'पैलेट गन चलाने का किसने दिया आदेश? गृहमंत्री दें जवाब', लोकसभा में गौरव गोगोई का सरकार पर तीखा हमला

लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर गौरव गोगोई ने सरकार पर हमला बोला। जंतर-मंतर पुलिस कार्रवाई, NTA, शिक्षा सुधार और धर्मेंद्र प्रधान पर कई सवाल उठाए।

फोटो: सोशल मीडिया
i

लोकसभा में मंगलवार को एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार की क्रूरता को कभी नहीं भुलाया जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि छात्रों, युवाओं और महिलाओं पर पैलेट गन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का आदेश किसने दिया। साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से पूरे मामले में जवाब देने की मांग की।

जंतर-मंतर आंदोलन और पुलिस कार्रवाई का उठाया मुद्दा

पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर हुए युवाओं के आंदोलन का जिक्र करते हुए गौरव गोगोई ने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों को आशीर्वाद देकर प्रदर्शन में भेज रहे हैं क्योंकि यह उनके भविष्य का सवाल है।

उन्होंने पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए कहा, "हमने लोकतंत्र की ताकत देखी, वहीं सरकार की क्रूरता भी देखी। पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया, पुलिसकर्मी ने एक लड़की को थप्पड़ मारा, महिलाओं को गालियां दीं और उनके कपड़े फाड़े। हम भूलेंगे नहीं। हम गृह मंत्री का जवाब चाहते हैं।"

इसे भी पढ़ें: NTA सुधारों पर कांग्रेस का आरोप, जयराम रमेश बोले- 101 में से 27 सिफारिशें अब भी अधूरी


धर्मेंद्र प्रधान और शिक्षा व्यवस्था पर साधा निशाना

गोगोई ने पूछा कि पैलेट गन और आंसू गैस के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया। उन्होंने बिहार में एके-47 के इस्तेमाल का भी जिक्र किया। पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में 21 छात्रों ने आत्महत्या कर ली। उन्होंने यह भी कहा कि जब धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा देने के बाद संसद परिसर पहुंचे तो भाजपा सांसदों ने उनका स्वागत ऐसे किया, मानो वे पाकिस्तान से जंग जीतकर आए हों।

'यह सुधार नहीं, सिर्फ दिखावे का बिल'

कांग्रेस सांसद ने कहा कि संशोधन विधेयक को पढ़ने के बाद साफ है कि सरकार शिक्षा क्षेत्र में सुधार को लेकर गंभीर नहीं है और यह सिर्फ दिखावे का बिल है। उन्होंने याद दिलाया कि दो वर्ष पहले सरकार 'पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024' लेकर आई थी, लेकिन इसके बावजूद यूजीसी और नीट 2024 परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर पेपर लीक की घटनाएं सामने आईं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए गोगोई ने कहा कि वे इंस्टाग्राम रील्स पर ध्यान देते हैं, जबकि पहली कैबिनेट बैठक में शिक्षा सुधार, पेपर लीक, कोचिंग माफिया और सीबीएसई की ओएमआर शीट जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए थी। उन्होंने दावा किया कि शिक्षा क्षेत्र में लापरवाही के कारण एक लाख से अधिक छात्रों ने आत्महत्या की है।

इसे भी पढ़ें: FIR पर दंडात्मक कार्रवाई पर रोक, गिरफ्तार छात्रों को रिहा करने के निर्देश, प्रदर्शनकारियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत


NTA चेयरमैन पर सवाल, समर्थकों का जताया आभार

गौरव गोगोई ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए एनटीए चेयरमैन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "एनटीए के डीजी को बदला गया लेकिन चेयरमैन को रखा गया। उनका ब्योरा देख लीजिए। वे एक विशेष संगठन से जुड़े हुए हैं।"

उन्होंने एनटीए चेयरमैन के मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में कथित धांधलियों का भी जिक्र किया। कांग्रेस सांसद ने गुरुद्वारों के संचालकों, वकीलों, स्विगी के जरिए भोजन पहुंचाने वाले लोगों और उन सभी नागरिकों का आभार जताया, जिन्होंने आंदोलन कर रहे छात्रों का साथ दिया।

लेख के अंत में गोगोई ने कहा कि छात्र अपने भविष्य को लेकर सड़कों पर उतरे हैं और सरकार को उनकी पीड़ा को गंभीरता से समझना चाहिए।

इसे भी पढ़ें: 'इसमें नया क्या है...?, 'एंटी-पेपर लीक' बिल को लेकर संजय राउत का मोदी सरकार से सवाल, कहा- यह पुराने बिल जैसा

 

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए