
भारत के खिलाफ 'विमेंस एशिया कप 2026' का मैच गंवाने के बाद पाकिस्तानी कप्तान फातिमा सना को एक और झटका लगा है। कप्तान को 'आईसीसी आचार संहिता' के लेवल 1 के उल्लंघन का दोषी पाया गया है, जिसके चलते उन पर मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है। इसके साथ ही उनके खाते में एक डिमेरिट अंक भी जोड़ा गया है। यह घटना भारत की बल्लेबाजी के दौरान दूसरे ओवर की आखिरी गेंद पर तब घटित हुई, जब फातिमा ने ओपनर शेफाली वर्मा को 'कॉट-एंड-बोल्ड' आउट करने के बाद पवेलियन की ओर इशारा किया था। पहले बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तानी टीम 18.1 ओवरों में 55 रन पर ढेर हो गई। इसके जवाब में भारत ने मैच 8.4 ओवरों में 7 विकेट शेष रहते अपने नाम किया।
आईसीसी ने सोमवार को एक बयान में कहा कि फातिमा सना को खिलाड़ियों और खिलाड़ी सहायता कर्मियों के लिए आईसीसी आचार संहिता के आर्टिकल 2.5 का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया। यह नियम 'ऐसी भाषा, हरकत या इशारों के इस्तेमाल से संबंधित है जो अपमानजनक हों, या जिनसे किसी इंटरनेशनल मैच के दौरान बल्लेबाज के आउट होने पर आक्रामक प्रतिक्रिया भड़क सकती हो।' यह 24 महीनों के भीतर फातिमा का दूसरा अपराध है, जिसके साथ फातिमा सना के कुल डिमेरिट प्वाइंट्स की संख्या 2 हो गई है।
इससे पहले, उन्हें 6 अगस्त 2025 को डबलिन में आयरलैंड के खिलाफ टी20 मैच के दौरान डिमेरिट प्वाइंट दिया गया था। पाकिस्तानी कप्तान पर ये आरोप ऑन-फील्ड अंपायर निमाली परेरा और शथिरा जाकिर जेसी के साथ-साथ थर्ड अंपायर रुकैया सुल्ताना और फोर्थ अंपायर रबाब अहसान ने लगाए थे। 'लेवल 1' के उल्लंघन के लिए न्यूनतम सजा आधिकारिक फटकार है, और अधिकतम सजा खिलाड़ी की मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना और एक या दो डिमेरिट प्वाइंट्स हो सकती है।
आईसीसी ने बताया, "फातिमा ने अपराध स्वीकारते हुए एमिरेट्स आईसीसी इंटरनेशनल पैनल ऑफ मैच रेफरी की सुप्रिया रानी दास की ओर से प्रस्तावित सजा को स्वीकार कर लिया, इसलिए औपचारिक सुनवाई की कोई जरूरत नहीं थी।" भारत और श्रीलंका की टीमें विमेंस एशिया कप 2026 के सेमीफाइनल में अपना-अपना स्थान पक्का कर चुकी हैं। अगर सोमवार को फातिमा की कप्तानी वाली पाकिस्तानी टीम हांगकांग, चीन के खिलाफ जीत दर्ज करती है, तो उसे भी सेमीफाइनल का टिकट मिल जाएगा। वहीं, 'ग्रुप-बी' में बांग्लादेश और यूएई के बीच 8 सितंबर को खेला जाने वाला मैच अंतिम सेमीफाइनलिस्ट तय करेगा।
साउथ जोन के खिलाफ एमए चिदंबरम स्टेडियम में जारी दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल मैच में कप्तान ईशान किशन ने 270 रनों की पारी खेली, जिसके दम पर ईस्ट जोन का पलड़ा काफी भारी नजर आ रहा है। दूसरे दिन की समाप्ति तक टीम 708 के स्कोर पर सिमट गई। इस पारी में ईस्ट जोन ने कुल 163 ओवरों का सामना किया। रविवार को टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी ईस्ट जोन को सलामी जोड़ी ने शानदार शुरुआत दिलाई। वैभव सूर्यवंशी ने अभिमन्यु ईश्वरन के साथ पहले विकेट के लिए 88 गेंदों में 100 रन की साझेदारी की। वैभव 37 गेंदों में 1 छक्के और 5 चौकों के साथ 44 रन बनाकर बनाकर आउट हुए, जिसके बाद ईश्वरन ने शिखर मोहन के साथ दूसरे विकेट के लिए 33 रन जुटाए। ईश्वरन 86 गेंदों में 11 बाउंड्री के साथ 72 रन बनाकर आउट हुए। कुछ देर बाद टीम ने 147 के स्कोर पर सुदीप कुमार (6) के रूप में तीसरा विकेट भी गंवा दिया।
यहां से कप्तान ईशान किशन ने मोर्चा संभाला। उन्होंने शिखर मोहन के साथ चौथे विकेट के लिए 94 रन की साझेदारी की। शिखर 3 छक्कों और 9 चौकों के साथ 85 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद ईशान ने कुमार कुशाग्र के साथ पांचवें विकेट के लिए 230 रन की साझेदारी की। कुमार कुशाग्र 132 गेंदों में 5 छक्कों और 8 चौकों के साथ 101 रन बनाकर आउट हुए। टीम ने 471 के स्कोर पर अपना पांचवां विकेट गंवाया, जिसके बाद ईशान ने अनुकूल रॉय के साथ 140 रन जुटाकर टीम को 600 के पार पहुंचा दिया। ईशान 250 रन की पारी खेलकर रिटायर्ड हर्ट होकर ड्रेसिंग रूम लौटे। उन्होंने 301 गेंदों में 27 चौके और 7 छक्के लगाए थे।
इसके बाद मोहम्मद शमी (28) ने कुनैन कुरैशी (40) के साथ 54 रन की साझेदारी करते हुए टीम को 650 के पार पहुंचाया। टीम को 680 के स्कोर पर सातवां झटका लगा, जिसके बाद कप्तान ईशान एक बार फिर से बल्लेबाजी के लिए उतरे। टीम ने कप्तान के रूप में अपना नौवां विकेट गंवाया, जिन्होंने 334 गेंदों में 7 छक्कों और 30 चौकों के साथ 270 रन की पारी खेली। त्रिपुरण विजय ने पारी के 163वें ओवर में ईशान किशन के साथ मुकेश कुमार (0) का विकेट भी चटकाया। साउथ जोन के लिए त्रिपुरण विजय ने कुल 42 ओवर गेंदबाजी की, जिसमें 180 रन देकर 4 विकेट निकाले। इनके अलावा, चामा मिलिंद और श्रेयस गोपाल ने 2-2 विकेट हासिल किए। शेख रशीद को 1 सफलता हाथ लगी।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने सोमवार को इंग्लैंड के खिलाफ पहले दो टेस्ट मुकाबलों में टीम के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद खिलाड़ियों के अनुशासन और व्यवहार संबंधी मुद्दों की जांच के लिए आंतरिक अनुशासनात्मक जांच शुरू कर दी है। यह कदम हेडिंग्ले और लॉर्ड्स में पहले दो टेस्ट मैचों में मिली करारी हार के बाद बोर्ड की सख्त प्रतिक्रिया के तौर पर उठाया गया है। इस हार के बाद विकेटकीपर मोहम्मद रिजवान, ओपनिंग बल्लेबाज इमाम-उल-हक और टी20 कप्तान सलमान अली आगा समेत सात खिलाड़ियों को दौरे के बीच में ही घर वापस भेज दिया गया था।
पीसीबी के मीडिया और डिजिटल कम्युनिकेशंस डायरेक्टर आमिर मीर ने पुष्टि की कि ड्रेसिंग रूम में अशांति के बारे में स्थानीय मीडिया में आ रही खबरों के जवाब में एक आंतरिक समीक्षा शुरू की गई है। मीर ने सोमवार को 'एक्स' पर कहा, "पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अनुशासन और आचरण से जुड़ी मीडिया खबरों के बाद एक आंतरिक अनुशासनात्मक जांच शुरू की है, जिनकी अभी आंतरिक रूप से समीक्षा की जा रही है। पीसीबी ऐसे मामलों को अपनी मानक प्रक्रियाओं के अनुसार संभालता है। यह प्रक्रिया पीसीबी के नियमों के तहत की जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी संबंधित व्यक्तियों की बात पर उचित ध्यान दिया जाए।"
हेड कोच सरफराज अहमद और बॉलिंग कोच उमर गुल को भी घर वापस भेज दिया गया था, और उनकी जगह माइक हेसन और एशले नोफके ने ले ली है। मीर ने कहा, "इस समय, कुछ प्लेटफॉर्म पर चल रही अटकलों वाली खबरों या बिना पुष्टि किए गए दावों को- खासकर जो विरोधी बाहरी स्रोतों से आ रहे हैं - विश्वसनीय नहीं माना जाना चाहिए। पीसीबी इस समय और कोई टिप्पणी नहीं करेगा। बोर्ड हितधारकों और जनता को सलाह देता है कि वे पीसीबी की आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।"
