
आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के खिलाफ अपनी टीम की नौ विकेट से करारी शिकस्त के बाद दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल ने कहा कि उन्हें भी नहीं पता चला कि टीम ने इतनी जल्दी विकेट कैसे गंवा दिए, लेकिन बल्लेबाजों को इसके लिए व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेनी होगी।
पहले बल्लेबाजी का न्योता मिलने पर सोमवार को कैपिटल्स के बल्लेबाज भुवनेश्वर कुमार (पांच रन पर तीन विकेट) और जोश हेजलवुड (12 रन पर चार विकेट) के सामने बेबस नजर आए। टीम ने चार ओवर के अंदर ही आठ रन पर छह विकेट गंवा दिए। टीम की पारी 16.3 ओवर में 75 रन पर सिमट गई। अक्षर ने मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में बल्लेबाजों की विफलता के बारे में पूछे जाने पर कहा कि उन्हें भी नहीं पता कि टीम ने चार ओवर के अंदर छह विकेट कैसे गंवा दिए।
अक्षर ने कहा, ‘‘हमारी किस्मत थोड़ी खराब रही। हमने शुरुआती 15-16 गेंदों पर ही छह विकेट गंवा दिए। मुझे भी पता नहीं चला कि यह कैसे हुआ।’’ उन्होंने कहा, ‘‘किसी भी खिलाड़ी के लिए व्यक्तिगत तैयारी जरूरी है। आप यह कह सकते हैं कि टीम के तौर पर ट्रेनिंग करनी चाहिए, लेकिन हर खिलाड़ी को हर तरह की पिच और शीर्ष स्तर की गेंदबाजी के खिलाफ खेलने के लिए खुद जिम्मेदारी लेनी होगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं जब भी खेलता हूं, चाहे अंतरराष्ट्रीय मैच हो, आईपीएल हो या घरेलू क्रिकेट, पर्याप्त व्यक्तिगत तैयारी के बिना मैदान पर नहीं उतरता हूं।’’
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भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और मौजूदा समय के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज विराट कोहली ने मंगलवार को नई दिल्ली के डीपीएस आरके पुरम में अपने बचपन के कोच राजकुमार शर्मा के क्रिकेट अकादमी के नए ब्रांच का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष रोहन जेटली भी मौजूद थे। विराट कोहली ने अपनी क्रिकेट यात्रा राजकुमार शर्मा के मार्गदर्शन में उनकी वेस्ट दिल्ली क्रिकेट अकादमी से ही शुरू की थी। मौजूद छात्रों को संबोधित करते हुए विराट कोहली ने कहा, "मुझे यहां बुलाने के लिए धन्यवाद। मुझे स्कूलों में बोलने की आदत नहीं है, इसलिए यह मेरे लिए थोड़ा अजीब होगा, क्योंकि मैं क्रिकेट के लिए बहुत पहले ही स्कूल के माहौल से दूर हो गया था, और इसी बारे में मैं बात करने जा रहा हूं। मैं स्कूल के माहौल को समझता हूं। मैं भी उसी प्रक्रिया और दौर से गुजरा हूं, जिसका हिस्सा आप सभी बच्चे अभी हैं। और मैं अपने अनुभव से बस इतना साझा कर सकता हूं कि कैसे मेरे जीवन में बहुत कम उम्र में ही मेरा ध्यान और प्राथमिकताएं बदल गई थीं।"
कोहली ने आगे कहा, "मैं जो कहना चाहता हूं वह यह है कि स्कूल एक ऐसी जगह है जहां आप सीखने आते हैं, आप आगे बढ़ने आते हैं, और आप बेहतर इंसान बनते हैं।" जीवन में शिक्षकों की भूमिका अहम बताते हुए कोहली ने कहा कि सबसे पहले उनके प्रति सम्मान और आदर रखें। वे आपको अपने जीवन का एक हिस्सा दे रहे हैं। उन्हें वह सम्मान, और वह ध्यान व एकाग्रता देना बहुत जरूरी है, जिसकी आवश्यकता है। कोहली ने क्रिकेट के प्रति अपनी शुरुआती प्रतिबद्धता और अपने लक्ष्यों में स्पष्टता के बारे में कहा, "मैंने अपनी जिंदगी में बहुत कम उम्र में ही खेल को चुन लिया था, लेकिन यह फैसला मैंने पूरी ईमानदारी से लिया था। मुझे पूरा यकीन था कि मैं क्रिकेट में ही आगे बढ़ना चाहता हूं, और मुझे खुद से, अपने परिवार से और अपने शिक्षकों से भी पूरी तरह ईमानदार रहना था, ताकि मैं उन्हें बता सकूं कि मैं इसी रास्ते पर चलना चाहता हूं।"
