हिंडनबर्ग के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेगी अडानी ग्रुप, अमेरिकी लॉ फर्म को किया हायर

अडानी ग्रुप ने जिस कंपनी को कानूनी लड़ाई का जिम्मा सौंपा है, उसका नाम वॉचटेल है। ये फर्म दुनिया में फेमस है और इसकी सबसे ज्यादा चर्चा विवादित मामलों में लीगल फाइट करने को लेकर होती रही है।

फोटो: सोशल मीडिया
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शॉर्ट सेलर कंपनी हिंडनबर्ग के रिपोर्ट आने के बाद से अडानी ग्रुप को भारी नुकसान हुआ है। वहीं अडानी ग्रुप अब इस मुद्दे पर कानूनी लड़ाई की तैयारी में है। इसके लिए ग्रुप अमेरिका की बड़ी लॉ फर्म को हायर किया गया है। अडानी ग्रुप ने जिस कंपनी को कानूनी लड़ाई का जिम्मा सौंपा है, उसका नाम वॉचटेल है। ये फर्म दुनिया में फेमस है और इसकी सबसे ज्यादा चर्चा विवादित मामलों में लीगल फाइट करने को लेकर होती रही है। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद से अडानी ग्रुप को बहुत ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है। कंपनी ने अब अपने आप को बचाने के लिए कानूनी रास्ता चुना है।

दरअसल 24 जनवरी को हिंडनबर्ग रिसर्च ने अडानी ग्रुप को लेकर एक रिपोर्ट पब्लिश की थी। रिपोर्ट में ग्रुप पर मनी लॉन्ड्रिंग से लेकर शेयर मैनिपुलेशन जैसे आरोप लगाए गए थे। रिपोर्ट के बाद ग्रुप के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली थी। शुक्रवार यानी 3 फरवरी को अडाणी एंटरप्राइजेज का शेयर 1000 रुपए के करीब पहुंच गया था। हालांकि, बाद में इसमें रिकवरी आई। कंपनी अब हिंडनबर्ग के खिलाफ कानूनी लड़ाई की तैयारी कर रही है।


खबरों के मुताबिक वॉचटेल ने इसके लिए सिरिल अमरचंद मंगलदास फर्म से संपर्क भी किया है। दरअसल सिरिल अमरचंद मंगलदास फर्म अडानी समूह के साथ काम कर रही है। सिरिल अमरचंद मंगलदास का नेतृत्व सिरिल श्रॉफ कर रहे हैं, जिनकी बेटी की शादी गौतम अडानी के बेटे से हुई है। माना जा रहा है कि वॉचटेल जल्दी ही इस मामले पर काम शुरू कर सकती है।

इससे पहले हिंडनबर्ग की रिपोर्ट पर अडानी ग्रुप ने 413 पन्नों का जवाब दिया था। कंपनी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को गलत बताया था। अडानी ग्रुप का कहना था कि उसे बदनाम करने के लिए यह रिपोर्ट लाई गई है। कंपनी अब हिंडनबर्ग के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने वाली है।

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