मोहसिन नकवी के नेतृत्व वाले पीसीबी प्रशासन को विदेशी दौरे के बीच ऐसे अभूतपूर्व कदम उठाने के लिए पूर्व खिलाड़ियों और विशेषज्ञों की कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा है, जबकि पाकिस्तान अभी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) की अंक तालिका में सबसे नीचे चल रहा है। पाकिस्तानी टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज का पहला मैच पारी और 103 रन से गंवाया था, जिसके बाद अगले मैच में 194 रन से हार का सामना किया। पाकिस्तान सीरीज गंवा चुका है। अब 9 सितंबर से शुरू होने जा रहे तीसरे मैच को जीतकर लाज बचाना इस टीम का मकसद होगा।
भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज का आगाज 13 सितंबर से होने जा रहा है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम इस सीरीज में दमदार प्रदर्शन करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। आइए आपको उन पांच भारतीय खिलाड़ियों के नाम बताते हैं, जिनके प्रदर्शन पर इस सीरीज में खासतौर पर निगाहें होंगी।
वैभव सूर्यवंशी: इंग्लैंड और फिर जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में भारतीय टीम का हिस्सा रहे वैभव को अफगानिस्तान के खिलाफ भी मौका दिया गया है। 15 वर्षीय बल्लेबाज के प्रदर्शन पर इस सीरीज में खासतौर पर निगाहें होंगी। वैभव अफगानिस्तान के स्पिनर्स के खिलाफ किस अप्रोच से खेलते हैं यह देखना दिलचस्प होगा। जिम्बाब्वे के खिलाफ आखिरी टी20 में वैभव ने 81 रनों की दमदार पारी खेली थी। वह दलीप ट्रॉफी में भी अच्छी फॉर्म में नजर आए हैं।
जसप्रीत बुमराह: अफगानिस्तान के खिलाफ ब्रेक के बाद टीम में वापसी कर रहे जसप्रीत बुमराह के प्रदर्शन पर हर किसी की नजरें रहेंगी। बुमराह ने अपना आखिरी टी20 इंटरनेशनल मुकाबला मार्च में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था। बुमराह अगर अपनी लय में नजर आए, तो वो अफगानिस्तान के बल्लेबाजों के लिए बड़ा सिरदर्द साबित हो सकते हैं।
संजू सैमसन: इंग्लैंड के खिलाफ फ्लॉप शो के बाद संजू सैमसन को जिम्बाब्वे के खिलाफ हुई टी20 सीरीज में टीम में जगह नहीं दी गई है। ऐसे में संजू के ऊपर इस सीरीज में खुद को फिर से साबित करने का दबाव होगा। आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज में सैमसन सिर्फ 5 रन ही बना सके थे। वहीं, इंग्लैंड के खिलाफ वह दो मुकाबलों में 28 रन ही बना सके थे।
रवि बिश्नोई: जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल सीरीज में रवि बिश्नोई का प्रदर्शन दमदार रहा था। विकेट चटकाने के साथ-साथ बिश्नोई काफी किफायती भी रहे थे। ऐसे में अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू सरजमीं पर बिश्नोई के प्रदर्शन पर हर किसी की निगाहें होंगी। बिश्नोई इस सीरीज में शानदार प्रदर्शन करके भारत की टी20 टीम में अपनी जगह पक्की करना चाहेंगे।