पूर्व भारतीय कप्तान ने छात्रों को अपने सपनों के प्रति इमानदार रहने और पूरी तरह समर्पित रहने की सलाह दी। अकादमी से जुड़ी अपनी याद को साझा करते हुए कोहली ने कहा, "यह उनकी जिंदगी और बचपन का एक बहुत अहम हिस्सा है। मैंने आठ साल की उम्र में अभ्यास करना शुरू किया था, और जब भी मुझे समय मिलता है, मैं आज भी इस अकादमी में आता हूं। यह मेरे बचपन का एक बहुत बड़ा हिस्सा है, और मुझे उम्मीद है कि जो भी बच्चे यहां क्रिकेट सीखने आते हैं, वे इसकी अहमियत समझेंगे और इस अकादमी से कुछ न कुछ जरूर सीखेंगे। मुझे उम्मीद है कि यह स्कूल और यहां के क्रिकेट सेटअप के लिए भी बहुत शानदार साबित होगा। इसलिए, मैं सभी को शुभकामनाएं देता हूं।"
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दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु मजबूत स्थिति में होने का फायदा नहीं उठा पाई जबकि अन्य खिलाड़ियों ने भी महत्वपूर्ण मौकों पर अच्छा प्रदर्शन नहीं किया जिससे भारत उबेर कप में चीन से 0-5 से हारकर इस बैडमिंटन टूर्नामेंट से बाहर हो गया। भारतीय महिला टीम ने मेजबान डेनमार्क से 2-3 की हार के साथ शुरुआत की थी, लेकिन उसके बाद उसने यूक्रेन पर 4-1 से जीत हासिल करके क्वार्टर फाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीद बनाए रखी थी। उबेर कप में 16 बार के चैंपियन चीन से भारत को पिछले तीनों मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है।
सिंधु ने भारत की तरफ से शुरुआत की जबकि उन्नति हुडा और तन्वी शर्मा की जगह अन्य दो एकल मुकाबलों के लिए ईशरानी बरुआ और देविका सिहाग को टीम में शामिल किया गया।सिंधु निर्णायक सेट में 18-12 से आगे थी लेकिन आखिर में वह विश्व की दूसरे नंबर की खिलाड़ी वांग झियी से 16-21, 21-19, 19-21 से हार गईं। इससे चीन ने सोमवार को ग्रुप ए के इस महत्वपूर्ण मुकाबले में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली।
प्रिया कोंजेंगबम और श्रुति मिश्रा पहले युगल मुकाबले में विश्व की नंबर एक जोड़ी लियू शेंग शू और टैन निंग के सामने नहीं टिक पाईं और 11-21, 8-21 से हार गईं। इशारानी बरुआ ने तोक्यो ओलंपिक चैंपियन चेन युफेई के सामने कड़ी चुनौती पेश की लेकिन विश्व में 38वें नंबर की भारतीय खिलाड़ी ने पहले गेम में 20-19 पर एक आसान मौका गंवा दिया। विश्व में चौथे नंबर की खिलाड़ी युफेई ने यह मैच 44 मिनट में 22-20, 21-13 से जीतकर चीन को 3-0 की अजेय बढ़त दिला दी।
दूसरे युगल में त्रीसा जॉली और कविप्रिया सेल्वम की जोड़ी को 59 मिनट तक चले मुकाबले में लूओ जू मिन और झांग शू जियान से 10-21, 21-12, 19-21 से हार का सामना करना पड़ा।विश्व में 43वें नंबर की खिलाड़ी देविका सिहाग ने भी अच्छी शुरुआत की लेकिन वह लय बरकरार रखने में विफल रहीं और तीसरे एकल में विश्व में 97वें नंबर की खिलाड़ी जू वेन जिंग से 21-19, 17-21, 10-21 से हार गईं।
भारत की निगाहें अब पुरुष टीम पर टिकी हैं जो थॉमस कप में ग्रुप ए में अपने आखिरी मुकाबले में चीन का सामना करेगा। 2022 की चैंपियन भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया पर 5-0 की शानदार जीत से पहले ही क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। भारत और चीन इस ग्रुप में शीर्ष पर हैं। भारत ने कनाडा पर 4-1 से जीत के साथ शुरुआत की थी। चीन ने अपने पहले मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को 5-0 से हराया था। उसने सोमवार को कनाडा को 4-1 से पराजित किया। भारत और चीन अब बुधवार को अपने अंतिम ग्रुप मुकाबले में एक दूसरे का सामना करेंगे, जिससे ग्रुप में शीर्ष स्थान पर रहने वाली टीम का फैसला होगा।
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साउथ अफ्रीकी कप्तान लौरा वोल्वार्ड्ट ने आईसीसी विमेंस टी20 प्लेयर्स रैंकिंग में अपने करियर की सबसे ऊंची रेटिंग हासिल कर ली है। वोल्वार्ड्ट हाल ही में भारत के खिलाफ 5 मुकाबलों की टी20 सीरीज में सर्वाधिक रन बनाने वाली खिलाड़ी रही थीं। लौरा वोल्वार्ड्ट ने मौजूदा आईसीसी विमेंस वर्ल्ड कप चैंपियन के खिलाफ पांच पारियों में 82.50 की औसत के साथ 330 रन बनाए थे, जिसमें एक शतक और तीन अर्धशतक शामिल रहे। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' चुना गया। सीरीज को साउथ अफ्रीका ने 4-1 से अपने नाम किया था। लौरा वोल्वार्ड्ट टी20आई बल्लेबाजों की सूची में तीसरे स्थान पर पहुंच गई हैं। अब वह 'नंबर 1' पर काबिज जॉर्जिया वोल से ठीक पीछे हैं। शानदार फॉर्म में चल रही इस साउथ अफ्रीकी खिलाड़ी ने अपने हालिया दमदार प्रदर्शन की बदौलत अपने करियर की सबसे ऊंची रेटिंग हासिल की है।
भारत और साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेली गई इस सीरीज के बाद रैंकिंग में ऊपर चढ़ने वाली खिलाड़ियों में वोल्वार्ड्ट अकेली नहीं हैं। उनके अलावा, ऋचा घोष 2 पायदान ऊपर चढ़कर 22वें स्थान पर और सुने लुस 6 स्थान की छलांग लगाकर 29वें स्थान पर पहुंच गई हैं। शीर्ष टी20आई गेंदबाजों की सूची में मुकाबला अभी भी कड़ा बना हुआ है। इस सूची में पाकिस्तानी स्पिनर सादिया इकबाल सबसे आगे हैं। भारतीय ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा एक स्थान ऊपर चढ़कर चौथे पायदान पर पहुंच गई हैं, जबकि दक्षिण अफ्रीका की स्पिनर नॉनकुलुलेको म्लाबा दो स्थान ऊपर चढ़कर चौथे स्थान पर आ गई हैं। विमेंस टी20 वर्ल्ड कप की शुरुआत 12 जून से होगी, जिससे पहले ये दोनों खिलाड़ी संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर काबिज हैं।
टॉप-10 खिलाड़ियों की सूची से ठीक बाहर, भारत की युवा खिलाड़ी श्री चरणी ने अपने करियर की सबसे ऊंची रैंकिंग हासिल की है। बेनोनी में साउथ अफ्रीकी टीम के खिलाफ सीरीज के आखिरी मैच में 2 विकेट लेने के बाद, वह 12 स्थान ऊपर चढ़कर 11वें स्थान पर पहुंच गई हैं। बांग्लादेश और श्रीलंका के बीच खेली गई घरेलू सीरीज के बाद वनडे रैंकिंग को अपडेट कर दिया गया है, जिसमें बांग्लादेश की कई खिलाड़ियों की रैंकिंग में सुधार हुआ है। बांग्लादेश की अनुभवी खिलाड़ी निगार सुल्तान तीन स्थान ऊपर चढ़कर 35वें पायदान पर और शोभना मोस्तरी पांच स्थान ऊपर चढ़कर 45वें स्थान पर पहुंच गई हैं।
इस बीच, वनडे बॉलिंग रैंकिंग में नाहिदा अख्तर दो पायदान ऊपर चढ़कर 11वें स्थान पर पहुंच गई हैं। मारूफा अख्तर छह स्थान ऊपर चढ़कर 37वें स्थान पर आ गई हैं। श्रीलंकाई कप्तान चामरी अट्टापट्टू वनडे ऑलराउंडर रैंकिंग में एक स्थान ऊपर चढ़कर नौवें स्थान पर पहुंच गई हैं, जबकि वनडे गेंदबाजों की रैंकिंग में 7 स्थान ऊपर चढ़कर संयुक्त रूप से 34वें स्थान पर आ गई हैं। उनकी साथी हर्षिता समरविक्रमा 3 स्थान ऊपर चढ़कर संयुक्त रूप से 20वें स्थान पर हैं।
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न्यूजीलैंड क्रिकेट ने पूर्व अंतरराष्ट्रीय तेज गेंदबाज जेफ अलॉट को अपना नया सीईओ बनाया है। उनका कार्यकाल 1 जुलाई से शुरू होगा। न्यूजीलैंड क्रिकेट द्वारा जारी एक बयान में जेफ अलॉट ने कहा, "एक खिलाड़ी के तौर पर न्यूजीलैंड क्रिकेट का प्रतिनिधित्व करने, महाप्रबंधक के तौर पर काम करने और आठ साल से ज्यादा समय तक बोर्ड निदेशक के तौर पर योगदान देने के बाद, इस संगठन और हमारे खेल से मेरा गहरा जुड़ाव है। मैं बोर्ड खिलाड़ियों, स्टाफ, सदस्य संघों और हमारे व्यावसायिक साझेदारों के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूं, ताकि मजबूत रिश्ते बनाए जा सकें। एक सकारात्मक और रचनात्मक संस्कृति को बढ़ावा दिया जा सके, और मैदान के अंदर और बाहर, दोनों जगह बेहतरीन नतीजे दिए जा सकें।"
न्यूजीलैंड क्रिकेट की प्रमुख डायना पुकेटापु-लिंडन ने इस नियुक्ति की तारीफ करते हुए अलॉट के कौशल और अनुभव के अनोखे मेल को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा, "न्यूजीलैंड के पूर्व प्रतिनिधि के तौर पर क्रिकेट की गहरी विशेषज्ञता, न्यूजीलैंड क्रिकेट में क्रिकेट के पूर्व जनरल मैनेजर और बोर्ड सदस्य के तौर पर अमूल्य अनुभव और मजबूत व्यावसायिक नेतृत्व के अनुभव के रूप में अलॉट इस भूमिका के लिए गुणों का एक ऐसा दुर्लभ और बेहद प्रासंगिक मेल लेकर आए हैं, जो शायद ही कहीं और देखने को मिलता है।" लिंडन ने कहा, "हमें पूरा भरोसा है कि उनका खेल का अनुभव, संस्थागत जानकारी, व्यावसायिक सूझ-बूझ और अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण न्यूजीलैंड क्रिकेट के विकास और विस्तार के अगले चरण में नेतृत्व करने के लिए सबसे उपयुक्त व्यक्ति बनाते हैं।"
जेफ अलॉट क्रिकेट प्रशासन में लगभग 20 साल के अनुभव के साथ यह जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनके पास व्यापार का भी व्यापक अनुभव है और भारत तथा पूरे दक्षिण एशियाई क्षेत्र में उनके मजबूत संबंध हैं। क्रिकेट प्रशासन से अलॉट का जुड़ाव बहुत गहरा है। वह 2002 में न्यूजीलैंड क्रिकेट खिलाड़ी संघ के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। बाद में, उन्होंने 2011 से 2013 तक कैंटरबरी क्रिकेट बोर्ड में काम किया और 2013 में न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड में शामिल हुए। निदेशक के तौर पर अपने आठ साल के कार्यकाल के दौरान, उन्होंने अहम योगदान दिया। 2021 में बोर्ड में बदलाव के तहत उन्होंने अपना पद छोड़ दिया। क्रिकेट में उनके योगदान को देखते हुए 2022 में उन्हें न्यूजीलैंड क्रिकेट की आजीवन सदस्यता से सम्मानित किया गया। वह न्यूजीलैंड क्रिकेट के छठे सीईओ बने हैं। उन्होंने स्कॉट वीनिंक की जगह ली है, जिन्होंने दिसंबर में अपना पद छोड़ दिया था। इस पद पर पहले क्रिस डोइग, मार्टिन स्नेडेन, जस्टिन वॉन और डेविड व्हाइट जैसे लोग रह चुके हैं। खास बात यह है कि अलॉट के पास न्यूजीलैंड क्रिकेट में पहले भी कार्यकारी अनुभव रहा है। उन्होंने 2008 से 2010 तक महाप्रबंधक के तौर पर काम किया था।
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