलू क्रिकेट में हर फॉर्मेट में सक्रिय हैं। हाल ही में दलीप ट्रॉफी फाइनल में साउथ जोन के खिलाफ उन्होंने ईस्ट जोन के लिए शानदार गेंदबाजी की। ईस्ट जोन दलीप ट्रॉफी चैंपियन बनी है। 

दलीप ट्रॉफी फाइनल मोहम्मद शमी के करियर का 100वां प्रथम श्रेणी मुकाबला था। शमी ने इस उपलब्धि को बेहद खास बताया है। 

 बीसीसीआई डोमेस्टिक द्वारा एक्स पर साझा किए गए एक वीडियो में शमी ने कहा, "100वां मैच हमेशा खास होता है, चाहे आप शतक बनाएं और पहली बार बल्ला उठाएं या आप 100 मैच खेलें, यह एक बहुत लंबा सफर है, एक लंबा त्याग है और आपकी जिंदगी का एक लक्ष्य है।"

 उन्होंने कहा, "100 फर्स्ट-क्लास मैच खेलना, अपने राज्य को गर्व महसूस कराना, अलग-अलग जगहों पर, अलग-अलग हालात में मैच खेलना और विकेट लेना एक सपना है। यह एक बड़ी बात है।"

जिम्मेदारी लेना मुझे पसंद है, भारत ए की कप्तानी पर बोले देवदत्त पडिक्कल

ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ पुडुचेरी में होने वाले चार-दिवसीय मैचों के लिए बाएं हाथ के बेहतरीन युवा बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल को भारत ए टीम की कमान सौंपी गई है। पडिक्कल अपनी इस नई भूमिका को लेकर काफी उत्साहित हैं।

पडिक्कल 2025-26 रणजी ट्रॉफी सीजन में कर्नाटक का नेतृत्व करते हुए कीमती अनुभव हासिल करने के बाद भारत ए की कप्तानी में करेंगे। उन्होंने लीग स्टेज के आखिर में कर्नाटक के कप्तान के रूप में पदभार संभाला और बल्ले और गेंद दोनों से प्रभावी प्रदर्शन किया। 

क्रिकइन्फो के मुताबिक, पडिक्कल ने कहा, "भारत ए टीम का कप्तान बनना एक शानदार मौका है। मैं इसके लिए उत्साहित हूं। मुझे लगता है कि नेतृत्व एक ऐसी चीज है जिसे करने में मुझे बहुत मजा आता है, खासकर पिछले साल कर्नाटक के साथ शुरुआत करते हुए। यह मेरे लिए सीखने का एक शानदार मौका था, इसलिए मैं उस अनुभव को इंडिया ए सेट-अप में भी ले जाने के लिए बहुत उत्सुक हूं।"

पडिक्कल ने कहा कि उन्हें जिम्मेदारी लेना पसंद है और उनका मानना ​​है कि कप्तानी उन्हें बल्ले से बेहतर प्रदर्शन करने में मदद कर सकती है।

श्रीलंका के खिलाफ महिला एशिया कप फाइनल में भारत की नजरें आठवें खिताब पर

सात बार की चैम्पियन भारतीय टीम की नजरें श्रीलंका के खिलाफ रविवार को महिला टी20 एशिया कप फाइनल में श्रीलंका को हराकर आठवीं बार खिताब जीतने पर लगी होंगी ओर इसके लिये शेफाली वर्मा के साथ दीप्ति शर्मा पर काफी दारोमदार रहेगा ।

दो अर्धशतक समेत 168 रन बना चुकी शेफाली भारत की सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज साबित हुई हैं और टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन उन्होंने बनाये हैं । धीमी और स्पिनरों की मददगार दुबई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की पिच पर भी उन्होंने सहज बल्लेबाजी की है ।

स्मृति मंधाना (154 ) ने एक शानदार शतक लगाया लेकिन दो मैचों में दोहरे अंक तक नहीं पहुंच सकी । शेफाली के प्रदर्शन में निरंतरता रही है । शेफाली को अपने चिर परिचित स्ट्रोक्स खेलने में भी परेशानी नहीं आई जबकि दूसरे बल्लेबाज जूझते नजर आये हैं ।

श्रीलंका की कप्तान चामारी अटापट्टू के साथ सर्वाधिक 11 विकेट ले चुकी दीप्ति ने गेंदबाजी के अलावा बल्ले के जौहर भी दिखाये हैं । बांग्लादेश के खिलाफ सेमीफाइनल में छह गेंद में 13 रन बनाकर उन्होंने भारत को 150 रन के पास पहुंचाया ।

दीप्ति के साथ श्री चरणी और प्रेमा रावत ने भी उम्दा स्पिन गेंदबाजी की है और इन तीनों ने टूर्नामेंट में अपना दबदबा बनाये रखा है ।

दोनों टीमें फाइनल तक के सफर में अपराजेय रही हैं और पिछली बार 2024 में भारत को श्रीलंका ने ही फाइनल में आठ विकेट से हराया था ।

टियाफो को हराकर शेल्टन अमेरिकी ओपन फाइनल में, मुकाबला ज्वेरेव से

अमेरिका के बेन शेल्टन ने हमवतन फ्रांसिस टियाफो को हराकर अमेरिकी ओपन के पुरुष एकल फाइनल में प्रवेश कर लिया, जहां उनका सामना शीर्ष वरीयता प्राप्त अलेक्जेंडर ज्वेरेव से होगा।

स्थानीय खिलाड़ियों के बीच हुए इस मुकाबले को देखने के लिए स्टेडियम दर्शकों से खचाखच भरा था। दोनों का हौसला बढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक और कई मशहूर हस्तियां मौजूद थीं। दोनों पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के फाइनल में जगह बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे थे।

रविवार को होने वाले फाइनल में दर्शकों का समर्थन लगभग पूरी तरह शेल्टन के पक्ष में रहने की उम्मीद है। अब वह लंबे समय से चले आ रहे अमेरिकी ग्रैंड स्लैम खिताब के सूखे को खत्म करने की सबसे बड़ी उम्मीद बन गए हैं।

आठवीं वरीयता प्राप्त शेल्टन ने शुक्रवार को सेमीफाइनल में टियाफो को 4-6, 6-3, 6-3, 7-5 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। खिताबी मुकाबले में उनका सामना शीर्ष वरीयता प्राप्त अलेक्जेंडर ज्वेरेव से होगा। अमेरिका को पुरुष एकल में पिछला ग्रैंड स्लैम खिताब 2003 में मिला था, जब एंडी रॉडिक ने फ्लशिंग मीडोज में अमेरिकी ओपन का खिताब जीता था।

शेल्टन ने कहा, ‘‘मैं यहां अपना सब कुछ झोंकने जा रहा हूं और कोर्ट पर कुछ भी बाकी नहीं छोड़ूंगा। उम्मीद है कि आप सभी आकर मेरा समर्थन करेंगे। आइए, इसे अमेरिका के लिए करते हैं।’’

पीटीआई और आईएएनएस के इनपुट के साथ

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