
मोदी सत्ता से जवाबदेही की मांग को लेकर युवाओं का हुजूम किसी लीडरशिप की तलाश में नहीं था, वह स्वतः चलकर आया था। वह सुबह से जंतर मंतर जाने वाली सड़कों पर मौजूद था। नारे लगा रहा था, भाषण दे रहा था और वीडियो बनाकर अपनी आवाज लाखों लोगों तक पहुंचा रहा था, उसे सीजेपी या किसी पार्टी संगठन का कोई नेता गाइड नहीं कर रहा था, लेकिन भीड़ में अराजकता नहीं थी। लोग 'नरेंद्र मोदी इस्तीफा दो, धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो' के नारे के साथ खुद आंदोलित थे। उन्हें लगता था कि यह उनका कर्तव्य है कि वह इस सरकार को जवाबदेह ठहराए। हरियाणा के झज्जर से आए अनिल चौधरी सत्ता से अकाउंटेबिलिटी की मांग को नेशनल ड्यूटी करार देते हैं, वह कहते हैं कि 'देश जाग चुका है।'
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