मंदी का असर: कार-बाइक ही नहीं ट्रकों की बिक्री भी 60 फीसदी गिरी, मारुति ने बंद किया 2 कारखानों में उत्पादन

मंदी के दौर से गुजर रहे ऑटो सेक्टर का हाल बुरा है। गाड़ियों की बिक्री लगातार गिरने कारण निर्माता कंपनियों पर भी बोझ बढ़ रहा है। एक ओर अगस्त के महीने में ट्रकों की बिक्री में 60 फीसदी की गिरावट हुई है। दूसरी ओर मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने दो के लिए बंद करने का फैसला लिया है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

मोदी सरकार में दिन प्रतिदिन अर्थव्यवस्था गर्त में चली जा रही है। इस बीच एक और बुरी खबर है कि अगस्त के महीने में ट्रकों की बिक्री में 60 फीसदी की गिरावट हुई है और दूसरी ओर मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने गुरुग्राम प्लांट और मानेसर प्लांट को 2 दिनों के लिए बंद कर दिया है।

ऑटो सेक्टर बुरे दौर से बाहर नहीं निकल पा रहा है। खबरों के मुताबिक, व्यावसायिक गाड़ी बनाने वाली कंपनी टाटा मोटर्स, अशोक लेलैंड, वॉल्वो इचर मेकर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा के बिक्री में लगातार गिरावट हो रही है। बीते साल की तुलना में अगस्त में लगभग 60 फीसदी गिरकर 31,067 इकाई रही।

हालांकि कंपनियों ने इस मंदी से निपटने के लिए ग्राहकों को कई ऑफर भी दे रही है, लेकिन सारी योजना उनकी धरी की धरी रह जा रही है। खबरों के मुताबिक, कंपनियां इन हालातों से निपटने के लिए 49 टन से अधिक क्षमता वाले ट्रकों पर 8 से 9 लाख रुपये तक की भारी छूट दे रही हैं। इसके बावजूद ट्रकों की मांग बढ़ती हुई नहीं दिखाई दे रही है।

अब कंपनियां ये उम्मीद लगाकर बैठी है कि एक अप्रैल 2021 से लागू होने वाले बीएस-4 उतर्सन मनकों से पहले भी नए ट्रकों की खरीदारी में बढ़ोतरी आ सकती है।

अगर 2018 के मुकाबले टाटा मोटर्स के वाहनों की बिक्री के आंकड़े देखें तो एक साल में कंपनी की बिक्री में 58 फीसदी की गिरावट आई है और और 5,340 इकाई रही। बाकी सभी वाहन निर्माताओं से टाटा मोटर्स की तुलना करें तो टाटा की गिरावट सबसे ज्यादा है। वहीं दूसरी सबसे बड़ी कंपनी अशोक लेलैंड की बिक्री 70 फीसदी घटकर 3,336 इकाई रही। वॉल्वो इचर व्यावसायिक वाहनों की बिक्री 41.7 और महिंद्रा एंड महिंद्रा की बिक्री 69 फीसदी घट गई है।

साइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स के अध्यक्ष राजन वाधेरा का कहना है कि ट्रक उद्योग के भी बहुत बुरे हालत है। इस समय की हालात ऐसी है कि कंपनियों में निराशा है। उन्होंने आगे कहा कि जब तक उपभोग नहीं बढ़ता और अर्थव्यवस्था बेहतर नहीं होती तब तक बिक्री में बढ़ोतरी संभव नहीं है।

वाधेरा ने आगे कहा, “ट्रक कोई रॉल्स रॉयस नहीं है, जो लोग खरीद कर उसकी नुमाइश करेंगे। जब तक उत्पादित वस्तुओं का यातायात नहीं बढ़ेगा और अर्थव्यवस्था एक बार फिर पटरी पर नहीं लौटेगी तब तक कोई भी ट्रकों में निवेश नहीं करेगा।”

दूसरी ओर आईसीआरए में कॉर्पोरेट रेटिंग्स के सेक्टर प्रमुख और उपाध्यक्ष शमशेर दीवान ने जानकारी दी है कि थोक बिक्री में कमी आई है क्योंकि सभी वाहनों की मांग में कमी आई है।

गौरतलब है कि इस साल अगस्त में पिछले साल के मुकाबले पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री करीब 30 फीसदी घट गई है। पिछले महीने वित्त मंत्री ने जो राहत का ऐलान किया उसका असर होता नहीं दिख रहा है।

उधर, मारुति सुजुकी गुरुग्राम और मानेसर प्लांट दो दिन के लिए बंद रखेगी। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी अपना गुरुग्राम और मानेसर प्लांट हरियाणा में 7 और 9 सितंबर 2019 को बंद रखेगी। इन दोनों दिन प्रोडक्शन नहीं होगा। ऑटो सेक्टर में स्लोडाउन और सेल गिरने के कारण कंपनी ने अपना प्रोडक्शन बंद किया है।

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Published: 4 Sep 2019, 2:12 PM
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