मृणाल की बैठक के इस अंक में चर्चा सरकार चलाने के लिए बनी समितियों में नामित सदस्यों और उससे पैदा विवाद पर। आखिर क्यों दिन खत्म होते-होते सरकार को इन समितियों में पूर्व गृहमंत्री और मौजूदा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का नाम भी शामिल करना पड़ा। इसके अलावा आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की सरकार को दी गई सलाह की समीक्षा जिससे संकेत मिलता है कि नागपुर और दिल्ली के बीच दूरियां बरकरार रहने वाली हैं। इसके अलावा पर्यावरण के लिए बेहद घातक ई-कचरे के निस्तारण को लेकर हुई एक अच्छी शुरुआत की जानकारी।
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