नीतीश कुमार रेड्डी: अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज में हार्दिक पांड्या की गैरमौजूदगी में नीतीश कुमार रेड्डी के पास खुद को बतौर ऑलराउंडर साबित करने का बढ़िया मौका होगा। यह देखना भी दिलचस्प होगा कि नीतीश इंजरी से लौटने के बाद अफगानिस्तान के खिलाफ कैसा प्रदर्शन करते हैं।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने तोचिगी प्रान्त के सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड में 22 सितंबर को जापान के खिलाफ होने वाले भारत के टी20 इंटरनेशल मैच को नए क्षेत्रों में क्रिकेट के विस्तार के लिए एक अहम पल बताया है। उन्होंने बताया कि यह मैच क्रिकेट को नए देशों और नए दर्शकों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके साथ ही, यह भारत और जापान के बीच राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे होने के जश्न की शुरुआत का प्रतीक होगा। सैकिया ने सोमवार को 'एक्स' पर लिखा, "भारत-जापान मैच सिर्फ एक क्रिकेट मैच से कहीं ज्यादा है। यह उस दिशा को दिखाता है जिसमें हमारा खेल वैश्विक महत्वाकांक्षा से वैश्विक हकीकत की ओर बढ़ रहा है। यह सफर शुरू हो चुका है और अभी बहुत कुछ होना बाकी है।"
'सुजुकी कप' के लिए खेला जाने वाला यह मैच 'स्पोर्ट 75' का मुख्य शुरुआती कार्यक्रम होगा। यह भारत और जापान के बीच खेल के आदान-प्रदान और सहयोग को मजबूत करने की एक द्विपक्षीय पहल है। सैकिया के लिए इस मैच का महत्व सिर्फ इस मौके तक ही सीमित नहीं है। वह भारत के इस दौरे को उन देशों के दर्शकों तक क्रिकेट पहुंचाने की एक बड़ी कोशिश के तौर पर देखते हैं जहां यह खेल अभी विकसित हो रहा है। उन्होंने लिखा, "क्रिकेट का वैश्विक सफर उन पलों से आकार ले रहा है जो खेल को उसकी पारंपरिक सीमाओं से आगे ले जाते हैं। 22 सितंबर को होने वाला भारत-जापान टी20 इंटरनेशनल मैच ऐसा ही एक पल है जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को जापान ले जा रहा है, नए दर्शकों से जुड़ रहा है और ऐसे क्षेत्र में खेल की मौजूदगी को मजबूत कर रहा है जहां अपार संभावनाएं हैं।"
भारत-जापान मैच क्रिकेट की ओलंपिक महत्वाकांक्षाओं के लिए भी एक अहम मोड़ पर हो रहा है। भारत एशियन गेम्स 2026 के लिए जापान में ही रहेगा, जहां पुरुषों का क्रिकेट मुकाबला 24 सितंबर से 3 अक्टूबर तक होना है। सैकिया ने नए बाजारों में विस्तार को खेल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक सुलभ बनाने के व्यापक मकसद से जोड़ा। उन्होंने कहा, “क्रिकेट को नई जगहों तक पहुंचाने से लेकर ओलंपिक मूवमेंट की ओर एक मजबूत रास्ता बनाने तक, मकसद हमेशा साफ रहा है, क्रिकेट को ज्यादा लोगों तक पहुंचाना, सबको साथ लेकर चलना और इसे सच में ग्लोबल बनाना।”
सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड, जहां आम तौर पर लगभग 500 दर्शक बैठ सकते हैं। उम्मीद है कि इस मैच के लिए इसकी क्षमता बढ़ाकर 2,000 तक कर दी जाएगी। टिकट से जुड़ी जानकारी आयोजकों के आधिकारिक सोशल मीडिया चैनलों के जरिए जारी किए जाने की उम्मीद है। हालांकि, बीसीसीआई के लिए जापान का मैच सिर्फ एक अलग इवेंट नहीं, बल्कि लगातार हो रहे विस्तार का हिस्सा है। सैकिया ने कहा कि उभरते हुए इलाकों में क्रिकेट के विकास में मदद करने में भारतीय बोर्ड की भूमिका है। उन्होंने लिखा, "बीसीसीआई के तौर पर हमारी जिम्मेदारी है कि हम उस नींव को और मजबूत करें और खेल को नए देशों, नए समुदायों और नई पीढ़ियों तक पहुंचाते रहें।”
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए