सिनेजीवन: मास्क पहन काम पर निकले अक्षय कुमार और 'बिग बी' ने साझा की पिता हरिवंश राय बच्चन की शानदार कविता

अमिताभ बच्चन ने हाल ही में अपने पिता की जिस कविता की कुछ पंक्तियां को साझा किया, वो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है और कुछ दिन पहले अक्षय कुमार से पूरी सावधानी के साथ सरकार के लिए एक वीडियो की शूटिंग की थी। इसका वीडियो अब रिलीज कर दिया गया है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

अमिताभ बच्चन ने साझा की पिता हरिवंश की शानदार कविता

अमिताभ बच्चन ने हाल ही में अपने पिता की कविता की कुछ पंक्तियां सबके साथ साझा किया था। इस कविता का नाम है 'अंधेरे का दीपक' जो कि सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रही है। अमिताभ बच्चन ने हरिवंश राय बच्चन की इस कविता को ना सिर्फ हिंदी बल्कि इसको अंग्रेजी में भी ट्रांसलेट किया है। ये कविता काफी शानदार है। कविता को खत्म करने के बाद अमिताभ बच्चन ने लिखा है.. 'मेरे श्रद्धेय बाबूजी के हौसला जगाने वाले काव्यमयी शब्दों में'। हरिवंश राय बच्चन की कविता को लेकर मशहूर है कि वो जीवन में कई चीजों से आपको अवगत कराते रहते हैं और उनकी कविताएं आपके शरीर में एक नई ऊर्जा प्रवाहित करने के लिए काफी होती है।

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फोटो: सोशल मीडिया
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मास्क पहन अक्षय कुमार निकले काम पर, कहा- कोरोनो हो भी गया तो क्या डरना नहीं है

कुछ दिन पहले अक्षय कुमार से पूरी सावधानी के साथ 'सरकार' के लिए एक वीडियो की शूटिंग की थी। इसका वीडियो अब रिलीज कर दिया गया है। जहां पर अक्षय कुमार गले में गमछा डाल, सफेद शर्ट और खाकी पैंट पहनकर पूरे वीडियो में दिखाई दे रहे हैं। इस बार अक्षय कुमार ये मैसेज देने की कोशिश कर रहे हैं कि अगर कोरोना हो भी गया तो सरकार की तरफ से क्या किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्रालय के इस वीडियो में अक्षय बबलू की भूमिका में हैं। जहां पर वह दूर खड़े होकर गांव के मुखिया से बात कर रहे हैं। अक्षय के चेहरे पर मास्क लगा हुआ है। गांव के मुखिया बबलू से कहते हैं कि महामारी फैली हुई और वो टहलने जा रहा है। बबलू इस पर कहता है कि वह टहलने नहीं बल्कि काम पर जा रहा है। मुखिया बोलते हैं कि तूझे डर नहीं लगता, तो बबूल कहता है कि पहले लगता था। लेकिन अब सावधानी लेने के बाद बीमारी का खतरा कम है।

अरशद वारसी ने कहा- मैं 'अभिनय' नहीं करने की पूरी कोशिश करता हूं

अभिनेता अरशद वारसी ने 'मुन्ना भाई' सीरीज 'इश्किया' फिल्मों, 'गोलमाल' सीरीज, 'धमाल', 'जॉली एलएलबी' जैसी फिल्मों में विभिन्न किरदारों के साथ दर्शकों और समीक्षकों को खासा प्रभावित किया है। हाल ही में उन्होंने वेब श्रृंखला 'असुर' में भी काम किया है। अभिनेता का कहना है कि वह अपने हर प्रोजेक्ट में 'अभिनय' नहीं करने की पूरी कोशिश करते हैं। उन्हें लगता है कि अभिनय सिर्फ स्पेशल इफेक्ट्स की तरह है। वह कहते हैं कि "अगर आप स्पेशल इफेक्ट देख सकते हैं" तो काम अच्छा नहीं हुआ। अरशद ने एक कलाकार के रूप में विकसित होने के तरीके को लेकर आईएएनएस को बताया, "मैंने हमेशा माना है कि अभिनय विशेष प्रभावों की तरह है। यदि आप विशेष प्रभाव देख सकते हैं, तो यह बुरा विशेष प्रभाव है। उसी तरह यदि आप अभिनय देख सकते हैं, तो यह बुरा अभिनय है। मैं अपनी पूरी कोशिश करता हूं कि अभिनय न करूं।

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हॉरर शो में अभिनय करना मजेदार है : ईशा चोपड़ा

हॉरर-कॉमेडी वेब सीरीज 'ऑफिशियल भूतियागिरी' में महिला नायक की भूमिका निभाने वाली अभिनेत्री ईशा चोपड़ा का कहना है कि वह भूतों से डरती है लेकिन एक हॉरर शो में अभिनय करना मजेदार था। यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें जीवन में कभी कोई डरावना अनुभव हुआ है, ईशा ने आईएएनएस को बताया, "मुझे हमेशा से भूतों से डर लगता है। मैं उन लोगों में से एक हूं, जो हॉरर फिल्म नहीं देख सकते। यही वजह है कि मेरे लिए हॉरर करना इतना दिलचस्प था जबकि सच्चाई यह है कि मैं वास्तविक जीवन में भूतों से इतना डरती हूं।" उन्होंने आगे कहा, "मेरे मामा मुझे बचपन में डरावनी कहानियां सुनाते थे। वह मुझे बताते थे कि रात में भूत आते हैं और हमारे शरीर में प्रवेश करते हैं, खासकर तब जब हम रात में सोते हैं। बचपन में मैं इससे इतना डर गई थी कि कई सालों तक मैं अपनी पीठ के बल नहीं सोई।"

फोटो: सोशल मीडिया
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मैंने जो नकारात्मक किरदार निभाए हैं उनसे दोस्ती नहीं करना चाहता :अभिषेक बनर्जी

अभिनेता अभिषेक बनर्जी अपनी एक्टिंग से लोगों को जमकर प्रभावित कर रहे हैं। हाल ही में ओटीटी शो 'पाताल लोक' और 'काली 2' में उनका प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा है। अभिषेक का कहना है कि वह स्क्रीन पर विषैले किरदार निभा रहे हैं लेकिन वह इसे अपने ऊपर ढोते नहीं हैं। अभिषेक ने आईएएनएस को बताया, "यदि नकारात्मक चरित्र किसी अभिनेता के दिमाग पर प्रभाव डालने लगे तो हमारा उद्योग बहुत सारे सीरियल किलर पैदा कर देगा। मैं उन्हें दूर से जानना चाहता हूं। मैंने 'पाताल लोक' की शूटिंग के दौरान कैमरे पर त्यागी का जीवन जिया है। लेकिन एक चरित्र में अंदर जाने का समय एक्शन और कट के बीच का होता है। मैं ऐसे किरदार को वास्तविक जीवन में इस तरह का व्यवहार करने के लिए गंभीरता से नहीं ले सकता। इसलिए मैं जिन नकारात्मक किरदारों को निभाता हूं उन्हें अपने ऊपर नहीं लेता। मैं उनसे दोस्ती नहीं करना चाहता।"

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(आईएएनएस के इनपुट के साथ)

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